{"_id":"8-24100","slug":"Allahabad-24100-8","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाकुंभ में करोड़ों का कारोबार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महाकुंभ में करोड़ों का कारोबार
Allahabad
Updated Thu, 10 Jan 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद। महाकुंभ में पहुंचने वाले स्नानार्थियों की झोली गंगा मइया पुण्य से भरेंगी तो स्नानार्थी और अखाड़े स्थानीय व्यापारियों की तिजोरी भरेंगे। पिछले छह महीने से अच्छे कारोबार की उम्मीद में जुटे व्यापारियों के लिए अब फायदे की फसल काटने के दिन आ गए हैं। बाजार में इसका असर दिखने लगा है। मेला बसने के साथ ही रजाई, गद्दा, कंबल, गर्म कपड़े, खाद्यान्न, दलहन और तिलहन की बिक्री शुरू हो गई है। दुकानदारों को उम्मीद है कि महाकुंभ के नाते शहर में होने वाले कारोबार में तीन-चार गुना बढ़ोतरी होनी तय है। मेला के ग्राहक चौक में पहुंचने लगे हैं।
कुंभ के कारण शहर के आधारभूत ढांचे के सुधार पर करीब 800 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। बेहतर इंतजाम और प्रचार के कारण प्रशासन को उम्मीद है कि मेले में एक करोड़ लोग पहुंचेंगे। शहर के कारोबारी भी इन स्नानाथियों की उम्मीद पर अपने-अपने कारोबार में दोगुनी पूंजी लगा चुके हैं। खाद्यान्न, दलहन, तिलहन, रजाई, गद्दे, कंबल, चादर, गलीचा, बर्तन, किराना और जनरल मर्चेंट से जुड़े कारोबारियों के स्टोर फुल हैं।
लुधियाना, दिल्ली, राजस्थान से पहुंचे कंबल
कारोबारियों ने लुधियाना, दिल्ली, राजस्थान से कंबल, रजाई, चादर की भारी खेप मंगा ली है। कारोबारी राजेश जायसवाल के मुताबिक सर्दी को देखते हुए लगभग दो करोड़ रुपये के कंबल, रजाई, चादर, शॉल, का ऑर्डर दिया गया है। इसके अलावा स्वेटर, जैकेट भी भारी मात्रा में मंगाई गई है।
विज्ञापन
खाद्य सामग्रियों की बिक्री कई गुना
भीड़ पहुंचने के साथ ही चावल, दाल, आटा, चीनी, घी, तेल, रिफाइंड की बिक्री कई गुना बढ़ गई है। शाही स्नान शुरू होने के साथ ही इसकी बिक्री और बढ़ेगी। कारोबारी दिनेश बरनवाल ने बताया कि कानपुर, रीवा, सतना से बड़े पैमाने पर खाद्य वस्तुओं का ऑर्डर किया गया है। इसके साथ ही शीशा, कंघी, मूंगफली के दाने, मखाना, ड्राईफ्रूट्स, गरम मसाले आदि के स्टॉक भी कारोबारियों ने जुटा लिए हैं। सभी को मेला सजने और बसने का इंतजार है।
‘कुंभ मेला के दौरान सामान्य दिनों से चार गुना ज्यादा बिक्री की उम्मीद है। तीन-चार करोड़ रुपये के सामान मेला क्षेत्र में पहुंच गए हैं।’
मनोज केसरवानी
तुषार हैंडलूम, खोआ मंडी
0 ‘गल्ला और तिलहन के थोक बाजार में रोजाना चार से पांच करोड़ का कारोबार है। मेले के कारण इसमें दो गुना बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।’
सतीश केशरवानी
अध्यक्ष, गल्ला-तिलहन व्यापार मंडल
0 ‘ठंड के साथ ही मेले ने जैकेट, स्वेटर, मफलर, टोपी और अन्य गरम कपड़ों के बाजार में तेजी भर दी है। अबकी सीजन में शहर में 45-50 करोड़ का कारोबार है।’
धर्मजीत सिंह रिंकू
जैकेट, स्वैटर के थोक विक्रेता
0 ‘ठंड के कारण कंबल की बिक्री बढ़ी है। पिछले साल की अपेक्षा तीन गुना से ज्यादा बिक्री है। कुंभ भी इसकी बड़ी वजह है।’
मंजीत सिंह
मंजीत टेक्सटाइल्स, खोआ मंडी
विज्ञापन
कुंभ के कारण शहर के आधारभूत ढांचे के सुधार पर करीब 800 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। बेहतर इंतजाम और प्रचार के कारण प्रशासन को उम्मीद है कि मेले में एक करोड़ लोग पहुंचेंगे। शहर के कारोबारी भी इन स्नानाथियों की उम्मीद पर अपने-अपने कारोबार में दोगुनी पूंजी लगा चुके हैं। खाद्यान्न, दलहन, तिलहन, रजाई, गद्दे, कंबल, चादर, गलीचा, बर्तन, किराना और जनरल मर्चेंट से जुड़े कारोबारियों के स्टोर फुल हैं।
विज्ञापन
लुधियाना, दिल्ली, राजस्थान से पहुंचे कंबल
कारोबारियों ने लुधियाना, दिल्ली, राजस्थान से कंबल, रजाई, चादर की भारी खेप मंगा ली है। कारोबारी राजेश जायसवाल के मुताबिक सर्दी को देखते हुए लगभग दो करोड़ रुपये के कंबल, रजाई, चादर, शॉल, का ऑर्डर दिया गया है। इसके अलावा स्वेटर, जैकेट भी भारी मात्रा में मंगाई गई है।
विज्ञापन
खाद्य सामग्रियों की बिक्री कई गुना
भीड़ पहुंचने के साथ ही चावल, दाल, आटा, चीनी, घी, तेल, रिफाइंड की बिक्री कई गुना बढ़ गई है। शाही स्नान शुरू होने के साथ ही इसकी बिक्री और बढ़ेगी। कारोबारी दिनेश बरनवाल ने बताया कि कानपुर, रीवा, सतना से बड़े पैमाने पर खाद्य वस्तुओं का ऑर्डर किया गया है। इसके साथ ही शीशा, कंघी, मूंगफली के दाने, मखाना, ड्राईफ्रूट्स, गरम मसाले आदि के स्टॉक भी कारोबारियों ने जुटा लिए हैं। सभी को मेला सजने और बसने का इंतजार है।
‘कुंभ मेला के दौरान सामान्य दिनों से चार गुना ज्यादा बिक्री की उम्मीद है। तीन-चार करोड़ रुपये के सामान मेला क्षेत्र में पहुंच गए हैं।’
मनोज केसरवानी
तुषार हैंडलूम, खोआ मंडी
0 ‘गल्ला और तिलहन के थोक बाजार में रोजाना चार से पांच करोड़ का कारोबार है। मेले के कारण इसमें दो गुना बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।’
सतीश केशरवानी
अध्यक्ष, गल्ला-तिलहन व्यापार मंडल
0 ‘ठंड के साथ ही मेले ने जैकेट, स्वेटर, मफलर, टोपी और अन्य गरम कपड़ों के बाजार में तेजी भर दी है। अबकी सीजन में शहर में 45-50 करोड़ का कारोबार है।’
धर्मजीत सिंह रिंकू
जैकेट, स्वैटर के थोक विक्रेता
0 ‘ठंड के कारण कंबल की बिक्री बढ़ी है। पिछले साल की अपेक्षा तीन गुना से ज्यादा बिक्री है। कुंभ भी इसकी बड़ी वजह है।’
मंजीत सिंह
मंजीत टेक्सटाइल्स, खोआ मंडी