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मुर्गा पकाकर साथ खाने के बाद किया कत्ल!
Allahabad
Updated Thu, 24 Apr 2014 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। वकालत और शेयर कारोबार करने वाले सैबल मुखर्जी उर्फ राजा की कालिंदीपुरम में घर के अंदर लूट और हत्या की जांच में जुटी पुलिस के सामने बड़ा सवाल यह है कि उन्होंने मंगलवार रात किस शख्स के साथ घर में मुर्गा पकाकर खाया था? घर में छानबीन के दौरान पता चला कि मंगलवार रात कत्ल और लूट से पहले दो लोगों ने मुर्गा खाया था। निश्चित तौर पर यह शख्स राजा का बेहद करीबी था। ऐसे में यही माना जा रहा है कि उसी व्यक्ति ने यह कारगुजारी की है। संभव है कि उसने रात में अपने किसी साथी को भी बुला लिया हो। पुलिस को इस पर भी संदेह है कि हत्या के पीछे इरादा लूट ही था। पुलिस मान रही है कि पुराने बकाए या मकान के चक्कर में राजा को मारकर लूट का दिखावा किया गया है।
राजा मुखर्जी पिछले करीब बीस साल से इलाहाबाद में रहते थे। वह मां-बाप की इकलौते बेटे थे। तीन बहन हैं जिनमें एक दिल्ली और दो कोलकाता में रहती हैं। इनकम टैक्स विभाग से रिटायर हुए पिता अशोक मुखर्जी का निधन हो चुका है। उनकी मां रेखा कोलकाता में रहती हैं। बच्चे हुए नहीं। टैगोर टाउन से कालिंदीपुरम में राधाकुंज सेक्टर में वह करीब दस साल पहले आए मगर आसपास के लोगों से राजा की ज्यादा बोलचाल नहीं थी। पड़ोसियों ने बताया कि वह स्वभाव से सीधे थे लेकिन ज्यादा मिलनसार नहीं। यही वजह है कि 16 अप्रैल को अपने मायके जाते समय रंजना पति की खातिर तीन दिन के लिए सब्जी बनाकर फ्रिज में रख गई थीं। वह पड़ोसियों के यहां खाने और उनसे कुछ लेने से कतराते थे। बुधवार दोपहर कोलकाता से पत्नी रंजना के आने पर राजा की हत्या और लूट की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने घर का मुआयना किया तो एक चौंकाने वाली बात पता चली। आंगन में दो थालियों समेत कुछ बर्तन और गिलास मिले। उनसे पता चला कि मंगलवार रात घर में मुर्गा पकाकर दो लोगों ने खाया था। पुलिस ने शराब पीने के संदेह में गिलास उठाकर सूंघे मगर ऐसी महक नहीं थी। मगर यह साफ हो गया कि मंगलवार रात राजा मुखर्जी के साथ एक बेहद करीबी व्यक्ति था जिसके साथ उन्होंने खाना बनाकर खाया था। पुलिस मान रही है कि इसी व्यक्ति ने हत्या और लूट की है। मगर हत्या की वजह क्या थी? पत्नी रंजना ने बताया कि वे इस मकान को बेचकर कोलकाता जाने की तैयारी में थे। कई लोगों से मकान का सौदा तय किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि टैगोर टाउन में उनका फ्लैट खरीदने वाले व्यक्ति पर करीब डेढ़ लाख रुपये बकाया था। वह लगातार टाल रहा था। पुलिस इस एंगल पर जांच कर रही है कि करीबी व्यक्ति ने रात में साजिशन उनके साथ खाना बनाकर खाया फिर आधी रात किसी साथी को बुलाकर यह वारदात कर डाली। भोर में वह उनकी बाइक और घर से लूटा गया सामान लेकर भाग गया। हालांकि प्वाइंट 22 की पिस्टल समेत तमाम कीमती सामान यथावत होने से भी पुलिस को लूट के लिए हत्या पर संदेह है। ऐसे में पुलिस इस वारदात को मकान और बकाएदारी से जोड़कर जांच कर रही है।
राज मुखर्जी हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस को उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल से अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस मान रही है कि कॉल डिटेल के सहारे वह कातिलों तक पहुंच सकती है। रंजना ने बताया कि मंगलवार रात सात बजे उनकी राजा से आखिरी बार बात हुई थी। मगर इलाहाबाद पहुंचकर उन्होंने फोन लगाया तो मोबाइल ऑफ था। पुलिस को कमरे में राजा का मोबाइल स्विच ऑफ मिला। शक है कि कातिलों ने ही मोबाइल ऑफ किया था। मंगलवार की कॉल डिटेल से पता चलेगा कि किन लोगों ने राजा से आखिरी बार बात की थी। उनमें से वह कातिल भी होगा जो उनसे बात करने के बाद मुर्गा पकाकर साथ खाने के बहाने यह वारदात की।
