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आटिज्म से ग्रसित बच्चों ने दिखायी मेधा
Allahabad
Updated Thu, 03 Apr 2014 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। विश्व स्वालीनता दिवस (वर्ल्ड आटिज्म डे) पर बाल पुनर्वास केंद्र में वैज्ञानिक संगोष्ठी एवं खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें आटिज्म से ग्रसित बच्चों ने मेधा का परिचय दिया। इस मौके पर आटिज्म से जुड़े तमाम वैज्ञानिक पहलुओं की जानकारी देते हुए भाषावाणी चिकित्सक डॉ. गुलाब सिंह ने बताया कि आटिज्म एक विकासात्मक विकलांगता है, जो मुख्य रूप से शाब्दिक, अशाब्दिक, संप्रेषण, एवं सामाजिक समेत अन्य क्रियाओं को प्रभावित करता है। आटिज्म एक जटिल स्नायु विकासात्मक कमी है। जिसके चलते बच्चों की सोच एवं व्यवहार प्रभावित होता है। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि आटिज्म से पीड़ित बच्चों को प्रतिदिन पाठ़्यक्रम एवं शिक्षकों द्वारा बच्चों से सही ढंग से लिखित और मौखिक कार्य कराना चाहिए। इस मौके पर हुईं पेंटिंग और इंडोर गेम प्रतियोगिताओं में बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। चित्रकला प्रतियोगिता में शिवांग, रितिका, साहिल और घेरे के अंदर गेम फेंकने की प्रतियोगिता में चारू, आयुषी एवं अभिनव क्रमश: पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। बच्चों का मार्गदर्शन विशेष प्रशिक्षक अंकिता एवं थेरेपिस्ट डॉ. फहमीना ने किया। डॉ. गुलाब सिंह ने विजयी छात्र छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
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