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मेला कार्यालय का भी हुआ सेर्व
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मेला कार्यालय की जमीन के लिए हुआ सर्वे
सेना ने बांध के आसपास हुए अवैध निर्माण का भी कराया सर्वे, होगी कार्रवाई
प्रयागराज। सेना के साथ विवाद के बीच मेला प्रशासन कार्यालय की जमीन को लेकर सर्वे शुरू हो गया है। सेना और प्रशासन की ओर से संयुक्त रूप से सर्वे कराया गया। प्रशासन के अफसरों ने छावनी परिषद का बकाया सात लाख रुपये चुकता करने की बात भी कही।
प्रशासन की ओर से 70-सी/3 भूखंड पर मेला कार्यालय होने का दावा किया जा रहा है। अफसरों का यह भी कहना है कि सेना की ओर से यह भूखंड स्थायी तौर पर दिया गया है। इस पर प्रशासन स्थाई निर्माण भी करा सकता है। प्रशासन ने पहले छावनी परिषद और अब रक्षा संपदा विभाग से इससे संबंधित दस्तावेज भी मांगे हैं। इसी क्रम में सेना ने प्रशासन के अफसरों के साथ 70-सी भूभाग का सर्वे शुरू कर दिया है। इसमें यह सर्वे भी किया जा रहा है कि 70-सी/3 भूखंड कौन सा है। सर्वे तथा संबंधित भूखंड के सामने आने के बाद सेना और प्रशासन के बीच विवाद खत्म होने की उम्मीद है। प्रशासन के अफसरों ने परेड में लीज पर ली गई जमीन के किराए के जल्द भुगतान की बात कही। यह राशि सात लाख रुपये बताई जा रही है।
सेना की ओर से बांध तथा आसपास हुए अवैध निर्माण कार्यों का भी सर्वे कराया गया। सेना के अफसरों ने अवैध रूप से बसे लोगों को जल्द से जल्द जगह खाली करने नोटिस दिया। सेना की ओर से इसी सप्ताह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा सकती है।
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सेना ने बांध के आसपास हुए अवैध निर्माण का भी कराया सर्वे, होगी कार्रवाई
प्रयागराज। सेना के साथ विवाद के बीच मेला प्रशासन कार्यालय की जमीन को लेकर सर्वे शुरू हो गया है। सेना और प्रशासन की ओर से संयुक्त रूप से सर्वे कराया गया। प्रशासन के अफसरों ने छावनी परिषद का बकाया सात लाख रुपये चुकता करने की बात भी कही।
प्रशासन की ओर से 70-सी/3 भूखंड पर मेला कार्यालय होने का दावा किया जा रहा है। अफसरों का यह भी कहना है कि सेना की ओर से यह भूखंड स्थायी तौर पर दिया गया है। इस पर प्रशासन स्थाई निर्माण भी करा सकता है। प्रशासन ने पहले छावनी परिषद और अब रक्षा संपदा विभाग से इससे संबंधित दस्तावेज भी मांगे हैं। इसी क्रम में सेना ने प्रशासन के अफसरों के साथ 70-सी भूभाग का सर्वे शुरू कर दिया है। इसमें यह सर्वे भी किया जा रहा है कि 70-सी/3 भूखंड कौन सा है। सर्वे तथा संबंधित भूखंड के सामने आने के बाद सेना और प्रशासन के बीच विवाद खत्म होने की उम्मीद है। प्रशासन के अफसरों ने परेड में लीज पर ली गई जमीन के किराए के जल्द भुगतान की बात कही। यह राशि सात लाख रुपये बताई जा रही है।
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सेना की ओर से बांध तथा आसपास हुए अवैध निर्माण कार्यों का भी सर्वे कराया गया। सेना के अफसरों ने अवैध रूप से बसे लोगों को जल्द से जल्द जगह खाली करने नोटिस दिया। सेना की ओर से इसी सप्ताह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा सकती है।
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