फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   बसपा से छिनी जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी

बसपा से छिनी जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी

Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
Allahabad
Allahabad Updated Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद। एक साल और दस माह तक जिला पंचायत अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद सोमवार को बसपा की केशरी देवी पटेल ने अपनी कुर्सी गंवा दी। उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की बैठक में सभी 75 जिला पंचायत सदस्यों ने भागीदारी की। इनमें से 53 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी सहमति जताई और 22 सदस्य इससे असहमत रहे। केशरी पर अविश्वास जताने वालों की संख्या बहुमत में थी, सो उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया गया। बैठक की अध्यक्षता कर रहे सिविल जज विजय पाल ने परिणाम की आधिकारिक रूप से घोषणा की। इस जीत पर सपाइयों ने खूब जश्न मनाया और जिला पंचायत परिसर के बाहर सड़क पर पटाखे फोड़े।
विज्ञापन

कड़ी सुरक्षा के बीच बैठक सोमवार सुबह 11 बजे जिला पंचायत सभागार में शुरू हुई। जिला पंचायत परिसर को बैरिकेडिंग कर चारों तरफ से घेर दिया गया था और तमाम सपाइयों एवं बसपाइयों को बैरिकेडिंग से बाहर रोक दिया गया था। बैठक में सिर्फ सदस्यों को उपस्थित रहने की मंजूरी मिली। यहां तक कि एएमए पुष्पा मिश्रा को भी बैठक में आने की मंजूरी नहीं दी गई। बैठक की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला जज बीके श्रीवास्तव ने अध्यक्षता के लिए सिविल जज विजय पाल को नामित किया था। अविश्वास प्रस्ताव पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सपा की रेखा सिंह की ओर से डीएम को दिए गए जिला पंचायत के 52 सदस्यों के हस्ताक्षर वाले आवेदन के आधार पर लाया गया। केशरी देवी के खिलाफ 75 में से 53 सदस्यों ने मतदान किया। यानी जिन्होंने आवेदन में हस्ताक्षर किए थे, सभी ने अविश्वास प्रस्ताव पर दोबारा अपनी सहमति जताई। हालांकि केशरी को उनकी कुर्सी से हटाने के लिए महज 38 सदस्यों की सहमति चाहिए थी। सिविल जज ने परिणाम घोषित करते हुए बताया कि इस अविश्वास प्रस्ताव से जुड़ी अन्य सभी कार्यवाही अब हाईकोर्ट का निर्णय आने के बाद उसके अनुरूप पूरी की जाएगी।
विज्ञापन

‘सपा सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह विधानसभा चुनाव में अपने पुत्र की हार से बैखलाए हुए हैं। उन्होंने शासन की ताकत का दुरुपयोग करते हुए सदस्यों को डराया-धमकाया और मेरे खिलाफ मतदान करने के लिए मजबूर किया। इलाहाबाद प्रशासन और रेवती रमण सिंह ने मिलकर मुझे हराया।’
विज्ञापन
विज्ञापन

केशरी देवी पटेल
‘जिला पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार से सभी त्रस्त थे। केशरी देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होने का मतलब है कि मुझे भ्रष्टाचार के खिलाफ जीत मिली। शासन की ताकत का कोई दुरुपयोग नहीं किया गया। हारने वालों के पास कोई तर्क नहीं, सो मनमाने आरोप लगा रहे हैं।’
रेखा सिंह
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed