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कत्ल से पहले तीन बदमाश धराए
Allahabad
Updated Thu, 21 Nov 2013 05:39 AM IST
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इलाहाबाद। क्राइम ब्रांच और कैंट थाने की पुलिस ने बुधवार शाम तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर हत्या की एक वारदात टाल दी। वे तीनों चार साल पहले बेली गांव में हुए एक कत्ल का बदला लेने की फिराक में जा रहे थे। उन तीनों के पास दो तमंचे और एक राइफल और कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि इन तीनों ने एक ठेकेदार के अलावा कौशाम्बी के एक वकील समेत दो लोगों के कत्ल की योजना बना रखी थी।
दरअसल, कुछ दिन पहले एसटीएफ की इलाहाबाद यूनिट को भनक लगी थी कि बेली गांव में रहने वाले जावेद की हत्या की साजिश रची जा रही है। इस बारे में एसटीएफ ने क्राइम ब्रांच को अवगत कराया। जांच में क्राइम ब्रांच ने उन लोगों का पता लगा लिया जो जावेद के कत्ल का मंसूबा बना रहे थे। फिर खबर मिली कि वे बुधवार को जावेद पर हमले की तैयारी में है। बुधवार शाम कैंट थाने की पुलिस और क्राइम ब्रांच बेली कछार के पास घेरकर तीन लोगों को दबोच लिया। उनके कब्जे से दो तमंचा और एक राइफल जब्त की गई। पकड़े गए लोगों में बेली गांव का ही मोहम्मद आमिर उर्फ भुट्टो और नौशाद तथा झूंसी इलाके का मोहम्मद शाहिद है। इंस्पेक्टर कैंट स्वामीनाथ के मुताबिक, बेली गांव में वर्ष 2009 में शकील कंजा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस घटना में जावेद समेत पांच लोगों पर केस लिखा गया था। जावेद ठेकेदारी करता है। तब से शकील कंजा के कत्ल का बदला लेने की साजिश रची जा रही थी। उसे मारने के लिए आमिर, शाहिद और नौशाद ने योजना बना ली थी। गिरफ्तार आरोपियों में भुट्टो के पास पिस्टल और शाहिद के पास राइफल का लाइसेंस है। भुट्टो ने इसी साजिश के तहत अपनी लाइसेंसी पिस्टल दुकान में जमा कर दी थी। वह तमंचा से गोली मारने की फिराक में था। यह भी पता चला है कि इन तीनों की योजना जावेद के साथ ही एक बेली गांव के ही एक और ठेकेदार को मारने की थी। उन्होंने कौशाम्बी जनपद के एक वकील को भी मारने की सोच रखी थी। अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के हथियारों के लाइसेंस निरस्त करने के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजेगी। यह भी जांच होगी कि आखिर आपराधिक मुकदमों के बावजूद उन्हें शस्त्र लाइसेंस कैसे मिल गए।
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दरअसल, कुछ दिन पहले एसटीएफ की इलाहाबाद यूनिट को भनक लगी थी कि बेली गांव में रहने वाले जावेद की हत्या की साजिश रची जा रही है। इस बारे में एसटीएफ ने क्राइम ब्रांच को अवगत कराया। जांच में क्राइम ब्रांच ने उन लोगों का पता लगा लिया जो जावेद के कत्ल का मंसूबा बना रहे थे। फिर खबर मिली कि वे बुधवार को जावेद पर हमले की तैयारी में है। बुधवार शाम कैंट थाने की पुलिस और क्राइम ब्रांच बेली कछार के पास घेरकर तीन लोगों को दबोच लिया। उनके कब्जे से दो तमंचा और एक राइफल जब्त की गई। पकड़े गए लोगों में बेली गांव का ही मोहम्मद आमिर उर्फ भुट्टो और नौशाद तथा झूंसी इलाके का मोहम्मद शाहिद है। इंस्पेक्टर कैंट स्वामीनाथ के मुताबिक, बेली गांव में वर्ष 2009 में शकील कंजा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस घटना में जावेद समेत पांच लोगों पर केस लिखा गया था। जावेद ठेकेदारी करता है। तब से शकील कंजा के कत्ल का बदला लेने की साजिश रची जा रही थी। उसे मारने के लिए आमिर, शाहिद और नौशाद ने योजना बना ली थी। गिरफ्तार आरोपियों में भुट्टो के पास पिस्टल और शाहिद के पास राइफल का लाइसेंस है। भुट्टो ने इसी साजिश के तहत अपनी लाइसेंसी पिस्टल दुकान में जमा कर दी थी। वह तमंचा से गोली मारने की फिराक में था। यह भी पता चला है कि इन तीनों की योजना जावेद के साथ ही एक बेली गांव के ही एक और ठेकेदार को मारने की थी। उन्होंने कौशाम्बी जनपद के एक वकील को भी मारने की सोच रखी थी। अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के हथियारों के लाइसेंस निरस्त करने के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजेगी। यह भी जांच होगी कि आखिर आपराधिक मुकदमों के बावजूद उन्हें शस्त्र लाइसेंस कैसे मिल गए।
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