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अधिवक्ता संघ चुनाव में टकराव बढ़ा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 07 May 2016 02:07 AM IST
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अधिवक्ता अनशन पर बैठे
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव को लेकर टकराव और बढ़ गया है। अध्यक्ष केबी तिवारी पर चुनाव हेतु नामांकन पत्रों की बिक्री में व्यवधान डालने और फार्म छीनने का आरोप है। हालांकि, अध्यक्ष ने ऐसी घटना से इनकार किया है। दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि चुनाव की तैयारियां ही पूरी नहीं हैं। मतदाता सूची को अंतिम रूप देना बाकी है, ऐसे में चुनाव के सकुशल संपन्न होने पर भी संदेह है।
अधिवक्ता संघ के चुनाव को लेकर शुक्रवार को भी आरोप-प्रत्यारोपाें का दौर जारी रहा। एल्डर कमेटी के चेयरमैन जगतपाल सिंह ने बताया कि चुनाव अधिकारी शारदा प्रसाद मिश्र के साथ कमेटी के सदस्य शीतला प्रसाद मिश्र ,राघव सिंह, अखिलेश झा और मंत्री राजेंद्र मिश्र के साथ चुनाव के संबंध में विचार कर रहा था कि पता चला कि संघ के अध्यक्ष कई लोगों के साथ आए और नामांकन पत्रों को छीन लिया और व्यवधान उत्पन्न किया। घटना के संबंध में शनिवार को फिर बैठक होगी। संघ के एक अन्य चुनाव अधिकारी कमलेश चतुर्वेदी ने कहा है कि बिना उनके हस्ताक्षर के नामांकन फार्म की बिक्री अवैध समझी जाएगी।
उधर संघ के अध्यक्ष केबी तिवारी ने आरोपों को नकारते हुए एल्डर कमेटी के गठन को अवैध बताया है। कहा है कि चुनाव जुलाई में कराने की उनकी कोई व्यक्तिगत इच्छा नहीं है। चुनाव चाहे मई में हो, लेकिन मतदाता सूची दुरुस्त की जाए और 30 लाख की वित्तीय अनियमितता की जांच की जाए। उनका कहना है कि संघ के खाते में इस समय 15 हजार रुपये ही शेष हैं, उससे चुनाव कैसे कराया जा सकता है।
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संघ की वित्तीय जांच के लिए कार्यकारिणी सदस्य अमलेंदुमय शुक्ल ने शुक्रवार से संघ भवन पर क्रमिक अनशन प्रारंभ किया है। यह भी बताया गया है कि जांच के लिए एक समिति का गठन भी कर दिया गया है, जिसमे रामाधीन मौर्य ,पवन द्विवेदी, प्रमोद चंद्र पांडेय, उमेश नारायण पाठक, महेंद्र कुमार, प्रताप नारायण तिवारी, ओम प्रकाश ओझा और विकाश कुमार शुक्ल को सदस्य बनाया गया है। चुनाव अधिकारी शारदा प्रसाद मिश्र ने बताया कि नामांकन फार्म बिक्री का आज आखिरी दिन है ।
चल रहे घटनाक्रम को पूर्व मंत्री देवेंद्र मिश्र नगरहा ने दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अधिवक्ताओं से संघ की गरिमा बनाए रखने की अपील की है। अधिवक्ताओं की एक बैठक हुई, जिसमें सत्यप्रकाश मिश्र ,रामआसरे पटेल, निर्मल पटेल, रवींद्र गांधी ,अनिल कुमार और रवि तिवारी आदि लोग उपस्थित रहे। बैठक में पूर्व मंत्री नगरहा ने कहा कि चुनाव को लेकर जिस तरह का माहौल है, उससे संघ की गरिमा को ठेस लगी है। उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ताओं को आगे आने का आह्वान किया है, ताकि संघ की गरिमा बनी रहे।
जिला न्यायालय के अधिवक्ता राजेश सिंह के परिवार पर हुए जानलेवा हमले की अधिवक्ताओं ने निंदा की है। कचहरी परिसर में एक बैठक वरिष्ठ अधिवक्ता जगदीश त्रिपाठी की अध्यक्षा में हुई, जिसमें युवा अधिवक्ता राजेश सिंह के परिवार पर जानलेवा हमले की निंदा की गई और अभियुक्तों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई है। झूंसी थाने के ग्राम बजहा निवासी राजेश सिंह के गांव के ही विजय प्रताप सिंह आदि ने चार मई को घर में घुस कर अधिवक्ता के पिता गजराज सिंह, बड़े पिता बाज बहादुर सिंह को मारा पीटा और महिलाओं के साथ अश्लील हरकत की। घटना की एफआईआर झूंसी थाने में दर्ज की गई है। मुकदमा दर्ज होने के बाद भी अभियुक्तों ने पांच मई 2016 को पुन: घर में घुस कर हमला किया। बैठक में मनीष खन्ना, रवींद्र गांधी, निर्मल पटेल, रवि शंकर और शीवेन्द्र जायसवाल आदि लोग उपस्थित रहे ।
