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मंडल कमीशन ने देश की राजनीति को दी नई दिशा
Allahabad
Updated Sat, 24 Aug 2013 05:34 AM IST
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इलाहाबाद। सरकारी नौकरियों में दलित एवं पिछड़े वर्ग को उचित भागीदारी नहीं मिल रही है। अपना दल इसकी लड़ाई लड़ेगा। मंडल कमीशन ने देश की राजनीति में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। यह विचार अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने पार्टी की रैली में व्यक्त किए। शुक्रवार को कमला गेस्ट हाउस के मैदान में आरक्षण बचाओ महासम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि 23 अगस्त 1999 को पीडी टंडन पार्क में पुलिस प्रशासन ने डॉ. सोनेलाल पटेल सभा में लाठीचार्ज और गोलीबारी कर अंग्रेजों के शासन की याद ताजा कर दी थी।
पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव अनुप्रिया पटेल ने कहा कि हम समाज के जिस शोषित वर्ग के उत्थान के लिए राजनीति कर रहे हैं, जरूरी है कि पार्टी की नीतियों का प्रचार-प्रसार किया जाए। हम सरकार को तानाशाही नहीं करने देंगे और हर कीमत पर आम जनता को न्याय दिलाएंगे। भारतीय राजनीति को नई दिशा देने में मंडल कमीशन की अहम भूमिका रही। इससे पिछड़े दलितों को जहां उनका हक मिला, लेकिन मंडल कमीशन के दौर में सामाजिक न्याय की स्थिति चरमरा रही है। जिस सामाजिक न्याय के लिए मंडल कमीशन लाया था आज पूरी तरह से फ्लाप साबित हो रहा है। 23 साल के बाद प्रथम श्रेणी की नौकरियों में मात्र 4.7 प्रतिशत, द्वितीय में 10.6 प्रतिशत, तृतीय में 19 प्रतिशत और चतुर्थ श्रेणी की नौकिरियों में 12.5 प्रतिशत पिछड़ों को केंद्रीय नौकरियों में हिस्सेदारी मिली। मौकेपर प्रेमचंद्र मौर्य, साजिद अली, गंगाराम यादव, ज्वाला प्रसाद यादव, आरबी सिंह पटेल, राजेंद्र प्रसाद पाल, आशाराम वर्मा, नीलरतन पटेल आदि मौजूद रहे।
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पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव अनुप्रिया पटेल ने कहा कि हम समाज के जिस शोषित वर्ग के उत्थान के लिए राजनीति कर रहे हैं, जरूरी है कि पार्टी की नीतियों का प्रचार-प्रसार किया जाए। हम सरकार को तानाशाही नहीं करने देंगे और हर कीमत पर आम जनता को न्याय दिलाएंगे। भारतीय राजनीति को नई दिशा देने में मंडल कमीशन की अहम भूमिका रही। इससे पिछड़े दलितों को जहां उनका हक मिला, लेकिन मंडल कमीशन के दौर में सामाजिक न्याय की स्थिति चरमरा रही है। जिस सामाजिक न्याय के लिए मंडल कमीशन लाया था आज पूरी तरह से फ्लाप साबित हो रहा है। 23 साल के बाद प्रथम श्रेणी की नौकरियों में मात्र 4.7 प्रतिशत, द्वितीय में 10.6 प्रतिशत, तृतीय में 19 प्रतिशत और चतुर्थ श्रेणी की नौकिरियों में 12.5 प्रतिशत पिछड़ों को केंद्रीय नौकरियों में हिस्सेदारी मिली। मौकेपर प्रेमचंद्र मौर्य, साजिद अली, गंगाराम यादव, ज्वाला प्रसाद यादव, आरबी सिंह पटेल, राजेंद्र प्रसाद पाल, आशाराम वर्मा, नीलरतन पटेल आदि मौजूद रहे।
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