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हालैंड हाल से भी 128 ‘दबंग’ हुए बाहर

Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
Allahabad
Allahabad Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन को रविवार को तीसरा हॉस्टल खाली करवाने में भी सफलता मिल गई। हालैंड हॉल में कार्रवाई के बाद 128 अवैध लोगों को बाहर निकाला गया। 45 कमरों में ताले लगाए गए। हालांकि प्रिंसिपल बंगले में एक कमरे को लेकर शिक्षकों और अफसरों को पीछे भी हटना पड़ा। बिशप का पत्र होने के कारण उमेश कुमार सिंह को हॉस्टल से बाहर नहीं निकाला जा सका। इसे लेकर हुए विवाद को छोड़ दिया जाए तो अन्य कहीं अधिक प्रतिरोध का सामना नहीं करना पड़ा। अब तक हुई कार्रवाई में तीन छात्रावासों से 286 अवैध लोग बाहर निकाले जा चुके हैं। मंगलवार को डायमंड जुबली तथा समय मिलने पर एसडी जैन में कार्रवाई की जाएगी।
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हर तरफ से दबाव तथा जीएन झा और एसएसएल में कार्रवाई के बाद वर्षों से जमे दबंग भी मान चुके हैं कि छात्रावासों में अब उनके लिए जगह नहीं बची है। इसलिए विरोध का स्वर भी धीरे-धीरे दबने लगा है। हालैंड हॉल में सुबह साढ़े आठ बजे ही चीफ प्रॉक्टर, डीएसडब्ल्यू समेत विश्वविद्यालय के अन्य अफसर भारी फोर्स के साथ पहुंच गए थे। हालैंड हॉल में तीव्र विरोध की आशंका व्यक्त की जा रही थी। वहां अन्य छात्रावासों के अंत:वासियों की बड़ी संख्या देख यह आशंका और बढ़ गई थी लेकिन उनका विरोध केवल हो-हल्ले तक सीमित रहा। पुलिस को कहीं हस्तक्षेप नहीं करना पड़ा। तकरीबन साढ़े चार घंटे तक चार ब्लाक में कुल 122 कमरों की जांच की गई। इस दौरान तीन कमरों के लोगों ने विरोध जताया लेकिन उन्हें प्रॉक्टर के स्तर पर ही समझा लिया गया। 45 कमरों के सभी 90 लोग अवैध थे। इसलिए उन्हें बाहर कर कमरों में ताला लगा दिया गया। अन्य 38 कमरों से भी एक-एक अवैध अंत:वासी बाहर किए गए। डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर आरके सिंह ने बताया कि वैध छात्रों को जल्द ही कमरों में कब्जा दिला दिया जाएगा। प्रक्रिया शुरू है। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर माता अंबर तिवारी ने बताया कि अब मंगलवार को कार्रवाई होगी।
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डीजे, एसडी जैन में कल रेड
छात्रावासों में कार्रवाई के क्रम में मंगलवार को सुबह आठ बजे डायमंड जुबली छात्रावास में रेड डाली जाएगी। समय से कार्रवाई हो गई और फोर्स उपलब्ध रही तो इसके बाद एसडी जैन छात्रावास में भी वैध छात्रों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर आरके सिंह ने बताया कि सोमवार को इंदिरा मैराथन के कारण फोर्स उपलब्ध नहीं हो पाएगी। इसलिए इस दिन कार्रवाई स्थगित की गई है।
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हर कोई ढूंढ़ रहा था अमित को
हालैंड हाल में कार्रवाई के दौरान हर कोई हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले अमित कुमार को ढूंढ़ रहा था। इसी छात्र की याचिका पर हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन को छात्रावासों में अवैध लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। याचिका दाखिल करने के एक सप्ताह के अंदर ही अमित को हास्टल में 26 नंबर कमरे में कब्जा मिल गया था। भौतिक सत्यापन के दौरान भी वह मौजूद रहा लेकिन उसके बाद पीछे हट गया।
...पर नहीं खाली हुआ प्रिंसिपल हाउस
इलाहाबाद। 15 नवंबर से शुरू कार्रवाई में जीएन झा, एसएसएल फिर हालैंड हाल को खाली कराया गया लेकिन हालैंड हाल में विश्वविद्यालय प्रशासन को उमेश कुमार सिंह के लिए पीछे हटना पड़ा। हॉस्टल के प्रिंसिपल बंगले में 14 कमरे हैं। इनमें पहले प्रधानाचार्य रहते थे लेकिन यह व्यवस्था समाप्त होने के बाद वहां छात्रों को रखा जाने लगा। रविवार को कार्रवाई के दौरान इन कमरों को भी अवैध लोगों सेे खाली कराया गया लेकिन वहां एक कमरे में रह रहे उमेश का कहना था कि बिशप ने उन्हें हॉस्टल का लिगल एडवाइजर बनाया है। साथ में उनकी तरफ से उन्हें 14 नंबर कमरा भी एलाट किया गया है। उमेश ने इसके पक्ष में बिशप का पत्र भी दिखाया। इसके विपरीत डीएसडब्ल्यू का कहना था कि हास्टल में लिगल एडवाइजर की क्या जरूरत है। इसे लेकर काफी विवाद हुआ। इस दौरान लोगों ने यह मुद्दा भी उठाया कि छात्रावास परिसर में पुलिस के दो अफसरों समेत तीन अन्य लोगों को भी कमरे एलाट हैं। पहले उन्हें हटाया जाए। अंत:वासियों ने रणजीत सिंह को अधीक्षक बनाए रखने पर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि सभी हास्टल के अधीक्षक बदल दिए गए हैं लेकिन रणजीत सिंह वर्षों से है। इन सब विवादों के बीच चीफ प्रॉक्टर ने उमेश को दो घंटे में बिशप से बात कराने को कहा। तब तक के लिए उस कमरे में कार्रवाई रोक दी गई। हालांकि देर रात तक विश्वविद्यालय के अफसरों की बिशप से वार्ता नहीं हो पाई थी। उमेश भी हास्टल में बने हैं।

उमेश का पूर्व में छात्रावास के निरीक्षण के दौरान कुलपति से भी विवाद हो चुका है। इसके बाद कुलपति ने भी उन्हें बाहर निकालने को कहा था लेकिन कुछ नहीं हुआ। डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर आरके सिंह का कहना है कि कुलपति को पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया गया है। उस कमरे में भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
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