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पत्राचार संस्थान को बंद करने पर लगी मुहर
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पत्राचार संस्थान को बंद करने पर लगी मुहर
0 इविवि की एकेडमिक कौंसिल में बनी सहमति
0 आज कार्य परिषद में लिया जाएगा अंतिम निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में बृहस्पतिवार को हुई एकेडमिक कौंसिल की बैठक में पत्राचार संस्थान को बंद करने पर मुहर लग गई। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय कार्य परिषद की बैठक में लिया जाएगा, जिसका आयोजन 26 जुलाई को प्रस्तावित है।
इविवि प्रशासन की ओर से पत्राचार संस्थान में प्रवेश की प्रक्रिया तीन साल पहले ही स्थगित की जा चुकी है। संस्थान की सहायक निदेशक रहीं रेखा सिंह को लंबित वेतन एवं एरियर का भुगतान किए जाने से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पिछली 17 जुलाई को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से इविवि को पत्र जारी कर संस्थान के बारे में जानकारी मांगी गई थी। माना जा रहा है कि इसी के मद्देनजर अचानक इविवि की एकेडमिक कौंसिल की बैठक बुला ली गई और इसमें पत्राचार संस्थान को बंद करने पर मुहर लग गई।
इसके साथ ही पत्राचार संस्थान की इविवि के ऑटोनॉमस संस्थान के रूप में जो स्थिति है, उसे भी डिलीट करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा कुछ अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई लेकिन, उन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। एकेडमिक कौंसिल के बाद अब शुक्रवार को कार्य परिषद की बैठक होनी है, जिसमें पत्राचार संस्थान को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को इस संबंध में रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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गौरतलब है कि पूर्व में इविवि प्रशासन की ओर पत्राचार संस्थान को विश्वविद्यालय का अभिन्न अंग बनाने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया था। यह प्रस्ताव 25 जनवरी 2012 हुई कार्य परिषद में लिए गए एक निर्णय के तहत भेजा गया था। हालांकि, प्रस्ताव को विजिटर यानी राष्ट्रपति ने अस्वीकार कर दिया था। इसके बाद तीन साल से पत्राचार संस्थान में प्रवेश की प्रक्रिया स्थगित थी, लेकिन इसे बंद करने का अधिकृत रूप से कोई निर्णय नहीं लिया गया था। बृहस्पतिवार को एकेडमिक कौंसिल ने इसे बंद करने पर मुहर लगा दी।
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0 इविवि की एकेडमिक कौंसिल में बनी सहमति
0 आज कार्य परिषद में लिया जाएगा अंतिम निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में बृहस्पतिवार को हुई एकेडमिक कौंसिल की बैठक में पत्राचार संस्थान को बंद करने पर मुहर लग गई। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय कार्य परिषद की बैठक में लिया जाएगा, जिसका आयोजन 26 जुलाई को प्रस्तावित है।
इविवि प्रशासन की ओर से पत्राचार संस्थान में प्रवेश की प्रक्रिया तीन साल पहले ही स्थगित की जा चुकी है। संस्थान की सहायक निदेशक रहीं रेखा सिंह को लंबित वेतन एवं एरियर का भुगतान किए जाने से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पिछली 17 जुलाई को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से इविवि को पत्र जारी कर संस्थान के बारे में जानकारी मांगी गई थी। माना जा रहा है कि इसी के मद्देनजर अचानक इविवि की एकेडमिक कौंसिल की बैठक बुला ली गई और इसमें पत्राचार संस्थान को बंद करने पर मुहर लग गई।
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इसके साथ ही पत्राचार संस्थान की इविवि के ऑटोनॉमस संस्थान के रूप में जो स्थिति है, उसे भी डिलीट करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा कुछ अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई लेकिन, उन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। एकेडमिक कौंसिल के बाद अब शुक्रवार को कार्य परिषद की बैठक होनी है, जिसमें पत्राचार संस्थान को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को इस संबंध में रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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गौरतलब है कि पूर्व में इविवि प्रशासन की ओर पत्राचार संस्थान को विश्वविद्यालय का अभिन्न अंग बनाने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया था। यह प्रस्ताव 25 जनवरी 2012 हुई कार्य परिषद में लिए गए एक निर्णय के तहत भेजा गया था। हालांकि, प्रस्ताव को विजिटर यानी राष्ट्रपति ने अस्वीकार कर दिया था। इसके बाद तीन साल से पत्राचार संस्थान में प्रवेश की प्रक्रिया स्थगित थी, लेकिन इसे बंद करने का अधिकृत रूप से कोई निर्णय नहीं लिया गया था। बृहस्पतिवार को एकेडमिक कौंसिल ने इसे बंद करने पर मुहर लगा दी।