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मुख्यमंत्री जी! आइए इन मुहल्लों में आपका स्वागत है
Allahabad
Updated Mon, 10 Dec 2012 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। मुख्यमंत्री जी! इलाहाबाद आइए तो महाकुंभ क्षेत्र से जुड़े मोहल्लों की सड़क और गलियों में जरूर घूमिए। मेला क्षेत्र का हिस्सा बन चुके दारागंज, अल्लापुर, कीडगंज, जार्जटाउन, हाशिमपुर की सड़कें और गलियां देख आपको यकीन हो जाएगा कि जिम्मेदार कहे जा रहे अफसरों ने मेला के दौरान पूरी दुनिया के लोगों के सामने सरकार की किरकिरी करने का पूरा इंतजाम कर रखा है। मेला के दौरान जब देश के दूसरे हिस्सों और पूरी दुनिया से लोग संगमनगरी पहुंचेंगे तो उनका सामना सीवर के पानी से भरी सड़कों, टूटी नालियों, उखड़ी सड़कों से होगा। सिविल लाइंस की मुख्य सड़कें भले ही चमक गई हों लेकिन मुख्य मेला क्षेत्र वाले मोहल्लों की सड़कों पर अब भी नालियों का पानी बह रहा और जगह जगह गड्ढे हैं।
लंबे समय से सफाई न होने के कारण नालियों में भारी मात्रा में सिल्ट भर गई है। नालियों में सड़ रही सिल्ट से भीषण दुर्गंध भी उठ रही है। एलनगंज से हाशिमपुर की ओर जाने वाली सड़क पर सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदा गया गड्ढा अब तक नहीं पाटा गया है। अब जबकि मेला शुरू होने में 20 दिन शेष हैं, 25 दिसंबर के बाद कल्पवासियों का भी आना शुरू हो जाएगा, ऐसे में इन इलाकों में काम कब होगा, कहना मुश्किल है।
दारागंज में गलियां खस्ताहाल, हर तरह गंदगी
दारागंज मेला क्षेत्र का ही हिस्सा है। स्टेशन से मोरी गेट की ओर जाने वाली सड़क के दोनों पर मलबे का ढेर लगा है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। निराला चौराहा से सब्जी मंडी तक सड़क पर कीचड़ का ढेर लगा है। नगर निगम की ओर से चलाए गए अतिक्रमण अभियान में निकला मलबा भी अब तक नहीं हटाया गया है। दारागंज थाने के बगल से होकर बक्शी बांध तक जाने वाली गली का हाल बेहद खराब है। मेले के दौरान प्रयाग स्टेशन पर उतरने वाले श्रद्धालु बक्शी बांध होकर इसी गली के रास्ते संगम तक पहुंचते हैं लेकिन वर्तमान में इस गली में जगह-जगह कूडे़ का ढेर लगा है और नालियां कीचड़ से पटी हैं। नगर निगम ने सफाई के लिए अतिरिक्त कर्मचारी भी रखे हैं लेकिन वह काम कहां कर रहे हैं, यह किसी को नहीं पता।
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कीडगंज में सड़क बनी न गलियां, सफाई भी नहीं
दारागंज के बाद कीडगंज मेला क्षेत्र का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण इलाका है। जूना और बड़ा उदासीन पंचायती अखाड़ों के मुख्यालय भी हैं। इन अखाड़ों का पेशवाई जुलूस शंकर लाल भार्गव मार्ग, त्रिवेणी रोड और हेमा कुटीर रोड से होकर निकलता है लेकिन इन मार्गों की मरम्मत अब तक नहीं हुई है। कीडगंज की गलियों की स्थिति भी काफी दयनीय है। निषाद बस्ती की सात और पंडा समाज की लाल वीरेंद्र शर्मा गली, त्रिभुवन नाथ मार्ग, 13 नंबर गेट से लेकर नौ नंबर गेट तक की गली का हाल बेहद खराब है। कीडगंज की विभिन्न सड़कों और गलियों में सात बड़े धर्मशालाएं हैं जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु रुकते हैं लेकिन किसी भी धर्मशाला के सामने सड़क, गली की मरम्मत नहीं हुई है। क्षेत्र में सफाई व्यवस्था भी खराब है। यहां 18 गलियों की सफाई के लिए तीन कर्मचारी थे। नगर निगम ने उन कर्मचारियों को अतिक्रमण दस्ते में शामिल कर लिया लेकिन उनके स्थान पर दूसरे कर्मचारियों की तैनाती नहीं की गई।
