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पुलिस लाइन में आंसू गैस छोड़ी, सड़क पर भगदड़
Allahabad
Updated Thu, 25 Apr 2013 02:28 PM IST
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इलाहाबाद। पुलिस लाइन में बुधवार को चल रही पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग शहरियों के लिए मुसीबत बन गई। परेड के बाद पुलिसवालों को टीयर गैस, टीयर ग्रेनेड और टीयर सेल छोड़ने की ट्रेनिंग दी जा रही थी। भारी मात्रा में गैस छोड़े जाने से पुलिस लाइन के आसपास रहने वालों, वहां से गुजरने वालों पर मुसीबत आ गई। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हुई। सुबह का वक्त था बच्चे लाइन के सामने, स्टेनली रोड, कचहरी रोड आदि से स्कूल जा रहे थे। गैस के प्रभाव से उनकी आंखों में जलन होने लगी। आंसू बहने लगे। कुछ की सांसे फंसने लगी। जजेस कालोन समेत तमाम घरों में गैस घुस जाने से परेशानी बढ़ गई। घटना से हड़कम्प मच गया। कुछ लोग विरोध जताने पुलिस लाइन पहुंच गए। अफसरों के संज्ञान में मामला आया तो पूछताछ होने लगी।
पुलिस लाइन में वार्षिक और छह महीने पर पुलिसकर्मियों को टीयर गैस छोड़ने की ट्रेनिंग दी जाती है। बुधवार की सुबह साढ़े छह बजे परेड के दौरान ट्रेनिंग दी जाने लगी। सौ से अधिक पुलिसकर्मी ट्रेनिंग ले रहे थे। इसी दौरान करीब 100 टीयर गैस के गोले, 50 गैस ग्रेनेड और 70 के करीब गैस सेल छोड़े गए। सुबह के वक्त हवा कम थी। पुलिसवालों ने तो गैस झेल ली लेकिन लाइन के आसपास रहने वालों की सांसे थम गईं। जहरीली गैस रिसाव की सोचकर हर कोई डर गया। स्कूली ट्राली, रिक्शा, बस और विक्रम से गुजर रहे बच्चे इसकी चपेट में आए। आंखों में जलन होने लगी। लोगों को महसूस हुआ कि उनका चेहरा जल रहा है। बच्चों की आंखों से आंसू टपकने लगे। सड़क पर अफरातफरी का आलम हो गया। पुलिस लाइन की कालोनी समेत आसपास की कालोनी में गैस का प्रभाव दिखा। घरों में सो रहे लोगों को सांस लेने के दौरान गैस का एहसास हुआ। दहशत की वजह से सड़क पर गुजर रहे बाइक सवार रुक गए। हर कोई आशंकित था कि यह जहरीली गैस तो नहीं। कोई आंखों और मुंह पर पानी छोड़ने लगा तो कोई तुरंत उस इलाके से भाग खड़ा हुआ। मामले को लेकर कुछ लोग पुलिस लाइन पहुंच गए। मामला बढ़ने से ट्रेनिंग बंद कर दी गई।
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पुलिस लाइन में वार्षिक और छह महीने पर पुलिसकर्मियों को टीयर गैस छोड़ने की ट्रेनिंग दी जाती है। बुधवार की सुबह साढ़े छह बजे परेड के दौरान ट्रेनिंग दी जाने लगी। सौ से अधिक पुलिसकर्मी ट्रेनिंग ले रहे थे। इसी दौरान करीब 100 टीयर गैस के गोले, 50 गैस ग्रेनेड और 70 के करीब गैस सेल छोड़े गए। सुबह के वक्त हवा कम थी। पुलिसवालों ने तो गैस झेल ली लेकिन लाइन के आसपास रहने वालों की सांसे थम गईं। जहरीली गैस रिसाव की सोचकर हर कोई डर गया। स्कूली ट्राली, रिक्शा, बस और विक्रम से गुजर रहे बच्चे इसकी चपेट में आए। आंखों में जलन होने लगी। लोगों को महसूस हुआ कि उनका चेहरा जल रहा है। बच्चों की आंखों से आंसू टपकने लगे। सड़क पर अफरातफरी का आलम हो गया। पुलिस लाइन की कालोनी समेत आसपास की कालोनी में गैस का प्रभाव दिखा। घरों में सो रहे लोगों को सांस लेने के दौरान गैस का एहसास हुआ। दहशत की वजह से सड़क पर गुजर रहे बाइक सवार रुक गए। हर कोई आशंकित था कि यह जहरीली गैस तो नहीं। कोई आंखों और मुंह पर पानी छोड़ने लगा तो कोई तुरंत उस इलाके से भाग खड़ा हुआ। मामले को लेकर कुछ लोग पुलिस लाइन पहुंच गए। मामला बढ़ने से ट्रेनिंग बंद कर दी गई।
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