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आखिर फ्लाईओवर से हटवाना पड़ा डिवाइडर
Allahabad
Updated Fri, 04 Jan 2013 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। प्रशासन को अलोपीबाग फ्लाईओवर से आखिरकार डिवाइडर हटवाना पड़ा। फ्लाईओवर पर ट्रैफिक नियंत्रण में असफल रहे पुलिस प्रशासन के पास इसके अलावा और कोई रास्ता भी नहीं था। हालांकि जब फ्लाईओवर पर डिवाइडर बनाए जाने का निर्णय हुआ था, ‘अमर उजाला’ ने इस पर सवाल उठाया था। साथ ही इस मसले पर प्रमुखता से खबर भी प्रकाशित की थी लेकिन प्रशासन ने डिवाइडर बनवा दिया। इसके बाद वही हुआ, जिसकी आशंका थी। डिवाइडर से पुल पर यातायात व्यवस्था और बदतर होने लगी। गलती का एहसास होने पर प्रशासन ने डिवाइडर हटवा दिया।
फ्लाईओवर की डिजाइन को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। खुद नगर विकास मंत्री आजम खान ने डिजाइन पर आपत्ति जताई थी लेकिन तब निर्माण पूरा हो चुका था। फ्लाईओवर टू लेन का है, सो इस पर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसी के मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस ने एक प्लान तैयार किया, जिसके मुताबिक फ्लाईओवर पर झूंसी और बैरहना की तरफ से आने वाले वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति है जबकि सोहबतियाबाग की तरफ से झूंसी या बैरहना जाने वालों का प्रवेश फ्लाईओवर में प्रतिबंधित है। इसके अलावा झूंसी की तरफ से फ्लाईओवर पर चढ़ने वालों के लिए सोहबतियाबाग की तरफ वाहन मोड़ना प्रतिबंधित है। सिर्फ बैरहना की ओर से फ्लाईओवर पर चढ़ने वाले वाहन ही सोहबतियाबाग की तरफ मोड़े जा सकते हैं। प्लान तो बना लिया गया लेकिन इसका इसका अनुपालन कौन कराए, इस समस्या के हल के तौर पर झूंसी, बैरहना और सोहबतियाबाग की तरफ से आने वाले रास्तों के तिराहे पर 100 मीटर लंबा डिवाइडर बना दिया गया। डिवाइडर झूंसी और बैरहना की दिशा में बनाया गया लेकिन वाहन चालक कहां मानने वाले। ट्रैफिक पुलिस की गैरमौजूदगी में डिवाइडर किसी का रास्ता नहीं रोक सका। इसकी वजह से कई बार फ्लाईओवर पर जाम लगने लगा। यातायात में अवरोध होता देख प्रशासन को अंतत: डिवाइडर हटवाना पड़ा। पुल पर यातायात के दौरान ट्रैफिक पर निगरानी रखने वाला कोई नहीं। ऐसे में ‘प्रवेश निषेध’ लिखा बोर्ड शोपीस बनकर रह गया है। फ्लाईओवर पर हर तरफ से ट्रैफिक चल चल रहा है।
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फ्लाईओवर की डिजाइन को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। खुद नगर विकास मंत्री आजम खान ने डिजाइन पर आपत्ति जताई थी लेकिन तब निर्माण पूरा हो चुका था। फ्लाईओवर टू लेन का है, सो इस पर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसी के मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस ने एक प्लान तैयार किया, जिसके मुताबिक फ्लाईओवर पर झूंसी और बैरहना की तरफ से आने वाले वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति है जबकि सोहबतियाबाग की तरफ से झूंसी या बैरहना जाने वालों का प्रवेश फ्लाईओवर में प्रतिबंधित है। इसके अलावा झूंसी की तरफ से फ्लाईओवर पर चढ़ने वालों के लिए सोहबतियाबाग की तरफ वाहन मोड़ना प्रतिबंधित है। सिर्फ बैरहना की ओर से फ्लाईओवर पर चढ़ने वाले वाहन ही सोहबतियाबाग की तरफ मोड़े जा सकते हैं। प्लान तो बना लिया गया लेकिन इसका इसका अनुपालन कौन कराए, इस समस्या के हल के तौर पर झूंसी, बैरहना और सोहबतियाबाग की तरफ से आने वाले रास्तों के तिराहे पर 100 मीटर लंबा डिवाइडर बना दिया गया। डिवाइडर झूंसी और बैरहना की दिशा में बनाया गया लेकिन वाहन चालक कहां मानने वाले। ट्रैफिक पुलिस की गैरमौजूदगी में डिवाइडर किसी का रास्ता नहीं रोक सका। इसकी वजह से कई बार फ्लाईओवर पर जाम लगने लगा। यातायात में अवरोध होता देख प्रशासन को अंतत: डिवाइडर हटवाना पड़ा। पुल पर यातायात के दौरान ट्रैफिक पर निगरानी रखने वाला कोई नहीं। ऐसे में ‘प्रवेश निषेध’ लिखा बोर्ड शोपीस बनकर रह गया है। फ्लाईओवर पर हर तरफ से ट्रैफिक चल चल रहा है।
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