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आतंकवाद को मजहब से जोड़ना अनुचित
इलाहाबाद/ब्यूरो
Updated Sat, 23 Feb 2013 12:16 PM IST
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महाकुंभ नगर। शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ की देखरेख में शुक्रवार को कुंभ नगर स्थित उनके शिविर में सर्वधर्म सम्मेलन में धर्म और आतंकवाद के रिश्तों की पड़ताल की गई। इस मौके पर जुटे सभी धर्म के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से चार सूत्रीय प्रस्ताव पारित किया, जिसे बाद में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भेजा गया।
इसके तहत आतंकवाद को मजहब से न जोड़ते हुए एक राष्ट्रीय नीति बनाए जाने, आतंकवाद के नाम पर गलत ढंग से फंसे युवकों के लिए एक समीक्षा समिति बनाए जाने सहित फास्ट ट्रैक अदालत की ओर से निर्दोषों को बाइज्जत बरी करते हुए मुआवजा देने की मांग की गई।
इसी तरह अलगाव और आतंकवाद खत्म करने के लिए सरकारी प्रयासों को तेज करने सहित सरकार और विद्रोहियों के बीच विश्वास कायम करने के लिए धर्मगुरुओं से योगदान देने और इस दिशा में उच्चस्तरीय राजनीतिक पहल करने की भी मांग की गई।
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सम्मेलन के दौरान स्वामी विवेकानंद, श्रीगुरु सिंह सभा के सरदार जोगिंदर सिंह, सरदार प्रीतम सिंह, डॉ.मोहम्मद कलीम, जामा मस्जिद के मौलाना हाफिज मुहम्मद अलीम सहित अनेक दंडी स्वामी, धर्माचार्य आदि मौजूद थे। बाद में हैदराबाद की आतंकवादी घटना में मारे गए निर्दोष लोगों की आत्मा की शांति के लिए शिविर के यज्ञ मंडप में याज्ञिक अनुष्ठान भी किया गया।
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इसके तहत आतंकवाद को मजहब से न जोड़ते हुए एक राष्ट्रीय नीति बनाए जाने, आतंकवाद के नाम पर गलत ढंग से फंसे युवकों के लिए एक समीक्षा समिति बनाए जाने सहित फास्ट ट्रैक अदालत की ओर से निर्दोषों को बाइज्जत बरी करते हुए मुआवजा देने की मांग की गई।
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इसी तरह अलगाव और आतंकवाद खत्म करने के लिए सरकारी प्रयासों को तेज करने सहित सरकार और विद्रोहियों के बीच विश्वास कायम करने के लिए धर्मगुरुओं से योगदान देने और इस दिशा में उच्चस्तरीय राजनीतिक पहल करने की भी मांग की गई।
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सम्मेलन के दौरान स्वामी विवेकानंद, श्रीगुरु सिंह सभा के सरदार जोगिंदर सिंह, सरदार प्रीतम सिंह, डॉ.मोहम्मद कलीम, जामा मस्जिद के मौलाना हाफिज मुहम्मद अलीम सहित अनेक दंडी स्वामी, धर्माचार्य आदि मौजूद थे। बाद में हैदराबाद की आतंकवादी घटना में मारे गए निर्दोष लोगों की आत्मा की शांति के लिए शिविर के यज्ञ मंडप में याज्ञिक अनुष्ठान भी किया गया।