प्रयागराज: अतीक के ठिकानों पर फिर हुई छापेमारी, कॉल डीटेल्स से धमकी की हुई पुष्टि
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अतीक अहमद के ठिकानों पर सोमवार की रात फिर दबिश दी गई। अतीक के बेटे उमर और साथी जफरुल्ला की तलाश में लखनऊ पुलिस की टीम ने खुल्दाबाद पुलिस के साथ कई जगह छापेमारी की। हालांकि कोई मिला नहीं। लखनऊ की टीम मंगलवार की दोपहर यहां से वापस हुई। देवरिया जेल कांड में आरोपी बनाए गए लोगों को पकड़ने के लिए स्थानीय पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले लखनऊ पुलिस की एक टीम ने शनिवार को भी यहां आकर छापेमारी की थी।
देवरिया जेल में प्रापर्टी डीलर और व्यवसायी मोहित जायसवाल की पिटाई के बाद अतीक अहमद, उनके बेटे उमर, साथी जफरुल्ला समेत कई लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उमर और जफरुल्ला समेत अन्य आरोपियों की तलाश में लखनऊ पुलिस के इंस्पेक्टर राम सूरत सोनकर सोमवार को अपनी टीम के साथ यहां पहुंचे। टीम ने खुल्दाबाद में आमद कराने के बाद रात में स्थानीय पुलिस के साथ देवरिया कांड के आरोपियों के साथ ही अतीक के करीबियों की तलाश में दबिश दी।
कई जगह खोजबीन की गई लेकिन पुलिस को सभी जगह ताले लगे मिले। घटना के बाद सभी करीबी फरार हैं। परिवार के अधिकांश लोग अतीक के साथ बरेली गए हैं। इंस्पेक्टर राम सूरत सोनकर ने अतीक के करीबियों के मोबाइल नंबर लिए हैं। सबकी कॉल डीटेल्स निकलवाई जाएगी। इंस्पेक्टर खुल्दाबाद रोशन लाल ने बताया कि देवरिया कांड के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्थानीय पुलिस भी प्रयास कर रही है। आरोपियों के साथ ही अतीक के करीबियों पर भी नजर रखी जा रही है। लखनऊ पुलिस की टीम मंगलवार की दोपहर यहां से चली गई। आरोपियों की तलाश में लखनऊ से पुलिस की टीम दोबारा आ सकती है।
कॉल डीटेल्स से पुुष्टि, उमेश को धमकाया था अतीक के गुर्गों ने
उमेश पाल को धमकी देकर चार लाख रुपये मांगने के मामले में पुलिस ने अब तक जो जांच की है, उसके मुताबिक तालिब ने जेल में अकबर और फरहान को फोन किया था। पुलिस ने कुछ और संदिग्ध नंबरों की सीडीआर मंगाई है। एक नंबर को सर्विलांस पर लगाया गया है, लेकिन वह बंद है। एफआईआर में उमेश ने रुपये मांगने की बात नहीं लिखाई थी, लेकिन बाद में बाद में विवेचक को दिए बयान में पैसे मांगने की बात कही है।
राजू पाल हत्याकांड में मुख्य गवाह उमेश पाल ने अब तक अतीक और उनके गुर्गों के खिलाफ तीन एफआईआर लिखाई गई है। दिसंबर में उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अतीक के गुर्गे तालिब एसपी सिटी ने उन्हें जबरन रोका और अपने मोबाइल से जेल में बंद अकबर और फरहान से बात कराई। अकबर और फरहान ने अतीक और अशरफ का नाम लेते हुए उमेश को जान से मारने की धमकी दी। उमेश ने एफआईआर में उस नंबर का भी उल्लेख किया था जिससे बात कराई गई थी।
सूत्रों के मुताबिक सीडीआर से इस बात की पुष्टि हो गई है कि तालिब ने जेल में बंद अकबर को फोन किया था। अब टावर से लोकेशन के बारे में जानकारी ली जा रही है। उधर उमेश का बयान लिया गया तो उन्होंने बताया कि अतीक के गुर्गों ने उनसे चार लाख रुपये भी मांगे थे। कहा था कि उसने जो मुकदमे दर्ज कराए हैं, उसमें अकबर और फरहान के चार लाख रुपये लग चुके हैं।
अगर यह पैसे नहीं उमेश ने नहीं दिए तो अंजाम बुरा करने की धमकी दी गई। इस मामले में तालिब के साथ अकबर, फरहान, अतीक और अशरफ के साथ दो अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज है। इस मामले के विवेचक अतुल सिंह ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। सभी नंबरों की काल डीटेल्स आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल उमेश का बयान दर्ज है। तालिब तथा अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।