Crime News : नशे का इंजेक्शन देकर नग्न अवस्था में अधेड़ को फेंका, ई-रिक्शा छीनकर भागे बदमाश
महेवाघाट निवासी राम किशुन यादव 55 ई-रिक्शा चलवाता है। बेटे अभिषेक यादव ने बताया कि उसके पिता ने तीन ई-रिक्शा खरीदा है। दो को किराएये पर चलवाते हैं और एक को खुद चलाते थे। रोज की तरह मंगलवार को भी वह ई-रिक्शा लेकर घर से निकले थे।
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नैनी थाना क्षेत्र के महेवाघाट निवासी ई-रिक्शा चालक को बदमाशों ने नशे का इंजेक्शन देकर नग्न अवस्था में फेंक दिया। इसके बाद उसका ई-रिक्शा छीनकर भाग गए। घर न पहुंचने पर परिजन खोजबीन करते रहे, लेकिन उसका कहीं कुछ पता नहीं चला। तीसरे दिन लेप्रोसी अस्पताल के पास एक पुलिया के नीचे बेहोशी की हालत में परिजनों को मिला।
महेवाघाट निवासी राम किशुन यादव 55 ई-रिक्शा चलवाता है। बेटे अभिषेक यादव ने बताया कि उसके पिता ने तीन ई-रिक्शा खरीदा है। दो को किराएये पर चलवाते हैं और एक को खुद चलाते थे। रोज की तरह मंगलवार को भी वह ई-रिक्शा लेकर घर से निकले थे। रात होने पर घर नहीं लौटे। इसके बाद से उनका कुछ पता नहीं चला। जब वह घर नहीं पहुंचे तब उनके पास फोन किया गया, लेकिन मोबाइल बंद था। उसके बाद रात में ही उन्हें खोजने के लिए परिजन निकल पड़े। घंटों सब जगह खोजा गया, लेकिन उसके पिता का कहीं कुछ पता नहीं चला। इसके बाद नैनी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
बेटे ने बताया कि उस दिन पूरे शहर, अस्पताल और मोर्चरी में भी खोजबीन की गई, लेकिन उसके पिता का कहीं पर पता नहीं चला। शुक्रवार शाम करीब चार बजे सूचना मिली कि उसके पिता नैनी के लेप्रोसी अस्पताल के पास एक पुलिया के नीचे बेहोशी की हालत में पड़े हैं। वहां पहुंचे तो उसके पिता के शरीर पर एक भी कपड़े नहीं थे। भूख और प्यास की वजह से वह पूरी बेसुध थे।
एसआरएन अस्पताल में नहीं मिला इलाज
बेटे अभिषेक ने बताया कि वह पिता को इलाज के लिए एसआरएन अस्पताल लेकर पहुंचा। लेकिन, डॉक्टर उन्हें कभी पुरानी बिल्डिंग तो कभी दूसरी जगह भेजते रहे। उसके पिता को भर्ती नहीं किया गया। करीब एक घंटे तक भटकने के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए लेकर जाना पड़ा।
रामबाग से सवारी बैठाकर निकले थे, फिर कुछ पता नहीं चला
इलाज के कई घंटे बाद होश में आने पर ई-रिक्शा चालक राम किशुन ने बताया कि वह मंगलवार की शाम करीब पांच बजे रामबाग से दो युवकों को अपने ई-रिक्शा पर बैठाकर चले थे। इसके बाद उन्हें कुछ भी याद नहीं है कि वह यहां कैसे पहुंचे। राम किशुन बताते हैं तीन दिन बाद जब उन्हें होश आया तो वह वह एक पुलिया के नीचे नग्न अवस्था में पड़े थे। शरीर में उठने की शक्ति नहीं थी। उनके दाहिने हाथ में इंजेक्शन लगने के निशान थे। इससे अनुमान है कि बदमाशों ने उन्हें नशे का ओवर डोज इंजेक्शन देकर पुलिया के नीचे फेंक दिया था। फिलहाल राम किशुन का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।