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जहर तो नहीं खरीद रहे आप!
Allahabad
Updated Tue, 23 Apr 2013 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। अगली बार आप मेडिकल स्टोर पर पहुंचे तो दवा लेकर घर जाने से पहले जरा ध्यान दें। कहीं आप दवा की बजाय जहर तो नहीं ले जा रहे हैं। भले ही यह बात थोड़ी कड़वी लगे पर है यह हकीकत। झूंसी में सोमवार दोपहर की छापामारी से साफ है कि तमाम मेडिकल स्टोरों में नकली और खराब दवाएं बेची जा रही हैं। ये दवाएं सेहत सुधारने की बजाय और बिगाड़ रही है। ऐसे केस लगातार सामने आते रहते हैं। दवा खाकर लोग बीमार पड़ते हैं। जान खतरे में पड़ जाती है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अफसरों से शिकायत भी होती मगर कोई ध्यान नहीं देता। नतीजा यह कि मेडिकल स्टोरों में नकली और खराब दवाएं बिक रही हैं। शहर में मेडिकल स्टोरों में नकली और एक्सपायर्ड दवाओं की बिक्री का खुलासा कोई पहली बार नहीं हुआ है। यह बात किसी से छिपी नहीं है इसलिए तमाम लोग दवा खरीदते समय सावधानी बरतते हैं। मगर दवा की दुकान पर जाने वाला हर खरीदार न तो सतर्क नहीं होता है और न तो दवाओं का जानकार। ऐसे में नकली और एक्सपायरी डेट वाली दवाएं खाने से अक्सर मरीज की हालत बिगड़ने के मामले सामने आते हैं। ऐसी शिकायतों का कोई रिकार्ड नहीं रखा जाता है इसलिए कोई तवज्जो भी नहीं देता। ज्यादातर शिकायतों में कुछ होता भी नहीं। सहायक आयुक्त (औषधि) कमल अरोड़ा भी मानते हैं कि मेडिकल स्टोरों में नकली और एक्सपायरी डेट के बाद भी दवाओं की बिक्री की शिकायत मिलती रहती है। इन शिकायतों पर जांच और कार्रवाई की जाती है। पिछले साल लीडर रोड की दुकानों में छापा मारकर भारी मात्रा में नकली दवाएं जब्त की गई थीं। डॉ.केएन काटजू मार्ग और यमुनापार के खीरी इलाके में भी मेडिकल स्टोरों से नकली और खराब दवाएं बरामद की जा चुकी हैं। इन दुकानों में शिकायत मिलने पर छापा मारा गया था। मुनाफा के चक्कर में मेडिकल स्टोर संचालक एक्सपायरी डेट के बाद भी दवाएं नहीं फेंकते और बेच देते हैं। वे जानबूझकर फर्जी कंपनियों की खराब दवाएं खरीदकर ऊंची कीमत पर बेचते हैं। आमदनी के लिए वे मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं तो औषधि विभाग खुद छापामारी करने की बजाय शिकायतों का इंतजार करता रहता है। ऐसे में दवा खरीदते समय खुद सावधानी बरतने की जरूरत है ताकि जान बची रहे।
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