{"_id":"5b4fa3174f1c1b6f548b5628","slug":"ada-will-create-26-000-houses-for-poor","type":"story","status":"publish","title_hn":"गरीबों के लिए 26,000 आशियाने बनाएगा एडीए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गरीबों के लिए 26,000 आशियाने बनाएगा एडीए
अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Thu, 19 Jul 2018 02:06 AM IST
विज्ञापन
घर
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत शहरी क्षेत्र में इलाहाबाद विकास प्राधिकरण (एडीए) 2020-21 तक 26000 ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मकान बनाएगा। योजना के प्रथम चरण में इस वर्ष 9,750 मकान बनाए जाएंगे। इसकी डीपीआर शासन को जल्द भेजी जाएगी। योजना को अंजाम तक पहुंचाने के लिए निजी क्षेत्र की सहभागिता पर जोर दिया जाएगा। एडीए कालिंदीपुरम, नैनी, झूंसी और फाफामऊ में जमीन चिह्नित कर योजना को पूर्ण कराएगा।
इस योजना की मुख्य मंशा बेघर लोगों को घर मुहैया कराना है। प्रदेश भर में योजना काफी पिछड़ गई है। योजना की गति सुधारने के लिए सरकार ने सबसे पहले प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई) के ‘निजी क्षेत्र की सहभागिता से बनने वाले किफायती आवास (अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप)’ घटक के अंतर्गत गरीबों के लिए ईडब्ल्यूएस मकान बनाने पर जोर दिया है। इसके लिए हुई बिड में यहां अभी इनोवेटर प्राइवेट लिमिटेड को ही 141 ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मकान बनाने की अनुमति मिली है। 4.50 लाख कीमत वाले यह मकान पाने वाले आवंटियों को 2.50 लाख रुपये अनुदान भी दिया जाएगा।
प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण ने बुधवार को सभी आवास आयुक्त और सभी विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों को सालाना लक्ष्य के मुताबिक मकानों का निर्माण कराने का निर्देश दिया है। एडीए वीसी भानुचंद्र गोस्वामी के मुताबिक पीएमएवाई योजना के प्रथम चरण के लिए डीपीआर तैयार कर ली गई है। इसे जल्द शासन के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। शहर में निजी बिल्डरों को योजना में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। प्राधिकरण कालिंदीपुरम, नैनी, झूंसी और फाफामऊ में इसके लिए जमीन चिह्नित करेगा।
विज्ञापन
वहीं डूडा में पीएमएवाई योजना के तहत प्रथम चरण के लिए आवेदन करने वाले लगभग सभी अपात्रों की श्रेणी में आए। इनकी सत्यापन प्रमाणिकता भी संदिग्ध रही। डूडा की परियोजना निदेशक प्रतिभा श्रीवास्तव के मुताबिक दूसरी बार योजना के लिए मिले 17500 आवेदनों में जांच के बाद 15,240 आवेदन एडीए को भेज दिए गए हैं। वहीं खुद की जमीन वाले 2000 से अधिक लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में 50-50 हजार रुपये खाते में भेजे जा चुके हैं।
विज्ञापन
इस योजना की मुख्य मंशा बेघर लोगों को घर मुहैया कराना है। प्रदेश भर में योजना काफी पिछड़ गई है। योजना की गति सुधारने के लिए सरकार ने सबसे पहले प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई) के ‘निजी क्षेत्र की सहभागिता से बनने वाले किफायती आवास (अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप)’ घटक के अंतर्गत गरीबों के लिए ईडब्ल्यूएस मकान बनाने पर जोर दिया है। इसके लिए हुई बिड में यहां अभी इनोवेटर प्राइवेट लिमिटेड को ही 141 ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मकान बनाने की अनुमति मिली है। 4.50 लाख कीमत वाले यह मकान पाने वाले आवंटियों को 2.50 लाख रुपये अनुदान भी दिया जाएगा।
विज्ञापन
प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण ने बुधवार को सभी आवास आयुक्त और सभी विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों को सालाना लक्ष्य के मुताबिक मकानों का निर्माण कराने का निर्देश दिया है। एडीए वीसी भानुचंद्र गोस्वामी के मुताबिक पीएमएवाई योजना के प्रथम चरण के लिए डीपीआर तैयार कर ली गई है। इसे जल्द शासन के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। शहर में निजी बिल्डरों को योजना में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। प्राधिकरण कालिंदीपुरम, नैनी, झूंसी और फाफामऊ में इसके लिए जमीन चिह्नित करेगा।
विज्ञापन
वहीं डूडा में पीएमएवाई योजना के तहत प्रथम चरण के लिए आवेदन करने वाले लगभग सभी अपात्रों की श्रेणी में आए। इनकी सत्यापन प्रमाणिकता भी संदिग्ध रही। डूडा की परियोजना निदेशक प्रतिभा श्रीवास्तव के मुताबिक दूसरी बार योजना के लिए मिले 17500 आवेदनों में जांच के बाद 15,240 आवेदन एडीए को भेज दिए गए हैं। वहीं खुद की जमीन वाले 2000 से अधिक लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में 50-50 हजार रुपये खाते में भेजे जा चुके हैं।