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अधिवक्ता संघ के चुनाव को लेकर शुक्रवार को भी आरोप-प्रत्यारोपाें का दौर जारी रहा। एल्डर कमेटी के चेयरमैन जगतपाल सिंह ने बताया कि चुनाव अधिकारी शारदा प्रसाद मिश्र के साथ कमेटी के सदस्य शीतला प्रसाद मिश्र ,राघव सिंह, अखिलेश झा और मंत्री राजेंद्र मिश्र के साथ चुनाव के संबंध में विचार कर रहा था कि पता चला कि संघ के अध्यक्ष कई लोगों के साथ आए और नामांकन पत्रों को छीन लिया और व्यवधान उत्पन्न किया। घटना के संबंध में शनिवार को फिर बैठक होगी। संघ के एक अन्य चुनाव अधिकारी कमलेश चतुर्वेदी ने कहा है कि बिना उनके हस्ताक्षर के नामांकन फार्म की बिक्री अवैध समझी जाएगी।
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उधर संघ के अध्यक्ष केबी तिवारी ने आरोपों को नकारते हुए एल्डर कमेटी के गठन को अवैध बताया है। कहा है कि चुनाव जुलाई में कराने की उनकी कोई व्यक्तिगत इच्छा नहीं है। चुनाव चाहे मई में हो, लेकिन मतदाता सूची दुरुस्त की जाए और 30 लाख की वित्तीय अनियमितता की जांच की जाए। उनका कहना है कि संघ के खाते में इस समय 15 हजार रुपये ही शेष हैं, उससे चुनाव कैसे कराया जा सकता है।
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संघ की वित्तीय जांच के लिए कार्यकारिणी सदस्य अमलेंदुमय शुक्ल ने शुक्रवार से संघ भवन पर क्रमिक अनशन प्रारंभ किया है। यह भी बताया गया है कि जांच के लिए एक समिति का गठन भी कर दिया गया है, जिसमे रामाधीन मौर्य ,पवन द्विवेदी, प्रमोद चंद्र पांडेय, उमेश नारायण पाठक, महेंद्र कुमार, प्रताप नारायण तिवारी, ओम प्रकाश ओझा और विकाश कुमार शुक्ल को सदस्य बनाया गया है। चुनाव अधिकारी शारदा प्रसाद मिश्र ने बताया कि नामांकन फार्म बिक्री का आज आखिरी दिन है ।
चल रहे घटनाक्रम को पूर्व मंत्री देवेंद्र मिश्र नगरहा ने दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अधिवक्ताओं से संघ की गरिमा बनाए रखने की अपील की है। अधिवक्ताओं की एक बैठक हुई, जिसमें सत्यप्रकाश मिश्र ,रामआसरे पटेल, निर्मल पटेल, रवींद्र गांधी ,अनिल कुमार और रवि तिवारी आदि लोग उपस्थित रहे। बैठक में पूर्व मंत्री नगरहा ने कहा कि चुनाव को लेकर जिस तरह का माहौल है, उससे संघ की गरिमा को ठेस लगी है। उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ताओं को आगे आने का आह्वान किया है, ताकि संघ की गरिमा बनी रहे।
जिला न्यायालय के अधिवक्ता राजेश सिंह के परिवार पर हुए जानलेवा हमले की अधिवक्ताओं ने निंदा की है। कचहरी परिसर में एक बैठक वरिष्ठ अधिवक्ता जगदीश त्रिपाठी की अध्यक्षा में हुई, जिसमें युवा अधिवक्ता राजेश सिंह के परिवार पर जानलेवा हमले की निंदा की गई और अभियुक्तों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई है। झूंसी थाने के ग्राम बजहा निवासी राजेश सिंह के गांव के ही विजय प्रताप सिंह आदि ने चार मई को घर में घुस कर अधिवक्ता के पिता गजराज सिंह, बड़े पिता बाज बहादुर सिंह को मारा पीटा और महिलाओं के साथ अश्लील हरकत की। घटना की एफआईआर झूंसी थाने में दर्ज की गई है। मुकदमा दर्ज होने के बाद भी अभियुक्तों ने पांच मई 2016 को पुन: घर में घुस कर हमला किया। बैठक में मनीष खन्ना, रवींद्र गांधी, निर्मल पटेल, रवि शंकर और शीवेन्द्र जायसवाल आदि लोग उपस्थित रहे ।