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जेलर और डिप्टी जेलर समेत13 हुए निलंबित
Allahabad
Updated Sun, 23 Feb 2014 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। नैनी केंद्रीय कारागार में 17 दिन पहले एडीजी जेल की अगुवाई में तलाशी अभियान के दौरान मिले मोबाइल, सिम, चाकू जैसी वस्तुओं के मामले में शनिवार को जेलर संतोष कुमार, डिप्टी जेलर एके सिंह और 11 सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया। सोनभद्र जिला कारागार स्थानांतरित डिप्टी जेलर विजय राय को शुक्रवार को कारागार निदेशालय ने निलंबित कर दिया था। अभी कुछ और जेल अफसरों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
वरिष्ठ अधीक्षक अंबरीश गौड़ ने बताया कि जेलर संतोष कुमार का नैनी जेल से पहले ही तबादला हो चुका था। तलाशी अभियान के बाद उन्हें बरेली जिला कारागार के लिए रिलीव कर दिया गया था। उनके निलंबन का आदेश बरेली कारागार ही भेजा गया है। स्थानीय स्तर पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने 11 सिपाहियों जुबैर अहमद, शिवदास, श्यामनाथ, राधेश्याम, कौशल, विनय कुमार, जगदीश्वर, तूफानी सिंह, कृष्णमय, रघुनाथ और अली हुसैन को सस्पेंड किया है। जेल अधीक्षक के मुताबिक, इन सिपाहियों को जेल में प्रतिबंधित वस्तुओं की मौजूदगी पर निलंबित किया गया है। उल्लेखनीय है कि एडीजी जेल एमएल प्रकाश ने पांच फरवरी को लखनऊ से आकर दो जेल अधीक्षकों, एसपी यमुनापार, एसपी गंगापार समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ नैनी जेल में तलाशी अभियान चलाया था। चार घंटे तक तलाशी में जेल के भीतर आठ मोबाइल फोन, कई सिम, चार्जर, बैटरी, चाकू, भांग, तार, दर्जनों ब्लेड जैसी वस्तुएं मिली थीं। ये सभी वस्तुएं जेल में प्रतिबंधित हैं। मोबाइल फोन के जरिए जेल से ही कई पेशेवर अपराधी अपने गुर्गों से बात कर आपराधिक घटनाओं की साजिश रचते हैं। नशीले पदार्थ, चाकू, ब्लेड, मोबाइल जैसी वस्तुएं जेल के भीतर सिपाहियों और डिप्टी जेलर की मिलीभगत के जरिए ही पहुंचती हैं। अपराधियों से पैसे लेकर उन्हें जेल के भीतर खुली छूट दी जाती है। इस बारे में लगातार शिकायत मिलने की वजह से ही एडीजी जेल ने लखनऊ से सुबह आठ बजे ही आकर जेल के भीतर तलाशी अभियान चलाया था।
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वरिष्ठ अधीक्षक अंबरीश गौड़ ने बताया कि जेलर संतोष कुमार का नैनी जेल से पहले ही तबादला हो चुका था। तलाशी अभियान के बाद उन्हें बरेली जिला कारागार के लिए रिलीव कर दिया गया था। उनके निलंबन का आदेश बरेली कारागार ही भेजा गया है। स्थानीय स्तर पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने 11 सिपाहियों जुबैर अहमद, शिवदास, श्यामनाथ, राधेश्याम, कौशल, विनय कुमार, जगदीश्वर, तूफानी सिंह, कृष्णमय, रघुनाथ और अली हुसैन को सस्पेंड किया है। जेल अधीक्षक के मुताबिक, इन सिपाहियों को जेल में प्रतिबंधित वस्तुओं की मौजूदगी पर निलंबित किया गया है। उल्लेखनीय है कि एडीजी जेल एमएल प्रकाश ने पांच फरवरी को लखनऊ से आकर दो जेल अधीक्षकों, एसपी यमुनापार, एसपी गंगापार समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ नैनी जेल में तलाशी अभियान चलाया था। चार घंटे तक तलाशी में जेल के भीतर आठ मोबाइल फोन, कई सिम, चार्जर, बैटरी, चाकू, भांग, तार, दर्जनों ब्लेड जैसी वस्तुएं मिली थीं। ये सभी वस्तुएं जेल में प्रतिबंधित हैं। मोबाइल फोन के जरिए जेल से ही कई पेशेवर अपराधी अपने गुर्गों से बात कर आपराधिक घटनाओं की साजिश रचते हैं। नशीले पदार्थ, चाकू, ब्लेड, मोबाइल जैसी वस्तुएं जेल के भीतर सिपाहियों और डिप्टी जेलर की मिलीभगत के जरिए ही पहुंचती हैं। अपराधियों से पैसे लेकर उन्हें जेल के भीतर खुली छूट दी जाती है। इस बारे में लगातार शिकायत मिलने की वजह से ही एडीजी जेल ने लखनऊ से सुबह आठ बजे ही आकर जेल के भीतर तलाशी अभियान चलाया था।
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