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राजा मुखर्जी की हत्या ने उनकी जीवन संगिनी रंजना को गहरे सदमे में डाल दिया है। दोपहर में घर आने पर पति का शव देखने के बाद तो वह पड़ोस की महिलाओं के गले लगकर रोती-बिलखतीं रही मगर शाम तक उनकी हालत बिगड़ गई। वह कुछ देर के लिए बेहोश भी हो गईं। बच्चे थे नहीं, अब पति के कत्ल ने उन्हें बेसहारा ही कर दिया है। उनका न कोई देवर और जेठ और न ही ससुर ही। उन्हें इस घटना से गहरा आघात पहुंचा है तो आसपास के लोग भी घबराए हैं। पड़ोस में ही रहने वाले कालिंदीपुरम जागृति समिति के सचिव जेपी तिवारी के मुताबिक, राजा मुखर्जी की हत्या और लूट से लोगों में दहशत है। पुलिस की रात में होने वाली गश्त की इस वारदात ने पोल खोल दी है।
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राजा मुखर्जी पिछले करीब बीस साल से इलाहाबाद में रहते थे। वह मां-बाप की इकलौते बेटे थे। तीन बहन हैं जिनमें एक दिल्ली और दो कोलकाता में रहती हैं। इनकम टैक्स विभाग से रिटायर हुए पिता अशोक मुखर्जी का निधन हो चुका है। उनकी मां रेखा कोलकाता में रहती हैं। बच्चे हुए नहीं। टैगोर टाउन से कालिंदीपुरम में राधाकुंज सेक्टर में वह करीब दस साल पहले आए मगर आसपास के लोगों से राजा की ज्यादा बोलचाल नहीं थी। पड़ोसियों ने बताया कि वह स्वभाव से सीधे थे लेकिन ज्यादा मिलनसार नहीं। यही वजह है कि 16 अप्रैल को अपने मायके जाते समय रंजना पति की खातिर तीन दिन के लिए सब्जी बनाकर फ्रिज में रख गई थीं। वह पड़ोसियों के यहां खाने और उनसे कुछ लेने से कतराते थे। बुधवार दोपहर कोलकाता से पत्नी रंजना के आने पर राजा की हत्या और लूट की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने घर का मुआयना किया तो एक चौंकाने वाली बात पता चली। आंगन में दो थालियों समेत कुछ बर्तन और गिलास मिले। उनसे पता चला कि मंगलवार रात घर में मुर्गा पकाकर दो लोगों ने खाया था। पुलिस ने शराब पीने के संदेह में गिलास उठाकर सूंघे मगर ऐसी महक नहीं थी। मगर यह साफ हो गया कि मंगलवार रात राजा मुखर्जी के साथ एक बेहद करीबी व्यक्ति था जिसके साथ उन्होंने खाना बनाकर खाया था। पुलिस मान रही है कि इसी व्यक्ति ने हत्या और लूट की है। मगर हत्या की वजह क्या थी? पत्नी रंजना ने बताया कि वे इस मकान को बेचकर कोलकाता जाने की तैयारी में थे। कई लोगों से मकान का सौदा तय किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि टैगोर टाउन में उनका फ्लैट खरीदने वाले व्यक्ति पर करीब डेढ़ लाख रुपये बकाया था। वह लगातार टाल रहा था। पुलिस इस एंगल पर जांच कर रही है कि करीबी व्यक्ति ने रात में साजिशन उनके साथ खाना बनाकर खाया फिर आधी रात किसी साथी को बुलाकर यह वारदात कर डाली। भोर में वह उनकी बाइक और घर से लूटा गया सामान लेकर भाग गया। हालांकि प्वाइंट 22 की पिस्टल समेत तमाम कीमती सामान यथावत होने से भी पुलिस को लूट के लिए हत्या पर संदेह है। ऐसे में पुलिस इस वारदात को मकान और बकाएदारी से जोड़कर जांच कर रही है।
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राज मुखर्जी हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस को उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल से अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस मान रही है कि कॉल डिटेल के सहारे वह कातिलों तक पहुंच सकती है। रंजना ने बताया कि मंगलवार रात सात बजे उनकी राजा से आखिरी बार बात हुई थी। मगर इलाहाबाद पहुंचकर उन्होंने फोन लगाया तो मोबाइल ऑफ था। पुलिस को कमरे में राजा का मोबाइल स्विच ऑफ मिला। शक है कि कातिलों ने ही मोबाइल ऑफ किया था। मंगलवार की कॉल डिटेल से पता चलेगा कि किन लोगों ने राजा से आखिरी बार बात की थी। उनमें से वह कातिल भी होगा जो उनसे बात करने के बाद मुर्गा पकाकर साथ खाने के बहाने यह वारदात की।
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राजा मुखर्जी की हत्या ने उनकी जीवन संगिनी रंजना को गहरे सदमे में डाल दिया है। दोपहर में घर आने पर पति का शव देखने के बाद तो वह पड़ोस की महिलाओं के गले लगकर रोती-बिलखतीं रही मगर शाम तक उनकी हालत बिगड़ गई। वह कुछ देर के लिए बेहोश भी हो गईं। बच्चे थे नहीं, अब पति के कत्ल ने उन्हें बेसहारा ही कर दिया है। उनका न कोई देवर और जेठ और न ही ससुर ही। उन्हें इस घटना से गहरा आघात पहुंचा है तो आसपास के लोग भी घबराए हैं। पड़ोस में ही रहने वाले कालिंदीपुरम जागृति समिति के सचिव जेपी तिवारी के मुताबिक, राजा मुखर्जी की हत्या और लूट से लोगों में दहशत है। पुलिस की रात में होने वाली गश्त की इस वारदात ने पोल खोल दी है।