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Prayagraj News: जूना के बाद उदासीन अखाड़े का नगर प्रवेश, मुट्ठीगंज में डाला पड़ाव
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महाकुंभ से पहले देश भर के संतों ने संगमनगरी में पड़ाव डालना शुरू कर दिया है। संन्यासियों के सबसे बड़े जूना अखाड़े के बाद उदासीन परंपरा के पंचायती नया उदासीन अखाड़े के संतों ने मंगलवार को नगर प्रवेश किया।
बड़ी संख्या में हरिद्वार से पहुंचे पीठाधीश्वरों, महंतों और कायदेदारों का भव्य स्वागत किया गया। इसी के साथ उदासीन परंपरा के संतों का महाकुंभ में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस अखाड़े की आठ जनवरी को धर्म ध्वजा स्थापित होगी। 10 जनवरी को छावनी प्रवेश(पेशवाई) होगा। पंचायती अखाड़ा नया उदासीन (निर्वाण) के संतों, महंतों का कारवां हरिद्वार से मंगलवार की सुबह पहुंचा।
उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित कनखल मुख्यालय से संतों की पुष्पवर्षा के साथ महाकुंभ के लिए रवानगी हुई। नया उदासीन निर्वाण के भ्रमणशील साधु, रमता पंच, महंतों की मंडली का मुट्ठीगंज स्थित पंचायती अखाड़ा नया उदासीन निर्वाण के परिसर में शहर के नागरिकों, व्यापारियों ने जोरदार स्वागत किया। गोलघर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने फूलमाला से अखाड़े के अध्यक्ष महंत धुनि दास और सचिव जगतार मुनि को लाद दिया। स्वागत के बाद पीठाधीश्वरों, महंतों का चरण वंदन किया गया।
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अखाड़े के मुखिया महंत भगत राम, मुखिया महंत जखीरा प्रबंधक महंत आकाश मुनि , अध्यक्ष महंत धुनी दास, महंत नारायण दास (दिल्ली), महंत भगवान दास (अलीगढ़ ) के अलावा पंजाब के 25 से अधिक महंतों की भव्य अगवानी की गई। सचिव महंत जगतार मुनि ने बताया कि नगर प्रवेश के साथ ही महाकुंभ-2025 के लिए नया उदासीन अखाड़े के संतों के आने के सिलसिला आरंभ हो गया है।
अखाड़े के अध्यक्ष महंत धुनि दास ने बताया कि इस महाकुंभ के जरिए राष्ट्र, समाज की सांस्कृतिक आभा को विश्व पटल पर प्रदर्शित करने की कोशिश की जाएगी। नगर प्रवेश पर संतों का स्वागत उमेश चंद्र केसरवानी दादा, सुशील चंद्र बच्चा नेता, संतोष अग्रहरि, राजेश केसरवानी, रवि केसरवानी ,छोटका बड़का, दिलीप केसरवानी के अलावा मुट्ठीगंज व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने किया।
धर्म ध्वजा खड़ी होने के बाद नए महंतों का होगा पट्टाभिषेक
महाकुंभ की सांस्कृतिक आभा को बिखरने के लिए संन्यासी परंपरा के बाद उदासी परंपरा के संतों ने संगमनगरी में डेरा जमाना शुरू कर दिया है। सचिव जगतार मुनि ने बताया कि इस बार महाकुंभ में धर्म ध्वजा खड़ी होने के बाद नए महंत और मुखिया महंतों का पट्टाभिषेक किया जाएगा। 15 से अधिक नए महंतों के पट्टाभिषेक का अनुमान है।
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बड़ी संख्या में हरिद्वार से पहुंचे पीठाधीश्वरों, महंतों और कायदेदारों का भव्य स्वागत किया गया। इसी के साथ उदासीन परंपरा के संतों का महाकुंभ में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस अखाड़े की आठ जनवरी को धर्म ध्वजा स्थापित होगी। 10 जनवरी को छावनी प्रवेश(पेशवाई) होगा। पंचायती अखाड़ा नया उदासीन (निर्वाण) के संतों, महंतों का कारवां हरिद्वार से मंगलवार की सुबह पहुंचा।
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उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित कनखल मुख्यालय से संतों की पुष्पवर्षा के साथ महाकुंभ के लिए रवानगी हुई। नया उदासीन निर्वाण के भ्रमणशील साधु, रमता पंच, महंतों की मंडली का मुट्ठीगंज स्थित पंचायती अखाड़ा नया उदासीन निर्वाण के परिसर में शहर के नागरिकों, व्यापारियों ने जोरदार स्वागत किया। गोलघर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने फूलमाला से अखाड़े के अध्यक्ष महंत धुनि दास और सचिव जगतार मुनि को लाद दिया। स्वागत के बाद पीठाधीश्वरों, महंतों का चरण वंदन किया गया।
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अखाड़े के मुखिया महंत भगत राम, मुखिया महंत जखीरा प्रबंधक महंत आकाश मुनि , अध्यक्ष महंत धुनी दास, महंत नारायण दास (दिल्ली), महंत भगवान दास (अलीगढ़ ) के अलावा पंजाब के 25 से अधिक महंतों की भव्य अगवानी की गई। सचिव महंत जगतार मुनि ने बताया कि नगर प्रवेश के साथ ही महाकुंभ-2025 के लिए नया उदासीन अखाड़े के संतों के आने के सिलसिला आरंभ हो गया है।
अखाड़े के अध्यक्ष महंत धुनि दास ने बताया कि इस महाकुंभ के जरिए राष्ट्र, समाज की सांस्कृतिक आभा को विश्व पटल पर प्रदर्शित करने की कोशिश की जाएगी। नगर प्रवेश पर संतों का स्वागत उमेश चंद्र केसरवानी दादा, सुशील चंद्र बच्चा नेता, संतोष अग्रहरि, राजेश केसरवानी, रवि केसरवानी ,छोटका बड़का, दिलीप केसरवानी के अलावा मुट्ठीगंज व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने किया।
धर्म ध्वजा खड़ी होने के बाद नए महंतों का होगा पट्टाभिषेक
महाकुंभ की सांस्कृतिक आभा को बिखरने के लिए संन्यासी परंपरा के बाद उदासी परंपरा के संतों ने संगमनगरी में डेरा जमाना शुरू कर दिया है। सचिव जगतार मुनि ने बताया कि इस बार महाकुंभ में धर्म ध्वजा खड़ी होने के बाद नए महंत और मुखिया महंतों का पट्टाभिषेक किया जाएगा। 15 से अधिक नए महंतों के पट्टाभिषेक का अनुमान है।