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अंधेर, वीसी ने खुद मनमाने बेचे फ्लैट

Sun, 02 Dec 2012 05:30 AM IST
Allahabad
Allahabad Updated Sun, 02 Dec 2012 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। इलाहाबाद विकास प्राधिकरण (एडीए) के पूर्व उपाध्यक्ष (वीसी) अनिल कुमार सिंह के खिलाफ अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। एडीए में उपाध्यक्ष रहते उन्होंने 17 ऐसे फ्लैटों का आवंटन बिना रजिस्ट्रेशन और लाटरी के कर दिया, जो विभिन्न कारणों से रिक्त हुए थे। श्री सिंह ने सीधे प्रार्थना पत्र लेकर लोगों को फ्लैट आवंटित किए। यही नहीं कुछ आरक्षित श्रेणी की संपत्ति को अनारक्षित व्यक्तियों को सीधे प्रार्थना पत्र लेकर आवंटित कर दिया। इससे राजस्व का भारी नुकसान हुआ। कमिश्नर देवेश चतुर्वेदी ने इस मामले में जांच कराने के बाद प्रमुख सचिव आवास को पूर्व उपाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा है।
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नियमानुसार एडीए के फ्लैट और आवासीय भूखंडों का आवंटन लाटरी के जरिए होता है। इसके लिए लोगों से आवेदन पत्र लिए जाते हैं फिर इसी के आधार पर सार्वजनिक रूप से लाटरी निकालकर आवंटन होता है लेकिन श्री सिंह ने नियम-कानून को ताख पर रख दिया। उन्होंने अकेले चौफटका स्थित अंबेडकर विहार आवास योजना में 11 फ्लैट का आवंटन सीधे प्रार्थना पत्र लेकर कर दिया, जबकि शहर के बीच में स्थित इस योजना में फ्लैट के लिए एडीए में लोगों की लाइन लगी थी। इसी तरह कालिंदीपुरम, शांतिपुरम एवं आवंतिका कॉलोनी में दो-दो और देवघाट योजना में एक फ्लैट का आवंटन भी किया।
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एक मामले में देवघाट में आवंटित संपत्ति के बदले शांतिपुरम में दे दिया और आवंटी से 10 प्रतिशत परिवर्तन शुल्क भी नहीं लिया। कमिश्नर देवेश चतुर्वेदी ने मामले की जांच कराई तो श्री सिंह के कारनामों का पता चला। कमिश्नर ने मामले को गंभीर मानते हुए प्रमुख सचिव आवास एसएन शुक्ल को पत्र लिखकर शासन स्तर पर भी परीक्षण कराके कार्रवाई करने को कहा।
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पूर्व सचिव को भी दिया फ्लैट!
इलाहाबाद। एडीए में रहे एक पूर्व सचिव को ट्रैफिक चौराहा स्थित जूही आवास योजना में फ्लैट आवंटित किया गया। सूत्रों की मानें तो पूर्व सचिव को आवंटित फ्लैट की कीमत उस वक्त की लगाई गई, जबयोजना तैयार हुई थी। इसी तरह एक पूर्व संयुक्त सचिव ने इलाज और बिजली बिल के नाम पर लाखों रुपए एडीए के खाते से लिए। कमिश्नर इससे संबंधित फाइलें लगातार मांग रहे हैं लेकिन एडीए के अधिकारियों ने अब तक फाइल नहीं उपलब्ध कराई।
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