अल्लापुर में हर तरफ कूड़ा, कचरा
अल्लापुर भी मेला क्षेत्र का महत्वपूर्ण इलाका है। अलोप शंकरी मंदिर से हैजा अस्पताल होकर अल्लापुर की ओर जाने वाली सड़क पर गंदगी का अंबार लगा है। हैजा अस्पताल के आसपास नालियां इस कदर जाम हैं कि गंदा पानी सड़क और गलियों में भरा रहता है। अल्लापुर पानी टंकी को जाने वाले रास्ते के बीच मरम्मत के नाम पर पुलिया खोद कर छोड़ दी गई है और सड़क पर मलबे का ढेर लगा है। इस सड़क के दोनों ओर नालियां महीनों से साफ नहीं हुई हैं जिसके कारण दुर्गंध उठ रही है।
हाशिमपुर, एलनगंज में सड़क पर बह रहा सीवर का पानी
तेलियरगंज, कटरा, मम्फोर्डगंज से सीधे मेला जाने वाले हाशिमपुर और एलनगंज से होकर जाते हैं लेकिन हाशिमपुर रोड से संगम को जाने वाला मार्ग पूरी तरह उखड़ा हुआ है। वहां अब तक सीवर का पानी सड़क पर बह रहा है। एलनगंज चौराहा के पास सीवर के लिए खोदी गई सड़क का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। प्रयाग स्टेशन पर उतरकर काफी संख्या में श्रद्धालु एलनगंज चौराहा, बक्शी बांध होकर भी मेला क्षेत्र में जाते हैं लेकिन नगर निगम और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अफसरों को लगता है इससे कोई लेना देना नहीं।
जार्जटाउन में नहीं बनी सड़कें
जार्जटाउन में कई सड़कें अब तक नहीं बन सकी हैं। जार्जटाउन थाने से सोहबतियाबाग की ओर जाने वाली सड़क, थाने से ही मेडिकल कॉलेज की ओर जाने वाली सड़क अब तक नहीं बनाई गई है। मूकबधिर विद्यालय के पीछे की गली का हाल भी खराब है। मरम्मत के नाम पर थाने के बगल में और विद्यालय के पीछे की गली में गिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है।
गोरा कब्रिस्तान के पास धंसा नाला
इलाहाबाद। बैरहना चौराहा पर गोरा कब्रिस्तान की दीवार से सट कर बह रहा नाला काफी दूर तक धंस गया है। ठीक चौराहे पर सड़क की तरफ नाले की दीवार काफी दूर तक गिर गई है और मिट्टी कटकर नाले में समा गई है। इससे वहां तकरीबन दस फीट चौड़ा गड्ढा हो गया है। शहर से एडीसी, यमुना बैंक रोड होकर नैनी जाने का यह मुख्य मार्ग है लेकिन नगर निगम इसे लेकर इस कदर लापरवाह है कि नाले की मरम्मत दूर यहां सुरक्षा के लिहाज से बांस-बल्ली तक नहीं लगवाया गया। तीन दिन पहले एक दोपहिया वाहन सवार इस नाले में गिर भी चुका है। कब्रिस्तान के ठीक सामने कूड़ा अड्डे के कारण एक तरफ की सड़क पूरी तरह बंद हो गई है। सफाई कर्मचारी मोहल्लों से कूड़ा निकलाकर यहां सड़क पर ही डाल देते हैं। यह नाला किसी भी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
कहीं जानलेवा न हो जाए यमुना बैंक रोड
