प्रयागराज : पुलिस की मौजूदगी में कार सवार युवती ने महिला को मारी टक्कर, सांसद के हस्तक्षेप पर लिखा गया केस
पीड़ित शिवानी ने बताया कि काली पलटन मोहल्ले के नीचे कछार में उनके ससुर ने मऊसरैया अशोक नगर निवासी जीतलाल यादव से 40 साल पहले तीन बीघा जमीन खरीदी थी। तभी से हम लोग खेती करते आ रहे हैं। इस बार सरसों बोई थी।
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द्रौपदी घाट निवासी शिवानी पटेल (28) को पुलिसकर्मी की मौजूदगी में कार सवार युवती ने जोरदार टक्कर मारी। महिला तीन दिन तक कैंट थाने के चक्कर काटती रही, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। फूलपुर सांसद के दखल के बाद पुलिस ने पांच दिन बाद 10 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पीड़ित शिवानी ने बताया कि काली पलटन मोहल्ले के नीचे कछार में उनके ससुर ने मऊसरैया अशोक नगर निवासी जीतलाल यादव से 40 साल पहले तीन बीघा जमीन खरीदी थी। तभी से हम लोग खेती करते आ रहे हैं। इस बार सरसों बोई थी। दो साल पहले जीतलाल का निधन हो जाने पर उनके बेटे विजयराज यादव की नीयत बिगड़ी। कुछ दिनों से जमीन अपनी बताते हुए फसल काटने की धमकी देने लगे।
शिवानी का आरोप है कि कैंट पुलिस से इसकी शिकायत करने पर दरोगा कुलदीप उपाध्याय ने यह कहकर लौटा दिया कि फसल काटने आएं तो उनका वीडियो बनाकर भेजना। 6 मार्च को विजयराज अपने भाई शीर्ष यादव, अमरराज यादव और सुरेश यादव के साथ फसल काटने लगे। 112 नंबर पर कॉल किया तो पुलिस आरोपियों को वहीं छोड़कर उन्हें थाने ले आई।
आरोपी दो दिन तक फसल काटते रहे। दोबारा थाने गई तो दरोगा कुलदीप ने कहा कि जब फसल ले जाएं तब वीडियो बनाकर फोन करना। 8 मार्च की शाम सात बजे भतीजी के साथ खेत पहुंची तो आरोपी बाइक से सरसों ढोते मिले। आरोपियों की बहन बबली भी कार लेकर वहीं खड़ी थी। शिवानी ने दरोगा को कई बार फोन किया। फोन उठाते ही यह कहकर काट दिया कि अभी बाहर हूं।
112 नंबर पर फोन के बाद पुलिस खेत के पास कछार पहुंची। एक सिपाही ने उन्हें थाने चलने को कहा और खुद बबली की कार में बैठ गया। आरोप है कि भतीजी के साथ पैदल जाते वक्त युवती ने उन्हें टक्कर मार दी। वह वहीं बेहोश हो गईं। पुलिसकर्मियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
तीन दिन लगाती रही थाने के चक्कर
शिवानी का आरोप है कि इलाज के बाद तीन दिन रोज घरवालों के साथ कैंट थाने गई, जहां दरोगा कुलदीप उपाध्याय ने तहरीर बदलने का दबाव डाला। इंस्पेक्टर से भी नहीं मिलने दिया। फूलपुर सांसद केसरी देवी पटेल ने जब नाराजगी जताई तब पांच दिन बाद विजयराज यादव, उसके तीन भाइयों और बहन बबली के साथ पांच अज्ञात के खिलाफ एफआईआर लिखी गई। इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने बताया कि एफआईआर दर्ज करके प्रकरण की जांच की जा रही है।