लॉकडाउन से वायु प्रदूषण में कमी, शहर की हवा हुई साफ
- पीएम 10 की मात्रा में आई है भारी गिरावट
- खतरनाक पीएम 2.5 श्रेणी का प्रदूषण भी कम
लॉकडाउन के चलते संगमनगरी में वायु प्रदूषण में कमी आई है। हवा में रेस्पीरेबल सस्पेंडेंड पार्टिकुलेट मैटर (पीएम-10) की मात्रा में भारी गिरावट आई है। मौजूदा समय में शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। अधिकतर वाहनों की आवाजाही बंद है। निर्माण कार्यों के साथ अन्य दूसरे प्रोजेक्टों भी बंद हैं। इस वजह से अरसे बाद शहर की हवा साफ हुई है। कार्बन डाई आक्साइड की मात्रा 0.3 पीपीएम के स्तर पर पहुंच गई है। वहीं एक्यूआई भी 38 फीसदी पर आ गई है।
पीएम 10 का सामान्य स्तर 140-150 माइक्रोग्राम प्रतिक्यूबिक मीटर रहता है, जो मौजूदा समय में 38-40 या इससे कम पहुंच गया है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से वायु प्रदूषण का स्तर जांचने के लिए शहर के अशोक नगर, कटरा, बीवाईएनएल, जानसेनगंज, अलोपीबाग समेत पांच स्थानों पर वायु गुणवत्ता मशीनें लगाई हैं।
फिलहाल इन स्थानों से आंकड़ों के बारे में विभाग अनभिज्ञ है। क्षेत्रीय अधिकारी के मुताबिक इसकी मॉनीटरिंग करने वाले वाले एमएनएनआईटी के विशेषज्ञों के पास भी लॉक डाउन की वजह से ताजे आंकड़े नहीं हैं। वैसे भी वह महीना समाप्त होने के करीब दस दिन बाद रिपोर्ट देते हैं।
आरएसपीएम 10 की श्रेणी वाले प्रदूषण के कण सेहत को खराब करते हैं। ये शरीर में पहुंचकर कई तरह का नुकसान पहुंचाते हैं, हालांकि इससे खतरनाक पीएम 2.5 श्रेणी वाला प्रदूषण होता है, ये कण नाक और मुंह के रास्ते शरीर में पहुंचकर जमा हो जाते हैं और इससे कई गंभीर बीमारियां होती हैं। पिछले छह महीने से इनका स्तर 250 से 350 के आसपास रहा। अब स्थिति सामान्य, हवा साफ है।
लॉक डाउन के चलते आरएसपीएम 10 और पीएम 2.5 दोनों का स्तर गिर गया है। आरएसपीएम 10 का सामान्य अपने परिसर में स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रतिक्यूबिक मीटर रहता है, जो सामान्य से भी नीचे चला गया है। रेलवे स्टेशन (जंक्शन) पर लगे एयर क्वालिटी इंडेक्स बोर्ड के मुताबिक वायु प्रदूषण की स्थिति में बेहतर कमी आई है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी जेबी सिंह का कहना है कि पीएम 10 में गिरावट आना राहत की बात है। आगामी दिनों में भी लॅाक डाउन के चलते वाहनों की आवाजाही नहीं होगी, जिससे प्रदूषण कम रहने से स्थिति और सुधरेगी। उन्होंने बताया कि दीपावली के आसपास के आंकड़ों से तुलना करने पर साफ है कि वायु प्रदूषण की स्थिति आश्चर्यजनक रूप से सुधरी है।