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मिड-डे मील में पांच महीने से नहीं मिली रोटी
इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 19 Aug 2013 10:52 AM IST
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इलाहाबाद में परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील से रोटी गायब है। स्वयंसेवी संस्था ह्यूमन राइट लॉ नेटवर्क (एचआरएलएन) से जुड़े छात्रों के एक दल ने शहर और आसपास के सौ से अधिक विद्यालयों में सर्वे किया।
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पता चला कि मिड-डे मील तैयार करने वाली संस्था को गेहूं की सप्लाई के बाद भी बच्चों को मार्च के बाद से रोटी नहीं मिली है।
सर्वे में यह जानकारी भी मिली कि स्कूलों में बनने वाले खाने की क्वालिटी अच्छी नहीं है। बच्चों के लिए तैयार होने वाली खीर पाउडर वाले दूध से बनाई जाती है। यह भी सामने आया कि मिड-डे मील सप्लाई करने वाली संस्था को सरकार की ओर से लाइसेंस भी जारी नहीं किया गया है।
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मिड-डे मील की क्वालिटी और मात्रा की जांच के लिए एचआरएलएन की ओर से फैक्ट फाइंडिंग टीम में शामिल विधि छात्रों के दल ने शहर में आसपास के क्षेत्रों के परिषदीय विद्यालयों के साथ उस जगह का भी निरीक्षण किया जहां भोजन तैयार किया है।
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निरीक्षण के दौरान छात्रों ने पाया कि बच्चों को मार्च महीने से रोटी नहीं दी जा रही है। जांच के दौरान टीम को कढ़ी-चावल में कीड़े दिखाई पड़े। जांच टीम ने जुलाई महीने में इन स्कूलों का दौरा किया।
बच्चों को रोटी देने के सवाल पर सप्लाई करने वाली संस्था शिव शक्ति कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि रोटी तैयार करने वाली मशीन को चलाने वाला योग्य आपरेटर नहीं है जिसके कारण पिछले पांच महीने से उनके वर्कशाप में रोटी तैयार नहीं हो रही है।
जांच टीम ने शहर के अलोपीबाग, ममफोर्डगंज, नया कटरा सहित कई स्कूलों का दौरा किया। इस दौरान सर्वे टीम में शामिल सदस्यों शिवेंद्र राज सिंघल, मानसी सिंह, पूजा सिंह, खुशबू फैयाज खान, अनुभव सिंह, दीक्षा द्विवेदी, श्रेष्ठा पांडेय ने पाया कि प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को मिलने वाला दोपहर का भोजन न तो पौष्टिक है और न ही पर्याप्त मात्रा में मिलता है। सर्वे टीम का नेतृत्व वरिष्ठ अधिवक्ता केके राय ने किया।
‘रोटी तैयार नहीं होने की बात उनकी जानकारी में नहीं है। जुलाई के आरंभ में कुछ दिन रोटी की आपूर्र्ित में परेशानी थी, उसे दूर कर दिया गया है। गड़बड़ी होने पर जांच कराई जाएगी।’’
राजीव त्रिपाठी, जिला मिड-डे-मील कोआर्डिनेटर