फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Accused of conversion racket sent to jail, teams of IB, ATS and Intelligence interrogated

Prayagraj : जेल भेजे गए धर्मांतरण रैकेट के आरोपी, आईबी, एटीएस और इंटेलिजेंस की टीमों ने की पूछताछ

Thu, 19 Jan 2023 10:32 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 19 Jan 2023 10:32 PM IST
सार

माघ मेले में मंगलवार को पुलिस ने धर्मांतरण रैकेट चलाने वालों का भंडाफोड़ करते हुए जीटीबी नगर करेली के महमूद हसन गाजी, मो.मोनीश और समीर उर्फ नरेश कुमार सरोज को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 204 धार्मिक किताबें बरामद हुईं थीं।

विज्ञापन
Accused of conversion racket sent to jail, teams of IB, ATS and Intelligence interrogated
Prayagraj News : पुलिस के हत्थे चढ़े धर्मांतरण के आरोपी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

माघ मेले में धर्मांतरण रैकेट चलाने वाले तीनों आरोपियों को बुधवार को जेल भेज दिया गया। इससे पहले तीनों से लंबी पूछताछ की गई। केंद्रीय और राज्य इंटेलिजेंस की टीमों ने गिरोह से संबंधित एक-एक बात की जानकारी ली। पूछताछ में जो भी बातें पता चली हैं, अब उनपर छानबीन की जा रही है।

विज्ञापन


माघ मेले में मंगलवार को पुलिस ने धर्मांतरण रैकेट चलाने वालों का भंडाफोड़ करते हुए जीटीबी नगर करेली के महमूद हसन गाजी, मो.मोनीश और समीर उर्फ नरेश कुमार सरोज को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 204 धार्मिक किताबें बरामद हुईं थीं। पूछताछ में पता चला गिरोह धर्मांतरण भी करता है।

विज्ञापन

सूचना फैलते ही हड़कंप मच गया। पता चला कि गिरोह के लोग वाराणसी, मथुरा समेत तमाम धार्मिक स्थानों पर साहित्य बेचते हैं। न सिर्फ वे साहित्य बेचते थे बल्कि किताबें खरीदने वालों के नाम, पता और मोबाइल नंबर भी लेते थे। बाद में उनसे संपर्क कर उन्हें धर्मांतरण का लालच देते थे।मूल रूप से फतेहपुर के किशनदासपुर का रहने वाला महमूद हसन गाजी मदरसे का शिक्षक है। वही सरगना है। इस काम के लिए विदेशों से फंडिंग की बात की सामने आई। अब तक यूएई, सऊदी अरब, बांग्लादेश, और कतर से उसके संपर्कों का पता चला है।

आईबी, एटीएस, स्टेट इंटेलिजेंस और एसटीएफ की टीमों ने महमूद गाजी समेत तीनों आरोपियों से लंबी पूछताछ की। तीनों के संपर्कों, सोशल मीडिया एकांउंट, ईमेल तथा अन्य संपर्कों को खंगाला जा रहा है। एसीपी आस्था जायसवाल ने बताया कि बुधवार को तीनों को जेल भेज दिया गया। उनसे विभिन्न एजेंसियों ने पूछताछ की है। उनकी गतिविधियों, उनके एकाउंट्स, सोशल मीडिया तथा संपर्कों के बारे में मालूमात हासिल की जा रही है।

विज्ञापन

मोनीश के फूफा की तलाश में करेली और फतेहपुर में दबिशपुलिस ने माघ मेले से आशीष कुमार गुप्ता उर्फ मो. मोनीश को गिरफ्तार किया था। वह सुदनीपुर हनुमानगंज का रहने वाला है। 20 साल पहले उसके फूफा सुभाष ने धर्म परिवर्तन किया था। इसके बाद वह सईद बन गया था। उसी के संपर्क में आने के बाद धर्मांतरण गिरोह के संपर्क में आया और जल्द ही मो. मोनीश बन गया। अब पुलिस मोनीश के फूफा सईद को खोज रही है। पुलिस को शक है कि सईद ने न सिर्फ आशीष को बल्कि कई और युवकों को बरगलाकर धर्मांतरण कराया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सईद के पकड़े जाने के बाद कई बातों को खुलासा होगा।

