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वेटर को पीट-पीटकर किया अधमरा
Sat, 23 Mar 2019 12:41 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 23 Mar 2019 12:41 AM IST
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- फोटो : डेमो
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सिविल लाइंस स्थित ढाबे के बाहर आधी रात कार व बाइक से पहुंचे दबंगों ने जमकर उपद्रव किया। यहां खाना देने में असमर्थता जताने पर वेटर को बुरी तरह पीटा। बेलचे व हथौड़े से तब तक वार किया, जब तक कि वह अधमरा नहीं हो गया। तहरीर देने के बावजूद मामले में रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई।घटना पीडी टंडन रोड पर स्थित राजपूत ढाबा में हुई। मालिक न्यू कटरा निवासी राजशेखर ने बताया कि 18 जनवरी की रात करीब 11.45 बजे यहां कार व बाइक पर सवार होकर करीब एक दर्जन पहुंचे। उस वक्त तक वह घर चले गए थे।
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ढाबे में वेटर चौफटका निवासी अमरजीत व तीन अन्य कर्मचारी थे। युवकों ने खाना मांगा जिस पर रात ज्यादा होने की बात कहते हुए वेटर ने असमर्थता जताई। आरोप है कि नशे में धुत युवकों ने गालीगलौच शुरू कर दी। विरोध पर उन्होंने अमरजीत को पीटना शुरू कर दिया। आरोप है कि हमलावर युवक गाड़ी में रखा बेलचा व हथौड़ा निकाल ले आए और वेटर को ढाबे से सड़क पर खींचकर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। चौतरफा हमले में वेटर संभल नहीं सका और सड़क पर गिर पड़ा। इसके बावजूद उसे तब तक पीटा जाता रहा जब तक कि वह अधमरा नहीं हो गया। उधर दहशत के चलते अन्य कर्मचारी वहां से भाग खड़े हुए। ढाबा मालिक ने बताया कि एक कर्मचारी ने सूचना दी तो वह भागकर मौके पर पहुंचे और बेसुध पड़े वेटर को अस्पताल पहुंचाया।
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गनीमत रही कि वेटर को कोई भीतरी चोट नहीं आई। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने उसे घर भेज दिया। ढाबा मालिक का आरोप है कि अगले ही दिन उन्होंने मामले की सूचना सिविल लाइंस पुलिस को दी। आरोप है कि थाने पर तैनात एक मुंशी ने तहरीर लेकर उन्हें टरका दिया। पांच दिन बीतने के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की। मामले में सिविल लाइंस इंस्पेक्टर राकेश चौरसिया का कहना है कि पीड़ित को बुलाया गया था लेकिन वह अभी थाने नहीं आया है। थाने आने पर मेडिकल कराकर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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सीसीटीवी फुटेज बयां कर रहा दास्तां
घटना का सीसीटीवी फुटेज देखने से साफ पता चलता है कि हमलावर किस कदर बेखौफ थे। इसमेें 11.40 मिनट पर कुछ युवक ढाबे के भीतर जाते दिखाई पड़ते हैं। लगभग एक मिनट बाद ही युवक वेटर को खींचते हुए बाहर ले आते हैं और उस पर हमला बोल देेते हैं। इसमें दो हमलावर बेलचे व एक हमलावर हथौड़े से वार करते हैं जबकि उनके अन्य साथी वेटर पर लात-घूंसों से हमला करते हैं। वेटर अधमरा होकर सड़क पर गिर जाता है तो हमलावर कार की ओर जाते हैं। दो हमलावर बाइक से जाने लगते हैं। हालांकि इस दौरान एक हमलावर फिर लौटकर आता है और बेसुध पड़े वेटर पर फिर बेलचे से वार करता है।
‘झूठ बोल रही है पुलिस’
मामले में ढाबा मालिक ने पुलिस पर झूठ बोलने का भी आरोप लगाया। उसने बताया कि घटना के अगले ही दिन वह जख्मी हाल में ही वेटर को लेकर सिविल लाइंस थाने गया और तहरीर दी। जिसके बाद उसका मेडिकल भी कराया गया। इसके बावजूद न ही रिपोर्ट दर्ज की गई और न ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल करने की जहमत उठाई। उसका आरोप है कि हमलावरों में से एक राजापुर निवासी युवक था जो अक्सर उसके ढाबे में खाना खाने आता था। हमलावर जिस कार से आए थे वह उसी की थी।