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भरी सदन में फूंकी बजट की प्रतियां

Sun, 03 Aug 2014 05:30 AM IST
Allahabad
Allahabad Updated Sun, 03 Aug 2014 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। नगर निगम सदन की शनिवार को हुई बैठक में जमकर हंगामा हुआ। भरी सदन में पार्षद ने बजट की प्रतियां फूंकी। बैठक में मौजूद सांसद श्यामाचरण गुप्त के मकानों को करमुक्त करने पर्यटन को बढ़ावा देकर आय बढ़ाने के सुझाव पर भाजपा और सपा समर्थित पार्षद आमने-सामने आ गए। पार्षदों ने महापौर की टेबल पर पहुंचकर जमकर हंगामा और धक्कामुक्की भी की। इसकी वजह से सदन की बैठक दो बार स्थगित की गई। बजट पर चर्चा के दौरान पार्षदों ने व्यावसायिक भवनों से टैक्स की वसूली अब तक न होने और पिछले वित्तीय वर्ष में लक्ष्य के मुताबिक गृहकर की वसूली न होने पर अफसरों को घेरा। चर्चा के बीच वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए चार अरब 72 करोड़ 46 लाख 59 हजार रुपये आय और इतने ही व्यय वाले बजट को मंजूरी दी गई।
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बजट की विशेष बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई। इस बीच महापौर अभिलाषा गुप्ता ने पार्षदों को गृहकर पर चर्चा का निर्देश दिया। पार्षद ने इस मुद्दे पर नगर निगम प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया। कहा गया कि निगम सीमा में 35000 से अधिक व्यावसायिक भवन हैं लेकिन टैक्स की वसूली काफी कम भवनों से हो रही है। बड़ी संख्या में भवनों पर मोबाइल टावर लगे हैं, जिनसे टैक्स की वसूली नहीं हो रही है। जीआईएस सर्वे में पांच हजार से अधिक मकान छूट गए हैं। पार्षदों ने इनसे टैक्स लेने के साथ स्टेटलैंड पर बने 10 हजार से अधिक मकानों से भी टैक्स वसूले को कहा। कहा कि ऐसा करने से गृहकर वसूली सौ करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
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इस बीच पार्षद नेम यादव ने अफसरों पर व्यावसायिक भवनों से कम टैक्स लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अधिकारी टोपी लगाकर सर्वे करने जाते हैं और भवन की ऊंचाई नहीं देखते। पार्षद निजामउद्दीन ने टोपी बोलने पर आपत्ति की। इसे लेकर पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती इसके पहले महापौर ने 12.05 बजे बैठक स्थगित कर दी। महापौर की गैरमौजूदगी में एक वरिष्ठ पार्षद ने बजट की प्रति में आग लगाकर उनके आसन के सामने फेंक दिया। 15 मिनट बाद बैठक फिर शुरू हुई तो महापौर ने पार्षद को शब्दों पर नियंत्रण की हिदायत दी।