नैनी से संगम की तरफ आने का एक प्रमुख मार्ग यमुना बैंक रोड श्रद्धालुओं के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। बैरहना चौराहा से पुराने पुल को जोड़ने वाली इस सड़क पर बोट क्लब के कुछ पहले तक यमुना की ओर खतरनाक गड्ढा हो गया है। इसमें बड़ी मात्रा में झाड़ियां उग आई हैं। सड़क से बिलकुर सट कर गड्ढा है। वाहन चालक थोड़ा भी लड़खड़ाए तो गड्ढे में जा सकते हैं। खासतौर पर टर्निंग पर बेहद खतरनाक स्थिति है। प्रशासन को इस पर तत्काल ध्यान देना चाहिए अन्यथा मेले के दौरान बड़ा हादसा हो सकता है।
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लंबे समय से सफाई न होने के कारण नालियों में भारी मात्रा में सिल्ट भर गई है। नालियों में सड़ रही सिल्ट से भीषण दुर्गंध भी उठ रही है। एलनगंज से हाशिमपुर की ओर जाने वाली सड़क पर सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदा गया गड्ढा अब तक नहीं पाटा गया है। अब जबकि मेला शुरू होने में 20 दिन शेष हैं, 25 दिसंबर के बाद कल्पवासियों का भी आना शुरू हो जाएगा, ऐसे में इन इलाकों में काम कब होगा, कहना मुश्किल है।
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दारागंज में गलियां खस्ताहाल, हर तरह गंदगी
दारागंज मेला क्षेत्र का ही हिस्सा है। स्टेशन से मोरी गेट की ओर जाने वाली सड़क के दोनों पर मलबे का ढेर लगा है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। निराला चौराहा से सब्जी मंडी तक सड़क पर कीचड़ का ढेर लगा है। नगर निगम की ओर से चलाए गए अतिक्रमण अभियान में निकला मलबा भी अब तक नहीं हटाया गया है। दारागंज थाने के बगल से होकर बक्शी बांध तक जाने वाली गली का हाल बेहद खराब है। मेले के दौरान प्रयाग स्टेशन पर उतरने वाले श्रद्धालु बक्शी बांध होकर इसी गली के रास्ते संगम तक पहुंचते हैं लेकिन वर्तमान में इस गली में जगह-जगह कूडे़ का ढेर लगा है और नालियां कीचड़ से पटी हैं। नगर निगम ने सफाई के लिए अतिरिक्त कर्मचारी भी रखे हैं लेकिन वह काम कहां कर रहे हैं, यह किसी को नहीं पता।
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कीडगंज में सड़क बनी न गलियां, सफाई भी नहीं
दारागंज के बाद कीडगंज मेला क्षेत्र का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण इलाका है। जूना और बड़ा उदासीन पंचायती अखाड़ों के मुख्यालय भी हैं। इन अखाड़ों का पेशवाई जुलूस शंकर लाल भार्गव मार्ग, त्रिवेणी रोड और हेमा कुटीर रोड से होकर निकलता है लेकिन इन मार्गों की मरम्मत अब तक नहीं हुई है। कीडगंज की गलियों की स्थिति भी काफी दयनीय है। निषाद बस्ती की सात और पंडा समाज की लाल वीरेंद्र शर्मा गली, त्रिभुवन नाथ मार्ग, 13 नंबर गेट से लेकर नौ नंबर गेट तक की गली का हाल बेहद खराब है। कीडगंज की विभिन्न सड़कों और गलियों में सात बड़े धर्मशालाएं हैं जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु रुकते हैं लेकिन किसी भी धर्मशाला के सामने सड़क, गली की मरम्मत नहीं हुई है। क्षेत्र में सफाई व्यवस्था भी खराब है। यहां 18 गलियों की सफाई के लिए तीन कर्मचारी थे। नगर निगम ने उन कर्मचारियों को अतिक्रमण दस्ते में शामिल कर लिया लेकिन उनके स्थान पर दूसरे कर्मचारियों की तैनाती नहीं की गई।
अल्लापुर में हर तरफ कूड़ा, कचरा
