कायाकल्प के बाद कचहरी भी होगी ‘स्मार्ट’
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स्मार्ट सिटी की कचहरी भी स्मार्ट होगी। कचहरी में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस अदालतों के अतिरिक्त वकीलों के लिए सुनियोजित चैंबर, साफ -सुथरा परिसर और व्यवस्थित पार्किंग की भी व्यवस्था की जाएगी। इतना ही नहीं वकीलों के लिए अलग टाउनशिप भी होगी। शनिवार को जिला न्यायालय परिसर में निर्माणाधीन अदालतों का निरीक्षण करने आए इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वीके शुक्ला और जिला न्यायालय के प्रशासनिक जज न्यायमूर्ति पंकज मित्तल ने कहा कि हाईकोर्ट की देखरेख में इस योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा और इसके लिए किसी भी तरह से धन की कमी आड़े नहीं आएगी।
जिला अधिवक्ता संघ की ओर से आयोजित स्वागत समारोह में जस्टिस वीके शुक्ला ने कचहरी के कायाकल्प की बात कही। बोले, चाहते हैं कि अतिक्रमण से मुक्त कचहरी का परिसर साफसुथरा हो ताकि अधिवक्ता अच्छे तरीके से न्यायिक कार्य कर सके। उन्हाेंने प्रदेश के जिला न्यायालयों में हाईकोर्ट की ओर से वकीलों को चैंबर बना कर देने की योजना का जिक्र करते हुए वकीलों से सहयोग की अपेक्षा की।
प्रशासनिक जज पंकज मित्तल ने कहा, हम इलाहाबाद की कचहरी को स्मार्ट कचहरी के रूप में विकसित करना चाहते हैं। विकास पहली प्राथमिकता है। साफ-सुथरी जगह में अधिवक्ता बेहतर काम कर सकेंगे । परिसर में टाउनशिप तरीके से वकीलों का चैंबर बनाया जाएगा। खाली जमीन पर वकीलों के लिए ढाई सौ चैंबर बनाए जाएंगे। जिला न्यायालय परिसर के उत्तरी भाग में निर्माणाधीन भवन परिसर में सत्र न्यायालय और बहुमंजिली इमारत में मजिस्ट्रेट और मुंसिफ कोर्ट काम करेगी । परिसर में पार्किंग,रिकार्ड रूम, लिफ्ट आदि से जुड़ी समस्याओं से भी निजात मिलेगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता केबी तिवारी और संचालन मंत्री राजेंद्र प्रसाद मिश्र रज्जू ने किया । जिला जज वीके श्रीवास्तव विशेष अतिथि के रुप में मौजूद रहे। एडीजे रामकुशल, मलखान सिंह, सीजेएम शिखा श्रीवास्तव, एसीजेएम डा.एके सिंह के अतिरिक्त पूर्व अध्यक्ष विनोद चंद्र दुबे, राजेंद्र श्रीवास्तव, उमाशंकर तिवारी, शीतला प्रसाद मिश्र सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद थे।