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हत्या के मामले में नया मोड़, ससुराल वालों पर ही आरोप
Allahabad
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। हरवारा में ससुराल में मारे गए तपन सोनकर (25) की हत्या के मामले में रविवार रात नया मोड़ आ गया। कानपुर के अनवरगंज से दो बोलेरो तथा बस में भरकर इलाहाबाद पहुंच गए और पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा कर दिया। ससुराल वालों और परिजनों में झड़प भी हुई। दोनों में हाथापाई होने लगी। परिजनों का आरोप है कि तपन के साले मंजीत, संजीत और बाले ने ही गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। तपन की मां सरस्वती देवी ने तीनों के खिलाफ धूमनगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस कुक्कू की एफआईआर में ही इसे जोड़ देगी।
सरस्वती देवी का आरोप है कि तीनों साले तपन को मारा करते थे। तपन करीब तीन माह से हरवारा स्थित ससुराल में ही रुका हुआ था। उसकी हरवारा के सुरेश चंद्र की बेटी प्रतिभा उर्फ निरमा से इसी वर्ष 25 फरवरी को शादी हुई थी। तपन के रिश्ते के साले कुक्कू सोनकर का कहना था कि वह इलाहाबाद में रहकर पेंटिंग ब्रश बनाने का काम करने लगा था। इसी वजह से वह अपने घर नहीं जा रहा था। जबकि तपन के पिता हंसराज का आरोप है कि वह तीन माह पूर्व बहू को विदा कराने आया था तो उसको यहीं पर रोक लिया गया। उससे जब भी बात होती थी, वह कहता था कि दिवाली के बाद कानपुर आएगा। हंसराज के साथ ही तपन भी सब्जी के कारोबार से जुड़ा था। वह चार बहनों और दो भाइयों में सबसे छोटा था। ाबड़ा भाई गजोधन भी सब्जी का कारोबार करता है। पोस्टमार्टम के बाद सभी धूमनगंज थाने पहुंच गए। बवाल की आशंका के मद्देनजर भारी फोर्स तैनात कर दी गई थी। पूर्व पार्षद विरेंद्र सोनकर ने लोगों को समझा बुझाकर शांत करवाया। झगड़े के बीच तपन की गर्भवती पत्नी प्रतिभा पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उसकी आंखों से आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे।
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सरस्वती देवी का आरोप है कि तीनों साले तपन को मारा करते थे। तपन करीब तीन माह से हरवारा स्थित ससुराल में ही रुका हुआ था। उसकी हरवारा के सुरेश चंद्र की बेटी प्रतिभा उर्फ निरमा से इसी वर्ष 25 फरवरी को शादी हुई थी। तपन के रिश्ते के साले कुक्कू सोनकर का कहना था कि वह इलाहाबाद में रहकर पेंटिंग ब्रश बनाने का काम करने लगा था। इसी वजह से वह अपने घर नहीं जा रहा था। जबकि तपन के पिता हंसराज का आरोप है कि वह तीन माह पूर्व बहू को विदा कराने आया था तो उसको यहीं पर रोक लिया गया। उससे जब भी बात होती थी, वह कहता था कि दिवाली के बाद कानपुर आएगा। हंसराज के साथ ही तपन भी सब्जी के कारोबार से जुड़ा था। वह चार बहनों और दो भाइयों में सबसे छोटा था। ाबड़ा भाई गजोधन भी सब्जी का कारोबार करता है। पोस्टमार्टम के बाद सभी धूमनगंज थाने पहुंच गए। बवाल की आशंका के मद्देनजर भारी फोर्स तैनात कर दी गई थी। पूर्व पार्षद विरेंद्र सोनकर ने लोगों को समझा बुझाकर शांत करवाया। झगड़े के बीच तपन की गर्भवती पत्नी प्रतिभा पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उसकी आंखों से आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे।
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