फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   After Maha Kumbh, now the sand of Sangam will yield gold, you can earn lakhs every month

Prayagraj : महाकुंभ के बाद अब संगम की रेती उगलेगी सोना, तरबूज, ककड़ी की खेती से किसान कर सकेंगे लाखों की कमाई

Thu, 13 Mar 2025 01:11 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 13 Mar 2025 01:11 PM IST
सार

महाकुंभ के बाद गंगापार, यमुनापार, झूंसी, फाफामऊ और जसरा क्षेत्र में रोजगार अपार, नए क्षेत्र में संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं। यहां के किसान तरबूज, ककड़ी, खीरे और खरबूजे की फसल से अपनी तकदीर बदलने की तैयारी में हैं।

विज्ञापन
After Maha Kumbh, now the sand of Sangam will yield gold, you can earn lakhs every month
संगम की रेती में किसानों ने शुरू की खरबूजे, ककरी की खेती, टिप्स देते वैज्ञानिक। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

महाकुंभ के बाद गंगापार, यमुनापार, झूंसी, फाफामऊ और जसरा क्षेत्र में रोजगार अपार, नए क्षेत्र में संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं। यहां के किसान तरबूज, ककड़ी, खीरे और खरबूजे की फसल से अपनी तकदीर बदलने की तैयारी में हैं। संगम तटों पर स्थानीय किसानों ने हाल ही में खेती शुरू कर दी है। बलुई मिट्टी और गंगा-यमुना के शुद्ध जल से इस क्षेत्र में फसलों की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि इस खेती से हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।

विज्ञापन


सीएम योगी के निर्देश पर इस बार रिकॉर्ड पानी छोड़ा गया है। जिसकी वजह से सिंचाई की कोई समस्या नहीं होने पाएगी। गंगापार, यमुनापार, झूंसी, फाफामऊ और जसरा क्षेत्र में किसानों ने तरबूज, ककड़ी, खीरे और खरबूजे की बुवाई शुरू कर दी है। प्रयागराज के वैज्ञानिक (उद्यान) डॉक्टर हिमांशु सिंह के अनुसार यहां की बलुई मिट्टी इस तरह की फसलों के लिए सबसे उपयुक्त होती है। सीएम के निर्देश पर इस बार गंगा, यमुना में रिकॉर्ड मात्रा में पानी छोड़ा गया है। जिससे किसानों को सिंचाई की कोई समस्या नहीं होने पाएगी।

विज्ञापन

महाकुंभ के बाद अर्थव्यवस्था को मिली मजबूती के बाद अब नए क्षेत्र में संभावनाओं के द्वार खुल गए हैं। बुवाई का काम अब शुरू हो चुका है और किसानों पर मेहरबान गंगा मैया उनकी झोली भरने के लिए तैयार हैं। फसलों की खेती से न केवल किसानों को फायदा होगा, बल्कि हजारों स्थानीय युवाओं को भी रोजगार मिलेगा। इस फसल से किसान एक महीने में पांच लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं। डॉक्टर हिमांशु के अनुसार खेती के साथ-साथ पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और मार्केटिंग के भी नए अवसर खुल रहे हैं। जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

कृषि क्षेत्र में नए द्वार, संगम की रेती से समृद्धि की बनेगी नई कहानी

महाकुंभ ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। अब इस भूमि से कृषि की एक नई कहानी लिखी जा रही है। संगम तट पर हजारों किसानों ने उम्मीदों की फसल बोई है। जो आने वाले महीनों में उनकी झोली खुशियों से भरने वाली है। इस खेती के लिए बाकायदा किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र प्रयागराज द्वितीय के वैज्ञानिक डॉक्टर अनुराग सिंह विशेष रूप से प्रशिक्षण भी दे रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed