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एक धक्के में ढह जाएगी रेलवे की दीवार
Allahabad
Updated Mon, 13 May 2013 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। महाकुंभ के दौरान रेलवे क्षेत्र में कराए गए सड़क, दीवार और नाली के कार्य दोयम दर्जे के निकले। नवाब यूसुफ रोड से सटे कर्मचारियों के आवासों के सामने बनाई गई चहारदीवारी अभी से टूटने लगी है। दर्जनभर स्थानों पर दीवारों में दरार आ गई है। घटिया निर्माण का आकलन इससे भी कर सकते हैं कि पांच महीने के अंदर ही नई बनी नालियों की मरम्मत करनी पड़ रही है। बोल्डर वाली गिट्टियों के कारण नई सड़क पर भी राहगीर हिचकोले खा रहे हैं।
स्मिथ रोड पर बने फुटओवर ब्रिज और पार्किंग स्थल तक आवागमन आसान बनाने के लिए रेलवे कालोनी की तीन सड़कों की चौड़ाई बढ़ाई गई। इसके लिए तीसरा मार्ग, चौथा मार्ग और पांचवां मार्ग के आवासों की पुरानी चहारदीवारी तोड़कर नई बनाई गई। नई दीवार के निर्माण के दौरान भी ‘अमर उजाला’ ने पुराने ईंटों और बालू से जुड़ाई का मुद्दा उठाया तो अफसरों ने गुणवत्ता में कोई कमी न होने का बहाना बनाया। जबकि, चौथा मार्ग पर उसी दौरान दो दफे चहारदीवारी ढह गई। ठेकेदारों का भुगतान होने के साथ ही अब चहारदीवारी दरकने लगी है। चौथा मार्ग पर ही स्मिथ रोड से सटे आवास की चहारदीवारी का एक हिस्सा टूट गया है। एनसीआरएमयू के सहायक मंडल मंत्री आरएन सिंह के गेट की दीवार में ऊपर से नीचे तक चौड़ी दरार पड़ गई है। दर्जनभर आवास ऐसे हैं जहां चहारदीवारी में दरारें हैं। बाकी जगहों पर भी चहारदीवारी हिल रही है। यह कब ढह जाए, कोई भरोसा नहीं है। पांचवां मार्ग पर भी यही स्थिति है। सही तरीके से चुनाई न होने के कारण गेट तिरछे हो गए हैं। इन्हें बंद करने के लिए कर्मचारियों को रोजाना सिटकिनी से ‘कुश्ती’ लड़नी पड़ रही है। चौथा और पांचवां मार्ग पर कई जगह नालियां टूट गई हैं। कुछ स्थानों पर नालियों की मरम्मत कराकर घटिया काम को ढकने के प्रयास भी हुए हैं। डीआरएम कार्यालय के पीछे कुंभ के दौरान बनाई गई स्मिथ रोड पर अब भी वाहन हिचकोले खा रहे हैं। आरोप है कि सड़क निर्माण में बोल्डर वाली गिट्टियों का इस्तेमाल होने से ऐसा है।
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स्मिथ रोड पर बने फुटओवर ब्रिज और पार्किंग स्थल तक आवागमन आसान बनाने के लिए रेलवे कालोनी की तीन सड़कों की चौड़ाई बढ़ाई गई। इसके लिए तीसरा मार्ग, चौथा मार्ग और पांचवां मार्ग के आवासों की पुरानी चहारदीवारी तोड़कर नई बनाई गई। नई दीवार के निर्माण के दौरान भी ‘अमर उजाला’ ने पुराने ईंटों और बालू से जुड़ाई का मुद्दा उठाया तो अफसरों ने गुणवत्ता में कोई कमी न होने का बहाना बनाया। जबकि, चौथा मार्ग पर उसी दौरान दो दफे चहारदीवारी ढह गई। ठेकेदारों का भुगतान होने के साथ ही अब चहारदीवारी दरकने लगी है। चौथा मार्ग पर ही स्मिथ रोड से सटे आवास की चहारदीवारी का एक हिस्सा टूट गया है। एनसीआरएमयू के सहायक मंडल मंत्री आरएन सिंह के गेट की दीवार में ऊपर से नीचे तक चौड़ी दरार पड़ गई है। दर्जनभर आवास ऐसे हैं जहां चहारदीवारी में दरारें हैं। बाकी जगहों पर भी चहारदीवारी हिल रही है। यह कब ढह जाए, कोई भरोसा नहीं है। पांचवां मार्ग पर भी यही स्थिति है। सही तरीके से चुनाई न होने के कारण गेट तिरछे हो गए हैं। इन्हें बंद करने के लिए कर्मचारियों को रोजाना सिटकिनी से ‘कुश्ती’ लड़नी पड़ रही है। चौथा और पांचवां मार्ग पर कई जगह नालियां टूट गई हैं। कुछ स्थानों पर नालियों की मरम्मत कराकर घटिया काम को ढकने के प्रयास भी हुए हैं। डीआरएम कार्यालय के पीछे कुंभ के दौरान बनाई गई स्मिथ रोड पर अब भी वाहन हिचकोले खा रहे हैं। आरोप है कि सड़क निर्माण में बोल्डर वाली गिट्टियों का इस्तेमाल होने से ऐसा है।
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