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Prayagraj : चांद खमरिया में एक काले हिरन की हुई मौत, ससम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार

Sun, 20 Apr 2025 06:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 20 Apr 2025 06:05 PM IST
सार

चांद खमरिया के महुली कला में एक काले हिरन की मौत हो गई। चिकित्सकों के मुताबिक जंपिंग करने से हिरन के एक पैर की नस फट गई। जिस वजह से उसकी मौत हो गई।

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A black deer died in Chand Khamaria, last rites performed with full respect
काला हिरन। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

चांद खमरिया के महुली कला में एक काले हिरन की मौत हो गई। चिकित्सकों के मुताबिक जंपिंग करने से हिरन के एक पैर की नस फट गई। जिस वजह से उसकी मौत हो गई। हालांकि सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम द्वारा तत्काल काले हिरन के शव को मेजा रेंज ऑफिस लाया गया। जहां तीन पशु चिकित्सकों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। सम्मान के साथ हिरन का मेजा रेंज ऑफिस के समीप पहाड़ पर अंतिम संस्कार किया गया।

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उधर, भाजपा मेजा मंडल के अध्यक्ष शैलेश पाण्डेय ने वन कर्मियों पर आरोप लगाया है कि मृग क्षेत्र चांद खमरिया में देखरेख न होने और लापरवाही की वजह से आए दिन काले हिरन एक के बाद एक दम तोड़ते जा रहे हैं। वन विभाग गंभीर नहीं हो रहा है।

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बता दें कि चांद खमरिया और महुली कला में करीब साढ़े छह सौ काले हिरन हैं। जो झुंड बनाकर रहते हैं। वहां पर मृग क्षेत्र बनाया गया है। वन विभाग का दावा है कि वहां पर काले हिरनों की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया है। शुक्रवार रात में चांद खमरिया के महुली कला में एक काला हिरन घायल अवस्था पड़ा मिला तो ग्रामीणों ने वन विभाग के कर्मचारियों को सूचना दिया।

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सूचना पर मौके पर वन क्षेत्राधिकारी अजय सिंह कर्मचारियों के साथ पहुंचकर घायल काले हिरन को लेकर अस्पताल आ रहे थे कि रास्ते में वह दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद हिरन के शव का ससम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। भाजपा मेजा मंडल के अध्यक्ष शैलेश पाण्डेय ने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी की व्यवस्था न होने और देखरेख के अभाव में हिरनों की मौत हो रही है। इसे वन विभाग गंभीरता से ले। 

 

चांद खमरिया में काले हिरनों की सुरक्षा और देखरेख का पुख्ता इंजताम किया गया है। आधा दर्जन वन कर्मचारियों को लगाया गया है। जिस हिरन की मौत हुई है चिकित्सकों ने बताया कि जंपिंग करने से उसके पिछले एक पैर की नस फट गई थी। जिस वजह से उसकी मौत हुई है। शव का ससम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया है। - अजय सिंह वन क्षेत्राधिकारी मेजा।

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