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प्रयागराजः बिना मांग पूरी हुए ही नौवें दिन खत्म हुआ मेजा थर्मल पॉवर प्लांट के कर्मचारियों का धरना
Wed, 26 Feb 2020 07:24 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 26 Feb 2020 07:24 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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क्षेत्र के मिश्रा पुरवा में लगे 1980 मेगा वाट के थर्मल पावर प्लांट में अपनी मांगों को लेकर बैठे किसान और कर्मचारियों का धरना नौंवे दिन देर रात आखिरकार बिना किसी मांग के पूरी हुए सिर्फ अधिकारियों के आश्वासन पर धरना समाप्त हो गया।
क्षेत्र में पीपीजीसीएल का 1980 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट शंकरगढ़ के कपारी गांव में लगा है। प्लांट में कई वर्षों से काम कर रहे कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरना करते रहे हैं। लेकिन उनका कहना है कि उनकी मांगे कभी पूरी नहीं हुई। एक बार फि र गत 17 फ रवरी से यहां के कर्मचारी और किसान अपनी मांगों को लेकर कंपनी के गेट पर शांतिपूर्वक धरने पर बैठ गए थे। इस धरने में उपजिलाधिकारी बारा, एडीएम प्रशासन, लेबर इंस्पेक्टर, विधायक बारा अजय भारती, सांसद डा. रीता बहुगुणा जोशी सहित कई आला अधिकारी पहुंचकर किसानों को मनाने का प्रयास कर चुके थे, लेकिन कोई हल न निकलने की वजह से यह धरना खत्म नहीं हो रहा था।
मंगलवार को उपश्रम आयुक्त, एडीएम प्रशासन, एसपी यमुनापार, क्षेत्राधिकारी बारा तथा कंपनी के अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों की मांगों को सुना। उपश्रमायुक्त के सामने कर्मचारियों ने अपनी मांगों को दोहराया। उन्होंने कहा कि आप लोग धरना समाप्त कर दीजिए। हम आपकी मांगों को अभी पूरा नही कर सकता, लेकिन भविष्य में कंपनी से आपका हित अवश्य होगा।
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बताया गया कंपनी की तरफ से कहा गया है कि आप जितने दिन धरने पर बैठे थे, उसका पैसा आपके वेतन में नहीं जुड़ेगा लेकिन हम थोड़ा थोड़ा करके इस नुकसान की भरपाई दूसरे रूप में करेंगे। जिन 95 लोगों को कंपनी निकालने की बात कर रही थी। उस पर कहा गया कि उनके बारे में कंपनी फैसला करेगी लेकिन उन्हें तुरंत नहीं निकाला जाएगा।
कंपनी में स्थाई नौकरी की मांग पर कहा गया कि ये अभी संभव नहीं है। बारा पावर प्लांट में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे कर्मचारी अपनी किसी भी मांग के पूरा न होने पर निराश नजर आए। देर रात तक चली वार्ता की ऊहापोह में कर्मचारियों ने धरना समाप्ति की घोषणा कर दी तथा सभी अपने-अपने घर लौट गए।
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क्षेत्र में पीपीजीसीएल का 1980 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट शंकरगढ़ के कपारी गांव में लगा है। प्लांट में कई वर्षों से काम कर रहे कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरना करते रहे हैं। लेकिन उनका कहना है कि उनकी मांगे कभी पूरी नहीं हुई। एक बार फि र गत 17 फ रवरी से यहां के कर्मचारी और किसान अपनी मांगों को लेकर कंपनी के गेट पर शांतिपूर्वक धरने पर बैठ गए थे। इस धरने में उपजिलाधिकारी बारा, एडीएम प्रशासन, लेबर इंस्पेक्टर, विधायक बारा अजय भारती, सांसद डा. रीता बहुगुणा जोशी सहित कई आला अधिकारी पहुंचकर किसानों को मनाने का प्रयास कर चुके थे, लेकिन कोई हल न निकलने की वजह से यह धरना खत्म नहीं हो रहा था।
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मंगलवार को उपश्रम आयुक्त, एडीएम प्रशासन, एसपी यमुनापार, क्षेत्राधिकारी बारा तथा कंपनी के अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों की मांगों को सुना। उपश्रमायुक्त के सामने कर्मचारियों ने अपनी मांगों को दोहराया। उन्होंने कहा कि आप लोग धरना समाप्त कर दीजिए। हम आपकी मांगों को अभी पूरा नही कर सकता, लेकिन भविष्य में कंपनी से आपका हित अवश्य होगा।
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बताया गया कंपनी की तरफ से कहा गया है कि आप जितने दिन धरने पर बैठे थे, उसका पैसा आपके वेतन में नहीं जुड़ेगा लेकिन हम थोड़ा थोड़ा करके इस नुकसान की भरपाई दूसरे रूप में करेंगे। जिन 95 लोगों को कंपनी निकालने की बात कर रही थी। उस पर कहा गया कि उनके बारे में कंपनी फैसला करेगी लेकिन उन्हें तुरंत नहीं निकाला जाएगा।
कंपनी में स्थाई नौकरी की मांग पर कहा गया कि ये अभी संभव नहीं है। बारा पावर प्लांट में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे कर्मचारी अपनी किसी भी मांग के पूरा न होने पर निराश नजर आए। देर रात तक चली वार्ता की ऊहापोह में कर्मचारियों ने धरना समाप्ति की घोषणा कर दी तथा सभी अपने-अपने घर लौट गए।