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महाकुंभ पर बारिश का ब्रेक

Allahabad Updated Fri, 06 Jul 2012 12:00 PM IST
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0 विभागों को अब एक-एक दिन पड़ेगा भारी
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0 बीतने लगी काम पूरा करने की समय सीमा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। मॉनसून आते ही कुंभ की उलटी गिनती भी शुरू हो गई है। महाकुंभ 2012-13 शुरू होने में सिर्फ छह माह शेष रह गए हैं। अरबों रुपयों की लागत से महाकुंभ के तहत कराए जाने वाले कार्यों को पूरा करने के लिए अलग-अलग समय सीमा तय की गई थी। समय अब तेजी से बीतने लगा है और काम अधूरे पड़े हैं। कुछ कार्यों की तो समय सीमा भी समाप्त हो चुकी है। बारिश शुरू हो जाने के कारण महाकुंभ से जुड़े कार्यों पर मंडरा रहा संकट और बढ़ गया है। मौके पर जो हालत है, उसे देखकर फिलहाल यही लगता है कि विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण, सड़क चौड़ीकरण, डिवाइडर, पक्के घाटों का निर्माण तय समय सीमा के भीतर पूरा कर पाना अफसरों के लिए मुश्किल होगा।

बिजली विभाग ने दिया झटका
सबसे पहले बिजली विभाग कुंभ के लक्ष्य से भटका। विभाग ने पोल शिफ्टिंग का काम 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया था। समय बीत चुका है और 30 फीसदी काम अब तक पूरा नहीं हुआ। अगर बारिश अगले कुछ दिनों तक जारी रही तो काम पूरी तरह से ठप हो जाएगा। बिजली विभाग को पांच नए उपकेंद्रों का निर्माण और 14 पुराने उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने का काम अक्तूबर तक पूरा करना है। विभाग के पास महज चार माह का वक्त शेष रह गया है। बारिश के कारण बीच में काम ठप रहेगा। ऐसे में उम्मीद बहुत कम है कि विभाग इन कार्यों को समय से पूरा कर सके। इसके साथ ही बिजली विभाग को शहर में 60 किलोमीटर की दूरी तक अंडरग्राउंड केबल बिछाना है। इस कार्य की अभी कोई गिनती ही नहीं की जा रही।

सड़क किनारे खुदे गड्ढे बने तालाब
पीडब्ल्यूडी से जुड़े कार्यों की हालत और भी बदतर है। शहर की दो दर्जन सड़कें चौड़ी की जानी हैं। ज्यादातर सड़कों की पटरियां खोदकर छोड़ दी गई हैं। पटरियों पर दो से तीन फीट गहरे गड्ढे हैं। पटरी के कुछ हिस्सों को तो गिट्टी से पाट दिया गया है जबकि कुछ हिस्सा खुदा हुआ छोड़ दिया गया। बृहस्पतिवार शाम हुई हल्की सी बारिश में इलाहाबाद-कानपुर रोड पर धोबीघाट चौराहा से बालसन चौराहा तक सड़क किनाने खुदी पटरियां तालाब बन र्गईं। इसी तरह जॉर्जटाउन में मदन मोहन मालवीय रोड के किनारे भी गड्ढों में पानी भर गया। अगर बारिश थमती भी है तो पहले गड्ढों में भरा पानी बाहर निकालना होगा और उसके बाद काम शुरू हो सकेगा। ऐसे में अक्तूबर तक यह काम भी पूरा होता नजर नहीं आ रहा।

बारिश के बाद बाढ़ में डूबेंगे घाट
बारिश थमने के बाद अन्य कार्य तो शुरू भी किए जा सकते हैं लेकिन यमुना किनारे बनाए जा रहे तीन पक्के घाटों का निर्माण बाढ़ की वजह से अटका रहेगा। घाट निर्माण को लेकर भी शुरू से विवाद होने के कारण काम समय से शुरू नहीं हो सका। सेना की आपत्ति के कारण पांच में से दो घाटों के निर्माण का इरादा प्रशासन ने छोड़ दिया। अब तीन घाट ही बनाए जा रहे हैं। बारिश शुरू हो जाने के कारण घाट का निर्माण भी कुछ दिनों के लिए रुक जाएगा और उसके बाद बाढ़ की वजह से काम रुका रहेगा।

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