Prayagraj : फाफामऊ के बाद झूंसी का शास्त्री ब्रिज एक महीने के लिए होगा बंद, टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है पूरी
फाफामऊ के चंद्र शेखर आजाद पुल के बाद एक महीने के लिए झूंसी से शहर को जोड़ने वाले लाल बहादुर शास्त्री पुल को मरम्मत के लिए बंद करने की तैयारी है।
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फाफामऊ के चंद्र शेखर आजाद पुल के बाद एक महीने के लिए झूंसी से शहर को जोड़ने वाले लाल बहादुर शास्त्री पुल को मरम्मत के लिए बंद करने की तैयारी है। लोक निर्माण विभाग की तरफ पुल की दोनो लेन को 15-15 दिनों के अंतराल में बद करने की मांग जिला प्रशासन से की गई है। ऐसे में फाफामऊ पुल की मरम्मत का पूरा होने के बाद शास्त्री ब्रिज पर तुरंत काम शुरू होने की संभावना है।
गंगा नदी पर बने लाल बहादुर शास्त्री ब्रिज की बेयरिंग, स्पेंशन ज्वाइंट से लेकर कई अन्य कार्य होने हैं। जिसके चलते महाकुंभ से पहले टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया था। लखनऊ की कार्यदाई संस्था करीब 14 करोड़ रुपए की लागत से पुल की मरम्मत का काम करेगी। मगर महाकुंभ के दौरान पुल की मरम्मत का काम नहीं शुरू हो सका। इस दौरान पुल के निचले भाग की मरम्मत का काम किया गया। जिसमें पुल की करीब 500 बेयरिंग फरवरी महीने से बदलनी शुरू की गई। जो कि अब यह काम पूरा हो चुका है। वाराणसी, जौनपुर सहित कई अन्य जिलों को प्रयागराज से जोड़ने वाला यह पुल करीब 57 वर्ष से भी अधिक पुराना है। ऐसे में पुल की मरम्मत बड़े स्तर पर किए जाने की दरकार है।
फाफामऊ पुल पर संशय बरकरार
वहीं दूसरी तरफ फाफामऊ पुल की मरम्मत को लेकर पुल बंद करने की तिथि पर बराबर संशय बना हुआ है। सूत्रों की मानें तो फिलहाल अगले एक हफ्ते तक पुल बंद होने की संभावना नहीं है। इसी बीच प्रशासन पुल के मरम्मत की तिथि तय करेगा। क्योंकि पुल की स्थिति को देखते हुए इसे जल्द मरम्मत किया जाना जरूरी है। ऐसे में सहसों के अलावा पांटून पुल या फिर कोई अन्य विकल्प को सामने रखने के बाद ही पुल पर यातायात बंद किया जा सकता है।
फाफामऊ पुल की मरम्मत का काम पूरा होने के बाद ही शास्त्री ब्रिज पर काम शुरू किया जाएगा। पुल पर लगभग एक महीने के लिए यातायात रोकना पड़ेगा। जिससे पुल की मरम्मत ठीक ढंग से हो सके। फिलहाल शासन से मंजूरी मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। - इं. नवीन कुमार शर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।