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नेत्रहीन कर्मचारी को मिली ‘जादू की छड़ी’
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 10 Mar 2017 01:42 AM IST
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allahabad
- फोटो : allahabad
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एजी ऑफिस में तैनात नेत्रहीन एमटीएस कर्मचारी राममूर्ति पांडेय की आंखें उस वक्त छलक पड़ीं, जब उनके साथियों और अफसरों ने उन्हें सेंसर वाली छड़ी भेंट की। राममूर्ति का चेहरा खुशी से दमक रहा था, मानों उनके हाथ कोई जादू की छड़ी लग गई हो। साथियों की आत्मीयता से अभिभूत राममूर्ति बार-बार सबका आभार जता रहे थे। वहीं, अफसरों और कर्मचारियों के चेहरे पर भी संतुष्टि का भाव साफ नजर आ रहा था।
एजी ऑफिस के ऑडिट विभाग में तैनात नेत्रहीन एमटीएस कर्मचारी राममूर्ति पांडेय को एजी कर्मियों ने चंदा इकट्ठा कर उन्हें सेंसर वाली छड़ी भेंट की। राममूर्ति की ड्यूटी है कि वह सुबह दफ्तर पहुंचने के बाद अपने अनुभाग में तैनात अफसरों और कर्मचारियों की मेज तक पानी की बोतलें और ग्लास पहुंचाएंगे। इस काम में उन्हें कठिनाई होती थी। कभी दीवार तो कभी किसी साथी के कंधे का सहारा लेकर वह अफसरों और कर्मचारियों की मेज तक पहुंचते। वेतन भी इतना नहीं मिलता कि सेंसर वाली महंगी छड़ी खरीद सकें।
डीएजी संदीप डाबर ने जब राममूर्ति को इस समस्या से जूझते देखा तो उन्होंने अनुभाग के सभी अफसरों और कर्मचारियों से आग्रह किया कि राममूर्ति के लिए सेंसर वाली छड़ी खरीदें। उनके आग्रह पर कर्मचारियों और अफसरों से चंदा इकट्ठा कर सेंसर वाली छड़ी खरीदी और एक सादे समारोह में राममूर्ति को यह छड़ी भेंट की गई। इस मौक पर विनोद कुमार दुबे, मनीष जायसवाल, अजय कुमार सिंह, अश्विनी कुमार श्रीवास्तव, राजेश कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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एजी ऑफिस के ऑडिट विभाग में तैनात नेत्रहीन एमटीएस कर्मचारी राममूर्ति पांडेय को एजी कर्मियों ने चंदा इकट्ठा कर उन्हें सेंसर वाली छड़ी भेंट की। राममूर्ति की ड्यूटी है कि वह सुबह दफ्तर पहुंचने के बाद अपने अनुभाग में तैनात अफसरों और कर्मचारियों की मेज तक पानी की बोतलें और ग्लास पहुंचाएंगे। इस काम में उन्हें कठिनाई होती थी। कभी दीवार तो कभी किसी साथी के कंधे का सहारा लेकर वह अफसरों और कर्मचारियों की मेज तक पहुंचते। वेतन भी इतना नहीं मिलता कि सेंसर वाली महंगी छड़ी खरीद सकें।
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डीएजी संदीप डाबर ने जब राममूर्ति को इस समस्या से जूझते देखा तो उन्होंने अनुभाग के सभी अफसरों और कर्मचारियों से आग्रह किया कि राममूर्ति के लिए सेंसर वाली छड़ी खरीदें। उनके आग्रह पर कर्मचारियों और अफसरों से चंदा इकट्ठा कर सेंसर वाली छड़ी खरीदी और एक सादे समारोह में राममूर्ति को यह छड़ी भेंट की गई। इस मौक पर विनोद कुमार दुबे, मनीष जायसवाल, अजय कुमार सिंह, अश्विनी कुमार श्रीवास्तव, राजेश कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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