विज्ञापन

आरोपियों से मिली डायरी अहम, कई राज का होगा खुलासा

धर्मांतरण गिरोह के सरगना महमूद हसन गाजी माघ मेला तथा अन्य धार्मिक आयोजनों में मोनीश और समीर को ही भेजता था। उन्हें धार्मिक स्थानों पर इस्लामिक साहित्य बेचने पर पांच-पांच हजार रुपये दिए जाते थे। दोनों को इसलिए भेजा जाता ताकि वे नरेश और आशीष बनकर किताबें बेचें।मोनीश और समीर को साफ निर्देश दिए गए थे कि किताबें खरीदने वालों के नाम, पता, मोबाइल नंबर और फोटो जरूर ले लें।

बाद में मोबाइल नंबर के आधार पर किताबें खरीदने वालों से संपर्क किया जाता और उन्हें धर्मांतरण के लिए लालच दिया जाता। पुलिस के हाथ वह डायरी लग गई है। उस डायरी में तमाम लोगों के नाम पता और मोबाइल नंबर मिले हैं। उन सबसे पूछताछ की जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि किन किन लोगों ने धर्मांतरण कराया है। उन्हें क्या क्या लालच दिया गया था।

धर्मांतरण के लिए विदेशों से फंडिंग

धर्मांतरण गिरोह के सरगना महमूद हसन गाजी को विदेशों से फंडिंग मिलती थी। अब तक यूएई से उसके खातों में रुपये आने की बात पता चली है। इसके साथ ही सऊदी अरब, बांग्लादेश और कतर से उसके संपर्कों का पता चला है।

सोशल मीडिया और ईमेल की स्क्रूटनी जारीप्रयागराज। मदरसा शिक्षक महमूद हसन गाजी समेत तीनों आरोपियों के फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, ट्वीटर तथा ईमेल इत्यादि की पुलिस टीम स्क्रूटनी कर रही है। फ्रेंड लिस्ट खंगाली जा रही है। उनके मैसेजेस तथा अन्य कमेंट को भी देखा जा रहा है।

कासिम के कारनामों पर नजरप्रयागराज। महमूद गाजी ने पुलिस से पूछताछ में बताया था कि आबूधाबी से कासिम उसे रुपये भेजता था। कासिम ही उो धार्मिक किताबें खरीदने के लिए कहता था। मूल रूप से शाहगंज का रहने वाला कासिम अब आबूधाबी में रहता है। माना जा रहा है कि कासिम इंटरनेशनल लेवल पर धर्मांतरण गिरोह से संबंध रखता है। उसके कारनामों पर पुलिस की नजर है। कासिम के करीबियों पर शहर में नजर रखी जा रही है।

तीनों के बैंक खातों और सीडीआर की जांच शुरू

महमूद गाजी, मो. मोनीश और समीर के बैंक खातों और सीडीआर (कॉल डीटेल्स रिकार्ड) की जांच शुरू कर दी गई है।

पूछताछ में बोला गाजी, लोगों को ईमान पर लाना मकसद

पुलिस तथा अन्य एजेंसियों की पूछताछ में महमूद हसन गाजी ने कहा कि लोगों को ईमान पर लाना ही उसका मकसद है। उसने गिरोह के किसी और का नाम बताने से मना कर दिया। कहा कि वह खुद अपनी मर्जी से यह काम करता था। इसका उसे कोई अफसोस नहीं है। पुलिस के मुताबिक कुछ कट्टर धार्मिक संगठनों के संपर्क में आने के बाद ही उसने बजमे पैगामे बहदानियत संस्था बनाई। धार्मिक तौर पर वह धीरे-धीरे बेहद कट्टर होता गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed