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भीलवाड़ा से प्रयागराज लाई गई लेटे हनुमान की प्रतिमा की उतारी गई आरती
Sat, 29 Feb 2020 01:00 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 29 Feb 2020 01:00 AM IST
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prayagraj news
- फोटो : prayagraj
राजस्थान के भीलवाड़ा से लाई गई 64 टन की लेटे हनुमान की प्रतिमा का शुक्रवार को वैदिक मंत्रोच्चार से सविधि पूजन किया गया। लेटे हनुमान के महंत और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि महाराज ने जलाभिषेक किया। लेटे हनुमान की पूजा के बाद आरती उतारी। इस दौरान गगनभेदी जयकारे गूंजते रहे।
लेटे हनुमान की विशालकाय प्रतिमा राजस्थान के भीलवाड़ा से 20 दिन बाद 2100 किमी दूसरी तय कर बृहस्पतिवार को यहां पहुंची। प्रतिमा लेकर यहां पहुंचने पर संतों-भक्तों ने भव्य स्वागत किया। लेटे हनुमान की विशालकाय मूर्ति के दर्शन के लिए रास्ते भर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। को देखने के लिए रास्तों में छोटे-छोटे समूह द्वारा पूजा अर्चना की गई श्रद्धालुओं की भीड़ विशालकाय मूर्ति को देखने के लिए प्रतीक्षा में खड़े रहे।
संगम क्षेत्र में बड़े हनुमान मंदिर परिसर केसामने भीलवाड़ा से लाई गई लेटे हनुमान की इस प्रतिमा की पूजा महंत नरेंद्र गिरि ने की। अब भीलवाड़ा पहुंचने के बाद वहां लेटे हनुमान केभव्य मंदिर की स्थापना होगी और उस मंदिर के गर्भगृह में इस प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इस मौके पर भीलवाड़ा के महंत बाबू गिरी महाराज ने बताया कि इस प्रतिमा को भीलवाड़ा में बनने वाले मंदिर में प्रतिष्ठापित किया जाएगा। इस मौके पर सैकड़ों संत व भक्त उपस्थित थे।
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लेटे हनुमान की विशालकाय प्रतिमा राजस्थान के भीलवाड़ा से 20 दिन बाद 2100 किमी दूसरी तय कर बृहस्पतिवार को यहां पहुंची। प्रतिमा लेकर यहां पहुंचने पर संतों-भक्तों ने भव्य स्वागत किया। लेटे हनुमान की विशालकाय मूर्ति के दर्शन के लिए रास्ते भर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। को देखने के लिए रास्तों में छोटे-छोटे समूह द्वारा पूजा अर्चना की गई श्रद्धालुओं की भीड़ विशालकाय मूर्ति को देखने के लिए प्रतीक्षा में खड़े रहे।
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संगम क्षेत्र में बड़े हनुमान मंदिर परिसर केसामने भीलवाड़ा से लाई गई लेटे हनुमान की इस प्रतिमा की पूजा महंत नरेंद्र गिरि ने की। अब भीलवाड़ा पहुंचने के बाद वहां लेटे हनुमान केभव्य मंदिर की स्थापना होगी और उस मंदिर के गर्भगृह में इस प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इस मौके पर भीलवाड़ा के महंत बाबू गिरी महाराज ने बताया कि इस प्रतिमा को भीलवाड़ा में बनने वाले मंदिर में प्रतिष्ठापित किया जाएगा। इस मौके पर सैकड़ों संत व भक्त उपस्थित थे।
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