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High Court : अधिवक्ता की नजरबंदी पर आगरा पुलिस नहीं दे सकी हलफनामा, हाईकोर्ट खफा

Thu, 20 Mar 2025 07:27 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 20 Mar 2025 07:27 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट आगरा पुलिस से खफा है। बार-बार आदेश के बावजूद पुलिस अधिकारी अदालत को हलफनामें पर यह नहीं बता पा रहे हैं कि प्रशासनिक जज के दौरे के दिन 70 वर्षीय अधिवक्ता को नजरबंद करना क्यों जरूरी था।

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Agra police could not give affidavit on house arrest of advocate, High Court upset
अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट आगरा पुलिस से खफा है। बार-बार आदेश के बावजूद पुलिस अधिकारी अदालत को हलफनामें पर यह नहीं बता पा रहे हैं कि प्रशासनिक जज के दौरे के दिन 70 वर्षीय अधिवक्ता को नजरबंद करना क्यों जरूरी था। कोर्ट ने 27 मार्च तक हलफनामा दाखिल करने की आखिरी मोहलत दी है। साथ ही सुनवाई के वक्त पुलिस उपायुक्त को अदालत में मौजूद रहने का आदेश दिया है।

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यह आदेश न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति डी. रमेश की अदालत ने अधिवक्ता महताब सिंह की याचिका पर दिया है। इससे पहले कोर्ट ने अधिवक्ता को नजरबंद करने पर चिंता जातई थी। जिला जज आगरा से रिपोर्ट तलब के साथ ही आगरा पुलिस से हलफनामा दाखिल कर पूछा था कि प्रशासनिक जज के दौरे के दौरान अधिवक्ता को नजरबंद करने का आदेश वास्तव में किसने दिया था। यह एक अनूठा मामला है या फिर यही पुलिस की कार्यसंस्कृति है।

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आगरा के पीड़ित अधिवक्ता महताब सिंह ने दावा किया है नवंबर 2024 में पुलिस कर्मियों ने शांति भंग की नोटिस देते हुए उन्हें घर में नजरबंद रखा था। पूछने पर बताया कि प्रशासनिक जज के दौरे के मद्देनजर जिला जज के मौखिक आदेश ऐसा पर किया जा रहा है। आशंका थी कि वह वकीलों की समस्याओं को लेकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है।

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इस पर कोर्ट को सरकार की ओर से बताया गया कि 37 साल पुराने मामले में पुलिस कर्मी उन्हें नोटिस देने गये थे। नजरबंद नहीं किया गया था। हलांकि, कोर्ट ने इस दलील को मानने से इन्कार करते हुए जिला जज से सीलबंद रिपोर्ट व पुलिस उपायुक्त आगरा से हलफनामा तलब किया था। मंगलवार को सुनवाई के दौरान अपर शासकीय अधिवक्ता ने हलफनामा दाखिल करने की एक और मोहलत मांगी। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। हलांकि, 27 मार्च तक आखिरी मोहलत दे दी।

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