{"_id":"68bf39fc67c8904a78064e7a","slug":"a-leopard-hiding-in-a-paddy-field-attacked-a-young-man-allahabad-news-c-254-1-sald1001-104947-2025-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: धान के खेत में छिपे तेंदुए ने युवक पर किया हमला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: धान के खेत में छिपे तेंदुए ने युवक पर किया हमला
विज्ञापन
हनुमानगंज सरायइनायत इलाके में आतंक का पर्याय बना तेंदुआ अब भी पकड़ के बाहर है। सोमवार को तेंदुआ क्षेत्र के जमुनीपुर गांव पहुंच गया। गांव के बाहर प्राचीन शिवाला के पीछे धान के खेत में छिपा तेंदुआ सुबह शौच के लिए गए गांव के तारा बिंद, अंकित प्रजापति, कप्तान प्रजापति, बब्लू, शनि व प्रदीप पर हमला कर दिया। तारा के हाथ में तेंदुआ के पंजे से खरोंच आई है।
गनीमत रही कि साथ चल रहे कप्तान बिंद ने हाथ में डंडा ले रखा था। उन्होंने डंडे से तेंदुए पर वार किया तो वह झाड़ियों में चला गया। जानकारी पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोग लाठी, डंडा, फरसा लेकर उसकी तलाश करने लगे पर वह नहीं मिला। सूचना पर वन विभाग के कर्मचारी भी पहुंचे। काफी तलाश के बाद भी तेंदुए का कुछ पता नहीं चला। वहीं, तेंदुए के हमले से जख्मी तारा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटवा एट बनी ले जाया गया। वहां उसे एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया। दूसरे इंजेक्शन के लिए उसे रेफर कर दिया गया।बता दें कि बाढ़ में बहकर आए तेंदुए ने महीने भर से ज्यादा समय से क्षेत्र में दहशत फैला रखी है। कछार से निकल कर आबादी क्षेत्र में आया तेंदुआ अब तक धनैचा, माखनपुर, लीलापुर, सुदनीपुर कला, देवकली, सैदाबाद के चौरा बढेरा, हंडिया के गनेशीपुर, आदि गांवों में देखा जा चुका है।
धनैचा में तो तेंदुए ने गांव के राजेंद्र प्रसाद के सिर पर पंजे से हमला कर घायल कर दिया था वहीं सुदनीपुर कला में बकरी के बच्चे का शिकार किया था। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने कई बार प्रयास किए लेकिन उसे सफलता नहीं मिल पा रही है। तेंदुआ के नहीं पकड़े जाने से ग्रामीण दहशत में हैं।
विज्ञापन
वन क्षेत्राधिकारी फूलपुर लक्ष्मीकांत दुबे ने बताया कि तेंदुए के पंजे के निशान मिले हैं उसका लोकेशन ट्रेस किया जा रहा है। ग्रामीणों को उससे बचाव के लिए जागरूक किया गया है।
तेंदुए के हमले से घायल तारा को बेली में नहीं लगा इंजेक्शन
तेंदुए के हमले से घायल तारा बिंद के हाथ में गहरा घाव होने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटवा एट बनी में रेबीज का इंजेक्शन लगाने के बाद डाक्टरों ने तेज बहादुर सप्रू अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जहां उसे दूसरा इंजेक्शन लगाया जाना था पर तारा जब बेली अस्पताल पहुंचा तो वहां इंजेक्शन नहीं होने की बात कह एसआरएन रेफर कर दिया गया। एसआरएन पहुंचने पर उसे काल्विन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। देर रात तक उसे दूसरा इंजेक्शन नहीं लग सका था।
विज्ञापन
गनीमत रही कि साथ चल रहे कप्तान बिंद ने हाथ में डंडा ले रखा था। उन्होंने डंडे से तेंदुए पर वार किया तो वह झाड़ियों में चला गया। जानकारी पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोग लाठी, डंडा, फरसा लेकर उसकी तलाश करने लगे पर वह नहीं मिला। सूचना पर वन विभाग के कर्मचारी भी पहुंचे। काफी तलाश के बाद भी तेंदुए का कुछ पता नहीं चला। वहीं, तेंदुए के हमले से जख्मी तारा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटवा एट बनी ले जाया गया। वहां उसे एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया। दूसरे इंजेक्शन के लिए उसे रेफर कर दिया गया।बता दें कि बाढ़ में बहकर आए तेंदुए ने महीने भर से ज्यादा समय से क्षेत्र में दहशत फैला रखी है। कछार से निकल कर आबादी क्षेत्र में आया तेंदुआ अब तक धनैचा, माखनपुर, लीलापुर, सुदनीपुर कला, देवकली, सैदाबाद के चौरा बढेरा, हंडिया के गनेशीपुर, आदि गांवों में देखा जा चुका है।
विज्ञापन
धनैचा में तो तेंदुए ने गांव के राजेंद्र प्रसाद के सिर पर पंजे से हमला कर घायल कर दिया था वहीं सुदनीपुर कला में बकरी के बच्चे का शिकार किया था। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने कई बार प्रयास किए लेकिन उसे सफलता नहीं मिल पा रही है। तेंदुआ के नहीं पकड़े जाने से ग्रामीण दहशत में हैं।
विज्ञापन
वन क्षेत्राधिकारी फूलपुर लक्ष्मीकांत दुबे ने बताया कि तेंदुए के पंजे के निशान मिले हैं उसका लोकेशन ट्रेस किया जा रहा है। ग्रामीणों को उससे बचाव के लिए जागरूक किया गया है।
तेंदुए के हमले से घायल तारा को बेली में नहीं लगा इंजेक्शन
तेंदुए के हमले से घायल तारा बिंद के हाथ में गहरा घाव होने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटवा एट बनी में रेबीज का इंजेक्शन लगाने के बाद डाक्टरों ने तेज बहादुर सप्रू अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जहां उसे दूसरा इंजेक्शन लगाया जाना था पर तारा जब बेली अस्पताल पहुंचा तो वहां इंजेक्शन नहीं होने की बात कह एसआरएन रेफर कर दिया गया। एसआरएन पहुंचने पर उसे काल्विन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। देर रात तक उसे दूसरा इंजेक्शन नहीं लग सका था।