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रिटायर्ड डीआईजी स्टांप के घर डकैती
Allahabad
Updated Mon, 13 Oct 2014 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। कीडगंज के मधवापुर में रिटायर्ड डीआईजी स्टांप एसएन श्रीवास्तव के घर रविवार तड़के डकैतों ने धावा बोल दिया। घर के सामने के हिस्से में लगी एसी के नीचे की ग्रिल काटकर सात की संख्या में घुसे डकैतों ने पोते चिराग के सिर पर तमंचा सटाकर पूरे परिवार को बंधक बना लिया। जख्मी करने के बाद उनके हाथ-पांव बांधकर सभी को एक कमरे में बंद कर दिया गया। डकैतों ने घर के सभी कमरों में रखे एक-एक बैग, अलमारी, पलंग, स्टूल और यहां तक कि किचन को भी खंगाला। डकैत एक लाख की नगदी और 25-30 लाख रुपये के गहने ले उडे़। जाते वक्त डकैत मोबाइल ले गए और घर के बाहर के दरवाजे को बंद कर दिया।
एसएन श्रीवास्तव के नौकर पप्पू को उसी ग्रिल से बाहर भेजकर दरवाजा खुलवाया गया और पुलिस को खबर दी गई। सुबह एसओ कीडगंज रविभूषण श्रीवास्तव और फील्ड यूनिट के प्रभारी प्रेम नारायण भारती डॉग स्क्वॉयड के साथ पहुंच गए। एसएसपी दीपक कुमार, एसपी क्राइम एके पांडेय, एसपी सिटी राजेश यादव, सीओ तृतीय भी घटना स्थल पर पहुंचे। डकैत रात में तीन बजे के आसपास घर में दाखिल हुए थे। उस वक्त रिटायर्ड डीआईजी की बहू ऋतिका दो वर्ष के बेटे चिराग को लेकर टॉयलेट जा रही थी। डकैतों ने बच्चे के सिर पर तमंचा लगाने के बाद सबसे पहले ऋतिका के कमरे को ही खंगाला। एसएन श्रीवास्तव का कमरा खुलवाने के लिए डकैतों ने ऋतिका से जबरन कहलवाया कि बच्चे की तबीयत खराब है। यह सुनते ही रिटायर्ड डीआईजी ने दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही डकैत उन पर और उनकी पत्नी रतन पर टूट पड़े। एसएन श्रीवास्तव के सिर पर तमंचे के बट से वार किया गया। दोनों बुजुर्गों को जख्मी करने के बाद डकैतों ने ऋतिका की पांच वर्ष की बेटी दीया को भी बंधक बना लिया। सभी के हाथ-पांव बांधने के बाद मुंह पर टेप चिपका दिया गया। सभी को एक कमरे में बंद कर दिया गया। दो घंटे तक डकैत पूरे घर को खंगालते रहे। पर्स, बैग और यहां तक की झोलों को भी नहीं छोड़ा गया। परिजनों के मुताबिक डकैतों ने नगदी के नाम पर सिर्फ सिक्के ही छोड़े। डकैत सारे रुपये और जेवर बटोर ले गए।
एसएन श्रीवास्तव के बेटे अभय बिहार के गया में न्यायिक मजिस्ट्रेट हैं। उनको भी सुबह फोन कर डकैती की जानकारी दी गई। खबर मिलते ही वह भी इलाहाबाद के लिए रवाना हो गए। रिटायर्ड डीआईजी स्टांप ने कीडगंज थाने में सात अज्ञात डकैतों के खिलाफ रिपोर्ट तो दर्ज करा दी, लेकिन लूटे गए नगदी और जेवर की सही-सही कीमत नहीं बता सके। अनुमान है कि 25 से 30 लाख रुपये के जेवर डकैत उठा ले गए।
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ो घर से कुछ दूर खड़ा किया गया हो।
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एसएन श्रीवास्तव के नौकर पप्पू को उसी ग्रिल से बाहर भेजकर दरवाजा खुलवाया गया और पुलिस को खबर दी गई। सुबह एसओ कीडगंज रविभूषण श्रीवास्तव और फील्ड यूनिट के प्रभारी प्रेम नारायण भारती डॉग स्क्वॉयड के साथ पहुंच गए। एसएसपी दीपक कुमार, एसपी क्राइम एके पांडेय, एसपी सिटी राजेश यादव, सीओ तृतीय भी घटना स्थल पर पहुंचे। डकैत रात में तीन बजे के आसपास घर में दाखिल हुए थे। उस वक्त रिटायर्ड डीआईजी की बहू ऋतिका दो वर्ष के बेटे चिराग को लेकर टॉयलेट जा रही थी। डकैतों ने बच्चे के सिर पर तमंचा लगाने के बाद सबसे पहले ऋतिका के कमरे को ही खंगाला। एसएन श्रीवास्तव का कमरा खुलवाने के लिए डकैतों ने ऋतिका से जबरन कहलवाया कि बच्चे की तबीयत खराब है। यह सुनते ही रिटायर्ड डीआईजी ने दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही डकैत उन पर और उनकी पत्नी रतन पर टूट पड़े। एसएन श्रीवास्तव के सिर पर तमंचे के बट से वार किया गया। दोनों बुजुर्गों को जख्मी करने के बाद डकैतों ने ऋतिका की पांच वर्ष की बेटी दीया को भी बंधक बना लिया। सभी के हाथ-पांव बांधने के बाद मुंह पर टेप चिपका दिया गया। सभी को एक कमरे में बंद कर दिया गया। दो घंटे तक डकैत पूरे घर को खंगालते रहे। पर्स, बैग और यहां तक की झोलों को भी नहीं छोड़ा गया। परिजनों के मुताबिक डकैतों ने नगदी के नाम पर सिर्फ सिक्के ही छोड़े। डकैत सारे रुपये और जेवर बटोर ले गए।
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एसएन श्रीवास्तव के बेटे अभय बिहार के गया में न्यायिक मजिस्ट्रेट हैं। उनको भी सुबह फोन कर डकैती की जानकारी दी गई। खबर मिलते ही वह भी इलाहाबाद के लिए रवाना हो गए। रिटायर्ड डीआईजी स्टांप ने कीडगंज थाने में सात अज्ञात डकैतों के खिलाफ रिपोर्ट तो दर्ज करा दी, लेकिन लूटे गए नगदी और जेवर की सही-सही कीमत नहीं बता सके। अनुमान है कि 25 से 30 लाख रुपये के जेवर डकैत उठा ले गए।
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ो घर से कुछ दूर खड़ा किया गया हो।