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नैनी में 50 एकड़ भूमि पर बसेगी नई आवासीय योजना
Allahabad
Updated Wed, 16 Jul 2014 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। इलाहाबाद विकास प्राधिकरण (एडीए) 24 वर्ष बाद जिले में बड़ी आवासीय योजना शुरू करने की तैयारी में हैं। यह योजना नैनी में बनाई जाएगी। यहां से निकलने वाले डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर और इसके जरिए उद्योग के बढ़ने की संभावना तथा प्रस्तावित राज्य विश्वविद्यालय को देखते हुए एडीए आवास और व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करेगा। दूसरी ओर पटरी पार पुराने शहर के बहादुरगंज में जाम की गंभीर समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम ने भूमिगत पार्किंग की योजना तैयार कर ली है। पार्किंग बनने से व्यापारियों के साथ ग्राहकों और यहां रहने वालों को बड़ी राहत मिल जाएगी।
एडीए नैनी में 50 एकड़ जमीन पर आवासीय और व्यावसायिक योजना बनाएगा। यहां उद्योग विभाग की 460 हेक्टेयर जमीन खाली पड़ी है। एडीए उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर, राज्य विश्वविद्यालय और स्पोर्ट्स स्टेडियम का हवाला देते हुए यूपीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक मनोज सिंह को जमीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है। 11 जुलाई को लिखे पत्र में वीसी ने कहा है कि नया यमुना पुल बन जाने के बाद से ही नैनी में आवास की मांग बढ़ गई है। ऐसे में यहां सुनियोजित विकास अति आवश्यक है। एचएफएल और नई अधिग्रहण नीति के तहत नई योजना के लिए जमीन अधिग्रहण में आ रही अड़चन का भी हवाला दिया है। नैनी आवास योजना के समीप उद्योग विभाग के ग्राम गोवर्धनपुर, चक नैनिया, चक माधो दीक्षित, चक बबुरा अलीमाबाद, लवायन कला उपरहार, महुआरी ताल्लुका लवायन, पुरा पांडेय, बरिका, मदनुआ उपरहार, चक गुलाम मोहम्मद, नैनी ताल्लुका, नैनी ददरी, नेवादा, समोगर, बेलवट, मवैया उपरहार, सड़वा कला एवं लवायन खुर्द में 1183.42 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की गई थी। इसमें से आवंटन एवं अवैध कब्जे के उपरांत तकरीबन 460 हेक्टेयर भूमि रिक्त पड़ी है। वीसी ने एमडी से इस रिक्त भूमि से ही आवासीय टाउनशिप के लिए 50 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी बताया है कि इस संबंध में प्रमुख सचिव उद्योग विभाग, प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजक विभाग को भी अवगत करा दिया गया है।
जाम की गंभीर समस्या से जूझ रहे बहादुरगंज के व्यापारियों, ग्राहकों और यहां रहने वालों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद बंध गई है। नगर निगम यहां मोती पार्क में नौ करोड़ रुपये की लागत से भूमिगत पार्किंग बनाने जा रहा है। लखनऊ में अमीनाबाद की तर्ज पर भूमिगत पार्किंग के साथ ऊपर पार्क बनेगा, जिसमें फूड जोन भी होगा। पार्किंग में करीब 150 दुपहिया और 50 से अधिक चारपहिया वाहन खडे़ हो सकेंगे। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी की पहल पर कमिश्नर बादल चटर्जी ने पीपीपी मॉडल पर भूमिगत पार्किंग पर सहमति जता दी है। उनके निर्देश पर नगर निगम ने इसका खाका तैयार कर लिया है और 18 जुलाई को कमिश्नर के सामने इसका प्रेजेंटेशन होगा। महापौर 19 जुलाई को नगर निगम कार्यकारिणी के दो वर्ष पूरा होने के अवसर पर प्रस्तावित समारोह में मोती पार्क में भूमिगत पार्किंग की घोषणा कर सकती हैं।
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एडीए नैनी में 50 एकड़ जमीन पर आवासीय और व्यावसायिक योजना बनाएगा। यहां उद्योग विभाग की 460 हेक्टेयर जमीन खाली पड़ी है। एडीए उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर, राज्य विश्वविद्यालय और स्पोर्ट्स स्टेडियम का हवाला देते हुए यूपीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक मनोज सिंह को जमीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है। 11 जुलाई को लिखे पत्र में वीसी ने कहा है कि नया यमुना पुल बन जाने के बाद से ही नैनी में आवास की मांग बढ़ गई है। ऐसे में यहां सुनियोजित विकास अति आवश्यक है। एचएफएल और नई अधिग्रहण नीति के तहत नई योजना के लिए जमीन अधिग्रहण में आ रही अड़चन का भी हवाला दिया है। नैनी आवास योजना के समीप उद्योग विभाग के ग्राम गोवर्धनपुर, चक नैनिया, चक माधो दीक्षित, चक बबुरा अलीमाबाद, लवायन कला उपरहार, महुआरी ताल्लुका लवायन, पुरा पांडेय, बरिका, मदनुआ उपरहार, चक गुलाम मोहम्मद, नैनी ताल्लुका, नैनी ददरी, नेवादा, समोगर, बेलवट, मवैया उपरहार, सड़वा कला एवं लवायन खुर्द में 1183.42 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की गई थी। इसमें से आवंटन एवं अवैध कब्जे के उपरांत तकरीबन 460 हेक्टेयर भूमि रिक्त पड़ी है। वीसी ने एमडी से इस रिक्त भूमि से ही आवासीय टाउनशिप के लिए 50 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी बताया है कि इस संबंध में प्रमुख सचिव उद्योग विभाग, प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजक विभाग को भी अवगत करा दिया गया है।
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जाम की गंभीर समस्या से जूझ रहे बहादुरगंज के व्यापारियों, ग्राहकों और यहां रहने वालों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद बंध गई है। नगर निगम यहां मोती पार्क में नौ करोड़ रुपये की लागत से भूमिगत पार्किंग बनाने जा रहा है। लखनऊ में अमीनाबाद की तर्ज पर भूमिगत पार्किंग के साथ ऊपर पार्क बनेगा, जिसमें फूड जोन भी होगा। पार्किंग में करीब 150 दुपहिया और 50 से अधिक चारपहिया वाहन खडे़ हो सकेंगे। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी की पहल पर कमिश्नर बादल चटर्जी ने पीपीपी मॉडल पर भूमिगत पार्किंग पर सहमति जता दी है। उनके निर्देश पर नगर निगम ने इसका खाका तैयार कर लिया है और 18 जुलाई को कमिश्नर के सामने इसका प्रेजेंटेशन होगा। महापौर 19 जुलाई को नगर निगम कार्यकारिणी के दो वर्ष पूरा होने के अवसर पर प्रस्तावित समारोह में मोती पार्क में भूमिगत पार्किंग की घोषणा कर सकती हैं।
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