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Prayagraj News: सूचना के अभाव में कार्रवाई नहीं करने पर पुलिस अधिकारी को लापरवाही का दोषी नहीं ठहरा सकते
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी पुलिस अधिकारी को केवल इस आधार पर लापरवाही का दोषी नहीं ठहराया जा सकता कि उसने कार्रवाई नहीं की जबकि उसके पास कोई सूचना या खुफिया जानकारी ही उपलब्ध नहीं थी। पुलिस सूचना के आधार पर कार्रवाई करती है। सूचना का अभाव होने पर कार्रवाई नहीं करना लापरवाही नहीं कहा जा सकता।
न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए पुलिस चौकी प्रभारी नरेश सिंह को दी गई प्रतिकूल प्रविष्टि रद्द कर दी। कोर्ट ने संबंधित अधिकरण के इस वर्ष मार्च के दंडात्मक कार्रवाई को बरकरार रखने के आदेश को भी रद्द कर दिया।
मुजफ्फरनगर के खतौली थाने की याचिकाकर्ता नरेश सिंह पुलिस चौकी के प्रभारी के रूप में तैनात था। सात नवंबर 2023 को शादाब नामक व्यक्ति के घर से काफी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए थे। अवैध रूप से पटाखों के निर्माण और विस्फोटकों के भंडारण के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना के बाद आरोपपत्र भी दाखिल किया गया।
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इसके बाद 22 जनवरी 2024 को शादाब के घर में विस्फोट हो गया। इसमें दो बच्चों की मौत हो गई। इस घटना के बाद चौकी प्रभारी नरेश सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई। आरोप लगाया कि उन्होंने पटाखे बनाने की गतिविधियों की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी। इस वजह से घटना हुई।
इसे सरकारी कर्तव्य के प्रति लापरवाही के रूप में दर्ज करते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। इसके खिलाफ उन्होंने अधिकरण में चुनौती दी लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
हाईकोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद पाया कि ऐसा कोई साक्ष्य नहीं था, जिससे साबित हो कि शादाब के घर में दोबारा विस्फोटक जमा किए जाने के संबंध में पुलिस चौकी को कोई सूचना मिली थी। ऐसे में उसके खिलाफ लापरवाही का आरोप साबित नहीं होता।
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न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए पुलिस चौकी प्रभारी नरेश सिंह को दी गई प्रतिकूल प्रविष्टि रद्द कर दी। कोर्ट ने संबंधित अधिकरण के इस वर्ष मार्च के दंडात्मक कार्रवाई को बरकरार रखने के आदेश को भी रद्द कर दिया।
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मुजफ्फरनगर के खतौली थाने की याचिकाकर्ता नरेश सिंह पुलिस चौकी के प्रभारी के रूप में तैनात था। सात नवंबर 2023 को शादाब नामक व्यक्ति के घर से काफी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए थे। अवैध रूप से पटाखों के निर्माण और विस्फोटकों के भंडारण के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना के बाद आरोपपत्र भी दाखिल किया गया।
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इसके बाद 22 जनवरी 2024 को शादाब के घर में विस्फोट हो गया। इसमें दो बच्चों की मौत हो गई। इस घटना के बाद चौकी प्रभारी नरेश सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई। आरोप लगाया कि उन्होंने पटाखे बनाने की गतिविधियों की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी। इस वजह से घटना हुई।
इसे सरकारी कर्तव्य के प्रति लापरवाही के रूप में दर्ज करते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। इसके खिलाफ उन्होंने अधिकरण में चुनौती दी लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
हाईकोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद पाया कि ऐसा कोई साक्ष्य नहीं था, जिससे साबित हो कि शादाब के घर में दोबारा विस्फोटक जमा किए जाने के संबंध में पुलिस चौकी को कोई सूचना मिली थी। ऐसे में उसके खिलाफ लापरवाही का आरोप साबित नहीं होता।