अल्लापुर भी मेला क्षेत्र का महत्वपूर्ण इलाका है। अलोप शंकरी मंदिर से हैजा अस्पताल होकर अल्लापुर की ओर जाने वाली सड़क पर गंदगी का अंबार लगा है। हैजा अस्पताल के आसपास नालियां इस कदर जाम हैं कि गंदा पानी सड़क और गलियों में भरा रहता है। अल्लापुर पानी टंकी को जाने वाले रास्ते के बीच मरम्मत के नाम पर पुलिया खोद कर छोड़ दी गई है और सड़क पर मलबे का ढेर लगा है। इस सड़क के दोनों ओर नालियां महीनों से साफ नहीं हुई हैं जिसके कारण दुर्गंध उठ रही है।
हाशिमपुर, एलनगंज में सड़क पर बह रहा सीवर का पानी
तेलियरगंज, कटरा, मम्फोर्डगंज से सीधे मेला जाने वाले हाशिमपुर और एलनगंज से होकर जाते हैं लेकिन हाशिमपुर रोड से संगम को जाने वाला मार्ग पूरी तरह उखड़ा हुआ है। वहां अब तक सीवर का पानी सड़क पर बह रहा है। एलनगंज चौराहा के पास सीवर के लिए खोदी गई सड़क का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। प्रयाग स्टेशन पर उतरकर काफी संख्या में श्रद्धालु एलनगंज चौराहा, बक्शी बांध होकर भी मेला क्षेत्र में जाते हैं लेकिन नगर निगम और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अफसरों को लगता है इससे कोई लेना देना नहीं।
जार्जटाउन में नहीं बनी सड़कें
जार्जटाउन में कई सड़कें अब तक नहीं बन सकी हैं। जार्जटाउन थाने से सोहबतियाबाग की ओर जाने वाली सड़क, थाने से ही मेडिकल कॉलेज की ओर जाने वाली सड़क अब तक नहीं बनाई गई है। मूकबधिर विद्यालय के पीछे की गली का हाल भी खराब है। मरम्मत के नाम पर थाने के बगल में और विद्यालय के पीछे की गली में गिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है।
गोरा कब्रिस्तान के पास धंसा नाला
इलाहाबाद। बैरहना चौराहा पर गोरा कब्रिस्तान की दीवार से सट कर बह रहा नाला काफी दूर तक धंस गया है। ठीक चौराहे पर सड़क की तरफ नाले की दीवार काफी दूर तक गिर गई है और मिट्टी कटकर नाले में समा गई है। इससे वहां तकरीबन दस फीट चौड़ा गड्ढा हो गया है। शहर से एडीसी, यमुना बैंक रोड होकर नैनी जाने का यह मुख्य मार्ग है लेकिन नगर निगम इसे लेकर इस कदर लापरवाह है कि नाले की मरम्मत दूर यहां सुरक्षा के लिहाज से बांस-बल्ली तक नहीं लगवाया गया। तीन दिन पहले एक दोपहिया वाहन सवार इस नाले में गिर भी चुका है। कब्रिस्तान के ठीक सामने कूड़ा अड्डे के कारण एक तरफ की सड़क पूरी तरह बंद हो गई है। सफाई कर्मचारी मोहल्लों से कूड़ा निकलाकर यहां सड़क पर ही डाल देते हैं। यह नाला किसी भी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
कहीं जानलेवा न हो जाए यमुना बैंक रोड
नैनी से संगम की तरफ आने का एक प्रमुख मार्ग यमुना बैंक रोड श्रद्धालुओं के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। बैरहना चौराहा से पुराने पुल को जोड़ने वाली इस सड़क पर बोट क्लब के कुछ पहले तक यमुना की ओर खतरनाक गड्ढा हो गया है। इसमें बड़ी मात्रा में झाड़ियां उग आई हैं। सड़क से बिलकुर सट कर गड्ढा है। वाहन चालक थोड़ा भी लड़खड़ाए तो गड्ढे में जा सकते हैं। खासतौर पर टर्निंग पर बेहद खतरनाक स्थिति है। प्रशासन को इस पर तत्काल ध्यान देना चाहिए अन्यथा मेले के दौरान बड़ा हादसा हो सकता है।