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बैठक में सांसद श्यामाचरण गुप्त ने निगम के बजट को बनावटी बताया। जितनी आय, उतने ही खर्च पर सवाल खड़े किए। सुझाव दिया कि उत्तराखंड सहित कई अन्य राज्यों की भांति टैक्स खत्म कर पर्यटन को बढ़ावा देकर आय अर्जित की जाए। पार्षद निजामउद्दीन ने सांसद के सुझाव का विरोध किया। इससे नाराज भाजपा पार्षद महापौर की टेबिल तक पहुंच गए। सपा समर्थित पार्षद भी वहां पहुंचे और आपस में धक्कामुक्की शुरू हो गई। हंगामे के बीच 12.50 बजे फिर बैठक स्थगित की गई। करीब आधे घंटे बाद 1.25 बजे महापौर दोबारा लौटी और पार्षद गिरीशंकर प्रभाकर पर असंसदीय भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए उन्हें सदन से बाहर निकालने का हुकुम दिया। इससे नाराज भाजपा पार्षद उनके आसन के सामने धरने पर बैठक गए। कुछ देर चले हंगामे के बाद महापौर ने सीसीटीवी रिकार्डिंग देखकर गिरीशंकर और बजट की प्रति जलाने वाले पार्षद के खिलाफ कार्रवाई को कहा।
इन पार्षदों ने किए सवाल
अशोक सिंह, अकीलुर्रहमान, किरन जायसवाल, आभा द्विवेदी, विनय मिश्रा, संजय गुप्ता, पुष्पा कुशवाहा, राजेश कुशवाहा, अहमद अली, रमा दीक्षित, सोनिका अग्रवाल, चंद्रभूषण सिंह, मोहम्मद गौस, भोला तिवारी, गणेश केसरवानी, अतहर रजा लाडले, शिवसेवक सिंह।

नगर आयुक्त आरपी सिंह ने दिए जवाब
0 15000 से अधिक पुराने मकानों को टैक्स में छूट दी गई है। करीब पांच हजार की फीडिंग बाकी है।
0 व्यावसायिक भवनों के सर्वे के लिए दो कर निर्धारण तैनात, दो माह में पूरा करेंगे काम।
0 गृहकर जमा होने की रफ्तार धीमी होने का कारण बिलिंग का काम शतप्रतिशत न होना था। अगस्त तक बिल वितरित किए जाएंगे।
0 अप्रैल से जुलाई के बीच गृहकर जमा करने वालों को 10 प्रतिशत छूट अगले वर्ष समायोजित की जाएगी।
0 लक्ष्य से कम गृहकर की वसूली पर शासन ने रिपोर्ट मांगी है। जिम्मेदार अफसरों के नाम शासन को भेजे जा रहे हैं।
सदन में हुए संकल्प
0 जोनवार व्यावसायिक भवनों का सर्वे 60 दिन में करके रिपोर्ट सदन में रखी जाए। पार्षदों को बताया जाए।
0 व्यावसायिक भवनों से बढ़े टैक्स की वसूली वर्ष 2011 से की जाए।
0 जिन भवनों का मूल्यांकन नहीं हुआ है, एक माह में पूरा किया जाए।
0 जीआईएस सर्वे हुआ है तो उसकी रिपोर्ट सदन में रखी जाए।
0 एक पटल पर तीन वर्ष से अधिक समय से तैनात अधिकारी, कर्मचारी हटाए जाएं।
0 यूनीपोल का 15 वर्ष का एग्रीमेंट खत्म करके एक-एक वर्ष का किया जाए।
0 अवैध रूप से लगे विज्ञापन होर्डिंग्स से जुर्माना वसूला जाए।
0 विज्ञापन नियमावली शासन से तत्काल मंगाई जाए।
0 कबाड़ बेचने के लिए बनी कमेटी के सदस्यों, कितना और क्या कबाड़ बिका, इसकी रिपोर्ट दी जाए।
0 वाहन पार्किंग, साइकिल स्टैंड का टेंडर निकालने से पहले महापौर, पार्षदों को सूचना दी जाए।
अन्य फैसले
0 फेरीनीति के लिए जो पात्र होंगे, उनके पुनर्वास की तैयारी की जा रही है।
0 टैम्पो-टैक्सी से किस तरह का एग्रीमेंट हुआ, कब तक का एग्रीमेंट और ऐसे वाहनों की संख्या बताई जाए।
0 जिन पार्षदों के क्षेत्र में पार्किंग चल रही है, उसकी सूचना दें।
सदन की बैठक में वरिष्ठ पार्षद शिव सेवक सिंह ने विज्ञापन प्रभारी को बदलने की मांग की। उन्होंने शासनादेश का हवाला दिया। कहा कि उसमें सहायक नगर आयुक्त स्तर के अधिकारी को विज्ञापन प्रभारी बनाने का निर्देश है लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ। कहा कि विज्ञापन प्रभारी तत्काल बदला जाए। इससे आय में इजाफा होगा।
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