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Prayagraj News: पंत हॉस्टल में सात घंटे चला वॉशआउट अभियान, सात कमरे खाली कराए

Sun, 19 Jul 2026 02:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज Updated Sun, 19 Jul 2026 02:16 AM IST
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A seven-hour clearance drive was conducted at Pant Hostel; seven rooms were vacated.
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पंत छात्रावास में शनिवार को अवैध कब्जेदारों के खिलाफ चलाए गए वॉशआउट अभियान के दौरान सात घंटे की कार्रवाई में सात कमरे खाली कराए गए। सुबह करीब 10 बजे विश्वविद्यालय प्रशासन ने जिला प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में अभियान शुरू किया लेकिन छात्रों के विरोध के चलते कार्रवाई देर शाम तक चलती रही।
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कार्रवाई के दौरान छात्र नारेबाजी करते हुए हॉस्टल खाली करने का विरोध करते रहे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। शाम करीब साढ़े पांच बजे तक चली कार्रवाई में सात कमरे खाली कराए गए। छात्रावास की बिजली और पानी की आपूर्ति भी बंद कर दी गई।
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कार्यवाहक चीफ प्रॉक्टर डॉ. अतुल नारायण सिंह ने बताया कि पंत हॉस्टल को खाली कराने की प्रक्रिया दिसंबर 2025 से चल रही है। सितंबर 2025 के बाद से छात्रावास में किसी भी छात्र का वैध आवंटन नहीं है। इसके बावजूद 87 कमरों वाले हॉस्टल में करीब 300 लोग अवैध रूप से रह रहे हैं, जिससे हर महीने लाखों रुपये का बिजली बिल विश्वविद्यालय को वहन करना पड़ रहा है।
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प्रशासन ने चेतावनी दी कि हॉस्टल तत्काल खाली नहीं करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट विनय सिंह, एसपी कर्नलगंज राजकुमार सिंह, डीएसडब्ल्यू प्रो. सूर्यभान सिंह, पुलिस बल और विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मी मौजूद रहे।

छात्रों का दावा, सितंबर 2026 तक वैध है आवंटन
वॉशआउट कार्रवाई का छात्रों ने विरोध करते हुए इसे अनुचित बताया। अधिवक्ता अरविंद कुमार सरोज ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन ने छात्रों को अवैध बताकर हॉस्टल खाली कराने का प्रयास किया। कुछ कमरों के ताले भी तोड़े गए। उनका कहना है कि अधिकारियों से बातचीत और एडीएम के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई रोक दी गई। छात्रों का दावा है कि उन्हें 13 सितंबर 2024 को कमरे आवंटित किए गए थे और उनका आवंटन सितंबर 2026 तक वैध है।
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