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Prayagraj News: धूप में दिखी आशा की किरण... दिन भर खेतों में डटे रहे किसान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Nov 2025 02:19 AM IST
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A ray of hope was seen in the sunshine... Farmers remained in the fields all day long.
लगातार चार दिनों से हो रही बारिश के बाद रविवार को धूप निकली तो किसानों की आंखों में चमक आ गई। खिली धूप में उन्हें आशा की किरण नजर आई। वह धूप निकलते ही धान समेत अन्य सब्जियों को बचाने के लिए खेतों में डट गए। किसानों ने बारिश में बर्बाद होने की कगार पर पहुंचे धान को सुखाने के इंतजाम किए। कुछ ने पीटकर रखी गई धान की बालियों को खेतों में ही तिरपाल पर सुखाना शुरू किया। वहीं, किसानों ने कहा कि पानी की वजह से काफी हद तक फसल को नुकसान हुआ है। सर्वे कराकर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
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फूलपुर के करूआड़ीह, बसना, बसनेहटा, भोगवारा, उदगी, सराय हरीराम, मैलहन, कोडापुर, कुतुबपुर आदि गांवों के किसान रविवार की सुबह से ही हाथों में हंसिया लेकर धान की कटाई करने निकल गए। भीगी बालियों को समेटने और बची फसल को किसी तरह निकालने की कोशिशें शुरू हो गईं। हालांकि, कई जगहों पर खेतों में अभी भी पानी है। जिस वजह से कटाई-पिटाई करने में मुश्किल हो रही है लेकिन किसान डटे हुए हैं।
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क्षेत्र के वीरकाजी, पूरेभुलई गांव के किसान धर्म सिंह पटेल, राजकुमार, मन्नू हाशमी का कहना है कि गांव में किसान एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं। महिलाएं और बुजुर्ग भी खेतों में जाकर फसल सुखाने में हाथ बंटा रहे हैं।
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बोले अफसर
लेखपालों की टीम नुकसान का सर्वे कर रही है। प्रभावित गांवों में फसलों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। रिपोर्ट तैयार होते ही पात्र किसानों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। -जूही प्रसाद, उप जिलाधिकारी फूलपुर।

- किसानों की पीड़ा

धान की फसल पानी में गिरकर सड़ गई थी। अब धूप निकली तो जो थोड़ा बचा है, वही निकालने की कोशिश कर रहे हैं। अगर मुआवजा मिल जाए तो अगली बोआई की तैयारी हो पाएगी। - धर्म सिंह पटेल, किसान पूरेभुलई फूलपुर।

बारिश से पूरा खेत पानी में डूब गया। बालियां काली पड़ गई हैं। अब बस मुआवजे की उम्मीद ही बची है, वरना घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो जाएगा। - जितेंद्र कुमार यादव, किसान सरायहरीराम फूलपुर।

इस बार खेती पर बहुत खर्च हुआ था बीज, खाद, मजदूरी बारिश ने सब चौपट कर दिया। अब खेत में धान बटोरते वक्त भी कीचड़ में पैर धंस जा रहा है। कर्ज चुकाना मुश्किल हो गया है।- डीएस प्रजापति, किसान महजुदवा फूलपुर।

चार बीघा में धान लगाया था, आधी फसल पानी में गिर गई। अगर सरकार का सर्वे सही हुआ तो कुछ राहत मिल सकती है, नहीं तो अगले सीजन में खेती करना भारी पड़ेगा। - राजकुमार गुड्डू, किसान चंदौकी फूलपुर।


धूप ने दी राहत फिर भी चिंता बरकरार

धूप ने किसानों को थोड़ी राहत दी है। कुछ दिनों तक आसमान साफ रहने की संभावना है जिससे कटाई के काम में थोड़ी राहत मिल सकती है। किसानों को उम्मीद है कि अब धूप लगातार निकलती रही तो जो फसल बची है, उसे निकाला जाएगा। वहीं, उनको चिंता है कि खराब हुई फसल का मुआवजा कब और कितना मिलेगा।
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