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आईईआरटी छात्र की संदिग्ध हालत में मौत
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Thu, 16 Jul 2015 01:09 AM IST
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इलाहाबाद। आईईआरटी में डिप्लोमा सेकेंड ईयर के छात्र गिरीश कुमार मिश्र (22) ने मंगलवार रात एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। रात में एक रिक्शा चालक गिरीश को गंभीर हालत में अस्पताल में छोड़ कर भाग निकला था। कोतवाली पुलिस की सूचना पर घर वाले पहुंचे तो शव देखकर बिलख-बिलख कर रोने लगे।
गाजीपुर जनपद के वीरनपुर गांव निवासी देवेंद्र मिश्र आर्मी से रिटायर हैं। उनका छोटा बेटा गिरीश कुमार मिश्र आईईआरटी में डिप्लोमा सेकेंड ईयर का छात्र था। वह अयोध्या हॉस्टल के रूम नंबर 124 में रहता था। सेकेंड सेमेस्टर के दो पेपर में गिरीश को बैक लगी थी। जिसकी परीक्षा चल रही थी। मंगलवार दोपहर दो बजे से एक पेपर था। गिरीश पेपर देने हॉल में पहुंचा, लेकिन एक घंटे बाद ही बाथरूम जाने का बहाना कर बाहर निकल आया। लौटकर परीक्षा कक्ष में नहीं पहुंचा। वह हॉस्टल भी नहीं गया था।
शाम को एक रिक्शे वाला उसे बेहोशी की हालत में एसआरएन अस्पताल में छोड़कर भाग निकला। पूछताछ में गिरीश ने घरवालों के बारे में पुलिस को बता दिया था। इलाज के दौरान देररात गिरीश की मौत हो गई। गिरीश की मौत के बाद पिता देवेंद्र और पशु चिकित्सक बड़ा भाई अंजनी कुमार एसआरएन पहुंचे। गिरीश का शव देखकर बिलख पड़े। सूचना पर गिरीश के साथ छात्र भी पहुंचे। दोस्तों ने बताया कि आज भी उसका पेपर था। पेपर को लेकर गिरीश काफी परेशान था। वह परीक्षा हॉल से निकलने के बाद हॉस्टल में भी नहीं गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट न होने पर विसरा प्रिजर्व कर लिया गया है। आशंका है कि तनाव में उसने कुछ लिया था। एसएसआई बीपी त्रिपाठी ने बताया कि शक है कि उसने परेशान होकर जहर निगल लिया था। जिसके चलते मौत हो गई।
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गाजीपुर जनपद के वीरनपुर गांव निवासी देवेंद्र मिश्र आर्मी से रिटायर हैं। उनका छोटा बेटा गिरीश कुमार मिश्र आईईआरटी में डिप्लोमा सेकेंड ईयर का छात्र था। वह अयोध्या हॉस्टल के रूम नंबर 124 में रहता था। सेकेंड सेमेस्टर के दो पेपर में गिरीश को बैक लगी थी। जिसकी परीक्षा चल रही थी। मंगलवार दोपहर दो बजे से एक पेपर था। गिरीश पेपर देने हॉल में पहुंचा, लेकिन एक घंटे बाद ही बाथरूम जाने का बहाना कर बाहर निकल आया। लौटकर परीक्षा कक्ष में नहीं पहुंचा। वह हॉस्टल भी नहीं गया था।
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शाम को एक रिक्शे वाला उसे बेहोशी की हालत में एसआरएन अस्पताल में छोड़कर भाग निकला। पूछताछ में गिरीश ने घरवालों के बारे में पुलिस को बता दिया था। इलाज के दौरान देररात गिरीश की मौत हो गई। गिरीश की मौत के बाद पिता देवेंद्र और पशु चिकित्सक बड़ा भाई अंजनी कुमार एसआरएन पहुंचे। गिरीश का शव देखकर बिलख पड़े। सूचना पर गिरीश के साथ छात्र भी पहुंचे। दोस्तों ने बताया कि आज भी उसका पेपर था। पेपर को लेकर गिरीश काफी परेशान था। वह परीक्षा हॉल से निकलने के बाद हॉस्टल में भी नहीं गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट न होने पर विसरा प्रिजर्व कर लिया गया है। आशंका है कि तनाव में उसने कुछ लिया था। एसएसआई बीपी त्रिपाठी ने बताया कि शक है कि उसने परेशान होकर जहर निगल लिया था। जिसके चलते मौत हो गई।
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