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पानी पर दौड़ती एंबुलेंस बचाएगी श्रद्धालुओं की जान
Allahabad
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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इलाहाबाद। अबकी महाकुंभ मेले में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को मेले में इलाज और दवाओं के लिए जरा भी दिक्कत नहीं झेलनी पड़ेगी। गंगा या संगम में डुबकी लगाने उतरे किसी स्नानार्थी की तबीयत अचानक बिगड़ जाए या फिर ठंड की वजह से हार्ट अटैक हो जाए तो पानी में ही उनका इलाज शुरू हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से महाकुंभ के दौरान पानी में चार रीवर एंबुलेंस का इंतजाम किया जा रहा है। मोटर बोट पर तैयार खास एंबुलेंस में बीमार स्नानार्थी का तुरंत इलाज शुरू होगा। जरूरत पड़ने पर जीवन रक्षक दवाएं देते हुए मरीज को फौरन पास के किसी घाट पर खड़ी एंबुलेंस से सेंट्रल हॉस्पिटल भेज दिया जाएगा।
महाकुंभ में देश-विदेश से संगम में डुबकी लगाने के लिए कई करोड़ लोगों की भीड़ उमड़ने की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग के सामने बड़ी चुनौती गंगा में स्नान के दौरान अचानक ठंड से अकड़ने या दिल का दौरा पड़ने वाले मरीजों की जान बचाने की है। पिछले अर्द्धकुंभ में एक माह में स्नान के दौरान दो दर्जन से ज्यादा लोगों की ठंडे पानी में उतरते ही हार्ट अटैक के चलते जान चली गई थी। 2001 के महाकुंभ में भी कड़ाके की सर्दी के दौरान ठंडे जल में कई लोगों ने दम तोड़ दिया था। हार्ट अटैक जैसी स्थिति डूबने की घटना में होती है। पानी से बाहर निकालने और मेला क्षेत्र की सड़कों पर ठसाठस भीड़ के बीच अस्पताल ले जाने में इतना वक्त लगता है कि हार्ट अटैक और डूबने से बेहोश व्यक्ति की जान बचनी मुश्किल होती है। ऐसे में इस दफे महाकुंभ में स्वास्थ्य विभाग ने स्नानार्थियों को पानी में ही फौरन इलाज की व्यवस्था की है।
संयुक्त निदेशक, प्रभारी चिकित्सा व्यवस्था कुंभ मेला, मेजर डॉ.बीपी सिंह ने बताया कि महाकुंभ में संगम नोज समेत चार प्रमुख घाटों पर चार रीवर एंबुलेंस की तैनाती की जाएगी। चार मोटरबोट को एंबुलेंस का रूप दिया जा रहा है। हर जल एंबुलेंस में एक अनुभवी एमबीबीएस डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट, दो वार्ड ब्वॉय की तैनाती होगी।
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डूबने वालों केलिए भी रहेगी खास किट
एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर और जीवन रक्षक दवाओं की किट समेत इलाज की जरूरी व्यवस्था रहेगी। डूबते स्नानार्थियों को बचाने के लिए ड्राउनिंग किट भी रहेगी। नहाते समय दौरा पड़ने से बेहोश स्नानार्थी को जीवन रक्षक दवाएं देकर जरूरत पड़ने पर पास के किसी घाट पर तैनात एंबुलेंस वैन तक पहुंचाया जाएगा। जिसमें मरीज को मेला के सेंट्रल हॉस्पिटल या शहर में जिला चिकित्सालय पहुंचाया जाएगा।
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महाकुंभ में देश-विदेश से संगम में डुबकी लगाने के लिए कई करोड़ लोगों की भीड़ उमड़ने की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग के सामने बड़ी चुनौती गंगा में स्नान के दौरान अचानक ठंड से अकड़ने या दिल का दौरा पड़ने वाले मरीजों की जान बचाने की है। पिछले अर्द्धकुंभ में एक माह में स्नान के दौरान दो दर्जन से ज्यादा लोगों की ठंडे पानी में उतरते ही हार्ट अटैक के चलते जान चली गई थी। 2001 के महाकुंभ में भी कड़ाके की सर्दी के दौरान ठंडे जल में कई लोगों ने दम तोड़ दिया था। हार्ट अटैक जैसी स्थिति डूबने की घटना में होती है। पानी से बाहर निकालने और मेला क्षेत्र की सड़कों पर ठसाठस भीड़ के बीच अस्पताल ले जाने में इतना वक्त लगता है कि हार्ट अटैक और डूबने से बेहोश व्यक्ति की जान बचनी मुश्किल होती है। ऐसे में इस दफे महाकुंभ में स्वास्थ्य विभाग ने स्नानार्थियों को पानी में ही फौरन इलाज की व्यवस्था की है।
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संयुक्त निदेशक, प्रभारी चिकित्सा व्यवस्था कुंभ मेला, मेजर डॉ.बीपी सिंह ने बताया कि महाकुंभ में संगम नोज समेत चार प्रमुख घाटों पर चार रीवर एंबुलेंस की तैनाती की जाएगी। चार मोटरबोट को एंबुलेंस का रूप दिया जा रहा है। हर जल एंबुलेंस में एक अनुभवी एमबीबीएस डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट, दो वार्ड ब्वॉय की तैनाती होगी।
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डूबने वालों केलिए भी रहेगी खास किट
एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर और जीवन रक्षक दवाओं की किट समेत इलाज की जरूरी व्यवस्था रहेगी। डूबते स्नानार्थियों को बचाने के लिए ड्राउनिंग किट भी रहेगी। नहाते समय दौरा पड़ने से बेहोश स्नानार्थी को जीवन रक्षक दवाएं देकर जरूरत पड़ने पर पास के किसी घाट पर तैनात एंबुलेंस वैन तक पहुंचाया जाएगा। जिसमें मरीज को मेला के सेंट्रल हॉस्पिटल या शहर में जिला चिकित्सालय पहुंचाया जाएगा।