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NCZCC : सुर-स्वाद-शिल्प के संगम पर छाई भावों की सतरंगी छटा, मिजोरम के चेरांव लोकनृत्य की प्रस्तुति ने लुभाया

Sat, 02 Dec 2023 06:32 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 02 Dec 2023 06:32 PM IST
सार

पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने जहां दादरा, सेहरा, विवाह और बधाई गीतों से संगीत प्रेमियों को मुग्ध किया, वहीं मिजोरम के चेरांव लोकनृत्य की थिरकन पर लोग झूमते रहे। शुरुआत पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने विघ्न विनायक गणपति की मूर्ति पर माल्यार्पण के बाद नारियल फोड़कर कर की।

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A colorful spectrum of emotions prevailed at the confluence of music, taste and craft
एनसीजेडसीसी में नृत्य प्रस्तुत करते कलाकार। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सुर-स्वाद और शिल्प के संगम पर भावों की सतरंगी छटा शुक्रवार की शाम हर जेहनोदिल में उतर गई। मौका था एनसीजेडसीसी में 12 दिवसीय राष्ट्रीय शिल्प मेले के आगाज का। पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने जहां दादरा, सेहरा, विवाह और बधाई गीतों से संगीत प्रेमियों को मुग्ध किया, वहीं मिजोरम के चेरांव लोकनृत्य की थिरकन पर लोग झूमते रहे। शुरुआत पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने विघ्न विनायक गणपति की मूर्ति पर माल्यार्पण के बाद नारियल फोड़कर कर की। केंद्र निदेशक प्रो. सुरेश शर्मा ने पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंटकर उनका स्वागत किया।

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मुक्ताकाशीय मंच पर मालिनी ने शुरुआत प्रभु श्रीराम के जन्म से लेकर विवाह तक के गीतों के गुलदस्ते से की। नाल छेदन संस्कार गीत के बाद बधाई गीत भी उन्होंने प्रस्तुत किया। जादू भरी राम तुम्हरी नजरिया... के बाद नीक लागे सिया के बलमुआ आंगनवां बीचे... और रामजी से पूछें जनकपुर की नारी बताव तनि बबुआ लोग देत काहे गारी .... जैसे लोक गीतों से उन्होंने मुग्ध किया। इसके बाद भीड़ की फरमाइश पर रेलिया बैरन पिया को लिए जाइ रे... और कचौड़ी गली सून कइल बलमू.. को सुनाकर उन्होंने खूब तालियां बटोरीं।
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इनसे पहले एमपी के लोक कलाकारउमेश यादव नामदेव और उनकी टीम ने बधाई नृत्य की प्रस्तुति की। फिर, जोथानपुइया रेन्थले और साथी कलाकारों ने मिजोरम के चेरांव लोकनृत्य की भावपूर्ण प्रस्तुति की। इसी तरह याकुम नाबम और साथी कलाकारों ने रिखम्पदा नृत्य की प्रस्तुति से खूब झुमाया।

इसके बाद गुजरात के डांग और राजस्थान के चरी, घूमर लोक नृत्य की थिरकन से चार चांद लगाया गया। शिल्प मेला के शुभांरभ से पहले शहर में कड़ी, ढोल, ताशा और डीजे के साथ शोभा यात्रा निकाली गई। एजी ऑफिस, पत्थर गिरिजाघर से सुभाष चौराहा, सिविल लाइन्स होते हुए पीवीआर से राजापुर होते हुए यात्रा पुन: एनसीजेडसीसी पहुंची। संचालन आकाशवाणी और दूरदर्शन के उद्घोषक संजय पुरषार्थी ने किया।

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