{"_id":"6690731909d49c5e8806c154","slug":"after-the-death-of-the-married-woman-two-brothers-called-themselves-husbands-allahabad-news-c-358-1-pr11004-113789-2024-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: विवाहिता की मौत के बाद दो भाइयों ने बताया खुद को पति...48 घंटे बाद हो सका पोस्टमार्टम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: विवाहिता की मौत के बाद दो भाइयों ने बताया खुद को पति...48 घंटे बाद हो सका पोस्टमार्टम
विज्ञापन
प्रतापगढ़ के नवाबगंज थाने के जनवा मऊ निवासी एक विवाहिता ने जहरीला पदार्थ खा लिया। एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पंचनामा भरने के दौरान दो भाई खुद को विवाहिता का पति बताने लगे। पुलिस ने शादी का प्रमाण मांगा तो दोनों नहीं दे पाए। असली पति के मसले को सुलझाने में पुलिस को 48 घंटे लग गए। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जा सका।
प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाने के हुलासराय गांव निवासी जगत पाल मजदूरी करते हैं। कोमल (20) उनकी दो बेटियों में छोटी थी। मां उर्मिला ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले कोमल की शादी थी। लड़के की आदत सही न होने की वजह से तीन महीने बाद ही वह शादी टूट गई। उसके बाद बेटी नवाबगंज के जनवा मऊ निवासी शंकर लाल के संपर्क में आ गई। आरोप है कि करीब एक साल पहले शंकर लाल अपने माता-पिता को उसके घर भेजकर बिना शादी किए ही बहला-फुसलाकर अपने साथ घर लेकर चले आए। तभी से उनकी बेटी वहीं पर रह रही थी।
आरोप है कि रविवार को किसी बात को लेकर कोमल और उसके ससुरालियों के बीच झगड़ा हुआ था। इसके बाद उसकी बेटी को जहरीला पदार्थ खिला दिया गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। हालत बिगड़ने पर नौ जुलाई रात करीब 12 बजे उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां करीब दो घंटे बाद उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
देवर ने खुद को पति बताकर कराया था भर्ती
मामला तब उलझ गया जब पंचनामा भरने के दौरान विवाहिता का देवर भी खुद को उसका पति बताने लगा। हालांकि, प्रमाण दोनों नहीं दे पाए। सूचना सिविल लाइंस एसीपी श्वेताभ पांडेय को दी गई तो उन्होंने बिना प्रमाण के पंचनामा पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। उसके बाद चौकी इंचार्ज विवेक राय ने पिता से प्रार्थना पत्र लिखवाकर ले गए तब जाकर मौत के करीब 48 घंटे बाद शव का पोस्टमार्टम हो सका।
विज्ञापन
प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाने के हुलासराय गांव निवासी जगत पाल मजदूरी करते हैं। कोमल (20) उनकी दो बेटियों में छोटी थी। मां उर्मिला ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले कोमल की शादी थी। लड़के की आदत सही न होने की वजह से तीन महीने बाद ही वह शादी टूट गई। उसके बाद बेटी नवाबगंज के जनवा मऊ निवासी शंकर लाल के संपर्क में आ गई। आरोप है कि करीब एक साल पहले शंकर लाल अपने माता-पिता को उसके घर भेजकर बिना शादी किए ही बहला-फुसलाकर अपने साथ घर लेकर चले आए। तभी से उनकी बेटी वहीं पर रह रही थी।
विज्ञापन
आरोप है कि रविवार को किसी बात को लेकर कोमल और उसके ससुरालियों के बीच झगड़ा हुआ था। इसके बाद उसकी बेटी को जहरीला पदार्थ खिला दिया गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। हालत बिगड़ने पर नौ जुलाई रात करीब 12 बजे उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां करीब दो घंटे बाद उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
देवर ने खुद को पति बताकर कराया था भर्ती
मामला तब उलझ गया जब पंचनामा भरने के दौरान विवाहिता का देवर भी खुद को उसका पति बताने लगा। हालांकि, प्रमाण दोनों नहीं दे पाए। सूचना सिविल लाइंस एसीपी श्वेताभ पांडेय को दी गई तो उन्होंने बिना प्रमाण के पंचनामा पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। उसके बाद चौकी इंचार्ज विवेक राय ने पिता से प्रार्थना पत्र लिखवाकर ले गए तब जाकर मौत के करीब 48 घंटे बाद शव का पोस्टमार्टम हो सका।