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केंद्र तय करने को लेकर बढ़ा विवाद, आवंटन लटका
Allahabad
Updated Wed, 16 Jan 2013 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। केंद्र निर्धारण को लेकर शासन की दखलंदाजी के बाद यूपी बोर्ड की ओर से परीक्षा केन्द्रों का आवंटन फंस गया है। यूपी बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो सबसे अधिक विवाद लखनऊ, इलाहाबाद, आगरा, बस्ती, गाजीपुर, देवरिया, आगरा जिलों में सबसे अधिक दागी स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाने की सिफारिश की गई है। लखनऊ के परीक्षा केन्द्रों को लेकर शासन के अधिकारियों और मंत्रियों के दबाव के कारण आवंटन लटक गया है। इन विवादों के कारण ही बोर्ड की ओर से अंतिम सूची जारी करने में देरी हो रही है।
यूपी बोर्ड की ओर से केंद्र निर्धारण के अंतिम चरण में शासन की दखल के बाद पहले से डिबार स्कूलों को भी परीक्षा केंद्र बना दिया गया। जिला समिति और मंडलीय समिति की ओर से मनमाने तरीके से केंद्रों की सिफारिश करने के बाद बोर्ड के क्षेत्रीय दफ्तर के अधिकारियों को इन केंद्रों के नाम पर मुहर लगाने में परेशानी हो रही है। बोर्ड के अफसरों की मानें तो लखनऊ, आगरा, इलाहाबाद, बस्ती सहित मुरादाबाद की सूची बड़े मनमाने तरीके से तैयार की गई है, इससे इन जिलों के परीक्षा केंद्र को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। बोर्ड के अफसरों ने बताया कि कुछ ऐसे स्कूल जो पिछली बार बाउंड्रीवाल और परीक्षार्थियों को बैठने में होने वाली परेशानी के कारण डिबार किए गए थे, उन्हें भी बिना जांच के केंद्र बनाने की सिफारिश कर दी गई है।
मनमाने तरीके से आवंटन होने के कारण बोर्ड के अफसरों को इन केंद्रों पर आम सहमति बनाने में परेशानी हो रही है। यूपी बोर्ड के सूत्रों ने बताया कि इन स्कूलों में बोर्ड सहित शासन के अफसरों और प्रदेश सरकार के मंत्रियों के हैं। इस कारण से इन परीक्षा केंद्रों को सूची से बाहर करना भी अफसरों को भारी पड़ रहा है। इस बारे में यूपी बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय के अपर सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि लखनऊ के केन्द्रों को लेकर कुछ विवाद है, इसका निस्तारण निदेशक को करना है।
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यूपी बोर्ड की ओर से केंद्र निर्धारण के अंतिम चरण में शासन की दखल के बाद पहले से डिबार स्कूलों को भी परीक्षा केंद्र बना दिया गया। जिला समिति और मंडलीय समिति की ओर से मनमाने तरीके से केंद्रों की सिफारिश करने के बाद बोर्ड के क्षेत्रीय दफ्तर के अधिकारियों को इन केंद्रों के नाम पर मुहर लगाने में परेशानी हो रही है। बोर्ड के अफसरों की मानें तो लखनऊ, आगरा, इलाहाबाद, बस्ती सहित मुरादाबाद की सूची बड़े मनमाने तरीके से तैयार की गई है, इससे इन जिलों के परीक्षा केंद्र को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। बोर्ड के अफसरों ने बताया कि कुछ ऐसे स्कूल जो पिछली बार बाउंड्रीवाल और परीक्षार्थियों को बैठने में होने वाली परेशानी के कारण डिबार किए गए थे, उन्हें भी बिना जांच के केंद्र बनाने की सिफारिश कर दी गई है।
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मनमाने तरीके से आवंटन होने के कारण बोर्ड के अफसरों को इन केंद्रों पर आम सहमति बनाने में परेशानी हो रही है। यूपी बोर्ड के सूत्रों ने बताया कि इन स्कूलों में बोर्ड सहित शासन के अफसरों और प्रदेश सरकार के मंत्रियों के हैं। इस कारण से इन परीक्षा केंद्रों को सूची से बाहर करना भी अफसरों को भारी पड़ रहा है। इस बारे में यूपी बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय के अपर सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि लखनऊ के केन्द्रों को लेकर कुछ विवाद है, इसका निस्तारण निदेशक को करना है।
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