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Prayagraj News: आरओ/एआरओ प्री में ही छंट जाएंगे 99 फीसदी अभ्यर्थी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Dec 2023 01:08 AM IST
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99 percent candidates will be screened out in RO/ARO pre only
समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ)-2023 की प्रारंभिक परीक्षा 11 फरवरी 2024 को प्रस्तावित है। इसके लिए रिकार्डतोड़ आवेदन आए हैं, जिनमें से 99 फीसदी से अधिक अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में ही छंट जाएंगे। आरओ/एआरओ के एक पद पर 2603 अभ्यर्थियों की दावेदारी है।
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने नौ अक्तूबर 2023 को आरओ/एआरओ के 411 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। आवेदन की अंतिम तिथि नौ नवंबर थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 24 नवंबर कर दिया गया था। इस परीक्षा के लिए रिकार्डतोड़ 1069725 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। आयोग की किसी भी परीक्षा के लिए पहली बार इतनी बड़ी संख्या में आवेदन किए गए हैं।
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आरओ/एआरओ के 411 पदों पर भर्ती होनी है और यूपीपीएससी के नियमों के अनुसार प्रारंभिक परीक्षा में पदों की संख्या के मुकाबले 15 गुना अभ्यर्थियों को सफल किए जाने का प्रावधान है। इस हिसाब से आरओ/एआरओ की प्रारंभिक परीक्षा में केवल 6165 अभ्यर्थी (0.57 फीसदी) ही सफल हो सकेंगे और 10 लाख 63 हजार 560 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा से पहले ही छंटकर भर्ती की दौड़ से बाहर हो जाएंगे।
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यानी आवेदन करने वालों में 99 फीसदी से अधिक अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा तक नहीं पहुंच सकेंगे। आंकड़ों से स्पष्ट है कि इस बार स्पर्धा काफी कठिन होने जा रही है। हालांकि, नियम यह भी है कि किसी भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी होने से पहले जितने नए पदों का अधियाचन मिलता है, उन्हें संबंधित भर्ती में शामिल कर लिया जाता है। अगर नए पदों का अधियाचन मिलता है तो कुछ पद बढ़ जाएंगे और अभ्यर्थियों को थोड़ी राहत मिलेगी।
पहले आयोग ओर से आयोजित की जाने वाली प्रारंभिक परीक्षा में पदों की संख्या के मुकाबले 18 गुना अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया जाता था। बाद में आयोग ने यह मानक बदलते हुए 13 गुना कर दिया था, जिसका काफी विरोध हुआ था और अभ्यर्थियों ने आंदोलन किया था। अभ्यर्थियों की मांग पर आयाेग ने यह मानक बढ़ाकर 15 गुना कर दिया था, जो वर्तमान में लागू है।

प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का कहना है कि आयोग को पूर्व की भांति प्रारंभिक परीक्षा में पदों की संख्या के मुकाबले 18 गुना अभ्यर्थियों काे सफल घोषित करना चाहिए। अगर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी छंटकर बाहर हो जाएंगे तो उन्हें अगली भर्ती के लिए कम से कम एक साल इंतजार करना पड़ा है। कई भर्तियां तो वर्षों बाद आती हैं और भर्ती के इंतजार में अभ्यर्थी ओवरएज हो जाते हैं।
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